बोधगया में 9 वर्षीय बच्चे की मौत से सनसनी, 36 घंटे बाद मुहाने नदी से मिला शव

गया। बिहार के गया जिले के बोधगया थाना क्षेत्र के बतसपुर गांव में 9 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शुक्रवार की शाम से लापता चल रहे बच्चे का शव करीब 36 घंटे बाद रविवार की सुबह मुहाने नदी से बरामद किया गया। मृतक की पहचान बतसपुर गांव निवासी स्वर्गीय बीरेंद्र गिरी के 9 वर्षीय पुत्र अनिकेत राज गिरी के रूप में हुई है। बच्चे का शव नदी से मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में भी मातम का माहौल है।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। जिस बच्चे की तलाश परिवार और ग्रामीण पिछले करीब दो दिनों से कर रहे थे, उसका शव नदी में मिलने की खबर ने सभी को झकझोर दिया। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश भी देखा जा रहा है। लोगों के बीच बच्चे की मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं और घटना की पूरी सच्चाई सामने आने की मांग की जा रही है।

शुक्रवार शाम से लापता था अनिकेत

स्वजनों के अनुसार अनिकेत राज गिरी शुक्रवार की शाम से लापता था। शाम होने के बाद जब वह घर नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। पहले आसपास के इलाकों में बच्चे को खोजा गया। रिश्तेदारों और परिचितों से भी उसके बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया। लेकिन काफी खोजबीन के बावजूद अनिकेत का कोई पता नहीं चल सका।

बच्चे के अचानक गायब होने से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती चली गई। परिजन रातभर परेशान रहे और बच्चे की तलाश में जुटे रहे। इसके बाद शनिवार को भी परिवार के साथ ग्रामीणों ने अलग-अलग जगहों पर उसकी खोज की। गांव और आसपास के संभावित स्थानों पर बच्चे की तलाश की जाती रही।

करीब 36 घंटे तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिलने के कारण परिवार की बेचैनी बढ़ती गई। हर गुजरते समय के साथ परिजनों की उम्मीद और चिंता दोनों बढ़ती रही। इसी बीच रविवार की सुबह मुहाने नदी से बच्चे का शव बरामद होने की सूचना मिली।

मुहाने नदी से शव बरामद होने के बाद मचा हड़कंप

रविवार सुबह मुहाने नदी में अनिकेत का शव मिलने की खबर फैलते ही बतसपुर गांव सहित आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। शव की पहचान अनिकेत राज गिरी के रूप में होने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

जिस बच्चे को परिजन दो दिनों से सुरक्षित वापस लौटने की उम्मीद में तलाश रहे थे, उसका शव मिलने की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। मृतक की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का दुख देखकर आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

ग्रामीणों के मुताबिक अनिकेत की तलाश में स्थानीय लोगों ने भी परिवार का साथ दिया था। शुक्रवार शाम से लेकर शनिवार तक बच्चे को खोजने के लिए लगातार प्रयास किए गए। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। रविवार को नदी से शव मिलने के बाद इलाके का माहौल गमगीन हो गया।

ग्रामीणों में आक्रोश, घटना की जांच की मांग

बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि 9 साल के बच्चे का इस तरह लापता होना और करीब 36 घंटे बाद नदी से उसका शव मिलना गंभीर मामला है। ग्रामीण घटना की पूरी जांच किए जाने की मांग कर रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अनिकेत नदी तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।

घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि बच्चे की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने से पहले किसी तरह के अनुमान पर पहुंचना उचित नहीं होगा। घटना की परिस्थितियों की जांच के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।

परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और अगर बच्चे की मौत के पीछे किसी तरह की लापरवाही या अन्य कारण सामने आता है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाए।

दो दिनों तक परिवार ने जारी रखी तलाश

अनिकेत के लापता होने के बाद उसके परिवार के लिए बीते करीब दो दिन बेहद मुश्किल रहे। बच्चे के अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने अपने स्तर से उसकी तलाश शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई।

परिवार के लिए सबसे मुश्किल स्थिति यह थी कि बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही थी। हर बार किसी स्थान से उसके मिलने की उम्मीद होती, लेकिन तलाश बेनतीजा रहती। इस दौरान ग्रामीण भी परिवार के साथ खड़े रहे और बच्चे की खोज में मदद करते रहे।

रविवार की सुबह जब मुहाने नदी से शव बरामद हुआ तो परिवार की सारी उम्मीदें खत्म हो गईं। बच्चे की मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

मां का रो-रोकर बुरा हाल

अनिकेत की मौत का सबसे गहरा असर उसकी मां पर पड़ा है। बच्चे के शव की खबर मिलने के बाद से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है।

ग्रामीण परिवार को ढांढस बंधाने के लिए उसके घर पहुंच रहे हैं। गांव में हर तरफ अनिकेत की मौत की चर्चा है। लोग इस घटना को लेकर दुखी हैं और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

अनिकेत महज 9 साल का था। इतनी कम उम्र में उसकी मौत ने ग्रामीणों को भी झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार के लिए बच्चे को खोने का दर्द बेहद असहनीय है और ऐसे समय में पूरे गांव को परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए।

मौत की असली वजह जांच के बाद होगी स्पष्ट

मुहाने नदी से शव बरामद होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल बच्चे की मौत की परिस्थितियों को लेकर है। वह शुक्रवार शाम से कहां था, नदी तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किस वजह से हुई—इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश को देखते हुए मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच जरूरी मानी जा रही है। परिवार भी चाहता है कि घटना की वास्तविकता सामने आए और बच्चे की मौत के पीछे अगर कोई जिम्मेदार व्यक्ति या परिस्थिति है तो उसका पता लगाया जाए।

फिलहाल बच्चे के शव मिलने के बाद गांव का माहौल बेहद गमगीन है। एक तरफ परिवार अपने मासूम बेटे को खोने के सदमे में है, तो दूसरी ओर ग्रामीण इस घटना को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अनिकेत की मौत ने पूरे बतसपुर गांव को झकझोर दिया है।

परिवार को इंसाफ का इंतजार

9 वर्षीय अनिकेत राज गिरी की मौत के बाद अब उसके परिवार और ग्रामीणों को घटना की सच्चाई सामने आने का इंतजार है। शुक्रवार शाम से शुरू हुई तलाश रविवार सुबह बच्चे के शव मिलने के साथ खत्म तो हुई, लेकिन परिवार के सामने कई सवाल छोड़ गई।

करीब 36 घंटे तक बच्चे की तलाश के बाद नदी से शव बरामद होना इस मामले को और गंभीर बना देता है। ऐसे में घटना की परिस्थितियों की पूरी जांच कर सच्चाई सामने लाना जरूरी है। फिलहाल परिवार गहरे सदमे में है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।