राष्ट्रीय ध्वज दिवस पर बच्चों ने कहा— "आन, बान और शान हमारा तिरंगा"; कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और मध्य विद्यालय में हुआ भव्य आयोजन

भागलपुर (गोराडीह): राष्ट्रीय ध्वज दिवस के अवसर पर गोराडीह प्रखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, जगदीशपुर तथा मध्य विद्यालय, जगदीशपुर में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और गर्व के साथ तिरंगे के सम्मान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने एक स्वर में कहा, "आन, बान और शान हमारा तिरंगा", जिससे पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, संविधान के प्रति आस्था और देश के प्रति कर्तव्यबोध की भावना विकसित करना था। विद्यालय के शिक्षकों ने भी छात्रों को तिरंगे का महत्व समझाते हुए उसके सम्मान और गौरव को बनाए रखने का संदेश दिया।

राष्ट्रीय ध्वज के महत्व पर प्रकाश

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देकर की गई। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास, उसके तीन रंगों और अशोक चक्र के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि तिरंगा केवल एक झंडा नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, एकता, अखंडता और करोड़ों भारतीयों के आत्मसम्मान का प्रतीक है। केसरिया रंग साहस और त्याग, सफेद रंग शांति और सत्य तथा हरा रंग समृद्धि और विकास का संदेश देता है, जबकि बीच में स्थित अशोक चक्र निरंतर प्रगति और गतिशीलता का प्रतीक है।

बच्चों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, समूहगान, कविता पाठ, भाषण और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। "झंडा ऊंचा रहे हमारा", "ऐ वतन, वतन मेरे आबाद रहे तू" और अन्य देशभक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से भर दिया।

कई बच्चों ने स्वतंत्रता सेनानियों की वेशभूषा में मंच पर प्रस्तुति देकर महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महान व्यक्तित्वों के योगदान को याद किया।

"आन, बान और शान हमारा तिरंगा"

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारे लगाए। बच्चों ने कहा कि तिरंगा देश की शान है और हर भारतीय का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करे।

विद्यालय परिसर में "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "जय हिंद" जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। इस दौरान छात्रों ने संकल्प लिया कि वे हमेशा देश के संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करेंगे।

शिक्षकों ने दिया प्रेरणादायक संदेश

विद्यालय के शिक्षकों ने अपने संबोधन में कहा कि देशभक्ति केवल राष्ट्रीय पर्वों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन का हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षकों ने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य के भारत का निर्माण करेंगे। इसलिए उनमें अच्छे संस्कार, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।

राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान की दिलाई शपथ

कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान की शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे हमेशा राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करेंगे, किसी भी परिस्थिति में उसका अपमान नहीं होने देंगे और देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने में अपना योगदान देंगे।

विद्यालय प्रशासन ने छात्रों को राष्ट्रीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) की भी जानकारी दी और बताया कि तिरंगे का सही तरीके से उपयोग और सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

अभिभावकों और स्थानीय लोगों की सहभागिता

कार्यक्रम में कई अभिभावक और स्थानीय गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और विद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम को राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला बताया।

स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में देश के प्रति प्रेम, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यालय परिवार को सफल आयोजन के लिए बधाई भी दी।

देशभक्ति के माहौल में संपन्न हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी छात्रों को प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा रहा। तिरंगे की शान, देशभक्ति गीतों की गूंज और बच्चों के उत्साह ने यह संदेश दिया कि नई पीढ़ी अपने राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति पूरी तरह जागरूक और सम्मानित भाव रखती है।

राष्ट्रीय ध्वज दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, एकता, अनुशासन और संविधान के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने की एक प्रेरणादायक पहल भी साबित हुआ।