मध्य विद्यालय कुलकुलिया सैतपुरा में बच्चों को सिखाए जल सुरक्षा के उपाय सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम में नाव दुर्घटना और डूबने से बचाव की दी गई जानकारी, आपदा के समय सतर्क रहने का संदेश

कहलगांव : कहलगांव स्थित मध्य विद्यालय कुलकुलिया सैतपुरा में शनिवार को सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के तहत बच्चों को नाव दुर्घटनाओं और डूबने की घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को जल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और संभावित दुर्घटनाओं के दौरान सावधानी बरतने के लिए तैयार करना था। इस दौरान शिक्षकों ने बच्चों को नदी, तालाब, पोखर और अन्य जलस्रोतों के आसपास बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को समझाया गया कि बारिश और बाढ़ के समय जलस्रोतों का स्वरूप तेजी से बदल जाता है। ऐसे में नदी और तालाब के किनारे जाना, तेज बहाव वाले पानी में उतरना या बिना जानकारी के नाव पर सवार होना जानलेवा साबित हो सकता है। बच्चों को विशेष रूप से सलाह दी गई कि वे किसी भी परिस्थिति में अकेले नदी या गहरे पानी के पास न जाएं और अभिभावकों की अनुमति के बिना नाव की सवारी न करें।

नाव यात्रा के दौरान सावधानी जरूरी

शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि नाव से यात्रा करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। नाव पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों को बताया गया कि नाव में बैठने के बाद अनावश्यक रूप से खड़े नहीं होना चाहिए और नाविक के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

बच्चों को यह भी जानकारी दी गई कि नाव में यात्रा करते समय लाइफ जैकेट या अन्य उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए। नाव में किसी प्रकार की लापरवाही, धक्का-मुक्की या पानी में झांकने के लिए किनारे की ओर झुकना खतरनाक हो सकता है।

डूबने की घटना से बचाव के तरीके बताए

कार्यक्रम में बच्चों को डूबने की घटनाओं से बचने के उपाय भी बताए गए। शिक्षकों ने कहा कि किसी व्यक्ति को पानी में डूबता देखकर बिना सोचे-समझे सीधे पानी में कूदना नहीं चाहिए। यदि तैरना नहीं आता है तो ऐसा प्रयास खुद के लिए भी खतरा बन सकता है।

बच्चों को बताया गया कि डूब रहे व्यक्ति की मदद के लिए आसपास मौजूद रस्सी, डंडा, कपड़ा, ट्यूब या अन्य तैरने वाली वस्तु का सहारा लिया जा सकता है। साथ ही तुरंत आसपास के लोगों और जिम्मेदार व्यक्तियों को सूचना देने तथा जरूरत पड़ने पर आपातकालीन सहायता लेने की सलाह दी गई।

बच्चों को बाढ़ के दौरान विशेष सतर्कता का संदेश

कहलगांव और आसपास के क्षेत्रों में नदी और जलस्रोतों की मौजूदगी को देखते हुए बच्चों को बाढ़ के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि बाढ़ का पानी कई बार सड़क, खेत और गलियों को ढक लेता है। ऐसे पानी में गड्ढे, खुले नाले, बिजली के तार या तेज बहाव जैसी खतरनाक स्थितियां छिपी हो सकती हैं।

बच्चों से कहा गया कि वे बाढ़ के पानी में खेलने या तैरने की कोशिश न करें। किसी भी जलमग्न रास्ते से गुजरने से पहले बड़ों की सलाह लें और सुरक्षित रास्ते का ही इस्तेमाल करें।

जागरूकता को बताया दुर्घटना रोकने का प्रभावी माध्यम

विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि बच्चों में जल सुरक्षा की जानकारी विकसित करना बेहद जरूरी है। बच्चे स्वयं सुरक्षित रहने के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों को भी सावधान कर सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को जल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न नियमों को दोहराने के लिए कहा गया। शिक्षकों ने उन्हें बताया कि सावधानी और जागरूकता से कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

सुरक्षित शनिवार का उद्देश्य

विद्यालय में आयोजित सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय उन्हें दैनिक जीवन में आने वाली संभावित आपदाओं और दुर्घटनाओं से निपटने की जानकारी देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी उत्साहजनक रही और उन्होंने जल सुरक्षा से संबंधित सवाल भी पूछे।