श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए प्रशासन और रेलवे के व्यापक प्रबंध, सुल्तानगंज में उमड़ी भारी भीड़

भागलपुर:विश्व प्रसिद्ध पवित्र श्रावणी मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों और कांवरियों की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन, राज्य सरकार और रेलवे द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बिहार के ऐतिहासिक सिल्क सिटी भागलपुर और उत्तरवाहिनी गंगा तट सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक के पूरे मेला क्षेत्र में शिवभक्तों की सुगमता के लिए विशेष प्रशासनिक नीतियां लागू की गई हैं। रिकॉर्ड संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन, सुरक्षा, चिकित्सा और ठहरने के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं।

सुल्तानगंज स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़ और रेलवे के विशेष प्रबंध

श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, मेला क्षेत्र के प्रमुख स्टेशनों पर लाखों की संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं।

यात्रियों की संख्या में बंपर वृद्धि: पूर्व रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सुल्तानगंज स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 39.43 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो कांवरियों की बढ़ती आस्था और भारी आमद को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त कोचों का संचालन: श्रद्धालुओं की सुगम रेल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व रेलवे द्वारा कई जोड़ी विशेष मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है तथा नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त सामान्य कोच जोड़े गए हैं। इसके अलावा, सुल्तानगंज और जसीडीह जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव का समय बढ़ाकर 5 मिनट कर दिया गया है ताकि यात्रियों को ट्रेन से उतरने और चढ़ने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आधुनिक तकनीक और डिजिटल सुविधाओं का सहारा

इस बार श्रावणी मेले को पूरी तरह हाई-टेक और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने तकनीकी का व्यापक उपयोग किया है:

श्रावणी मेला मोबाइल ऐप: श्रद्धालुओं की सहायता के लिए विशेष रूप से 'श्रावणी मेला मोबाइल ऐप' और डिजिटल हेल्पडेस्क की शुरुआत की गई है, जिससे यात्रियों को रूट, ट्रेन के समय, स्वास्थ्य शिविरों और ठहरने के स्थानों की पल-पल की जानकारी मिल रही है।

सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी: कांवरिया पथ और घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

ठहरने के लिए भव्य टेंट सिटी और बुनियादी सुविधाएं

लाखों की संख्या में पहुँचने वाले शिवभक्तों को विश्राम और आवास की बेहतर सुविधा देने के लिए राज्य सरकार के मार्गदर्शन में भागलपुर, मुंगेर और बांका जिलों के मेला क्षेत्रों में विशाल टेंट सिटी का निर्माण कराया गया है।

इन टेंट सिटी में हजारों बेड्स के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्नानघर, निरंतर बिजली आपूर्ति और प्रकाश की मुकम्मल व्यवस्था की गई है।

महिला श्रद्धालुओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष पंडाल और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

चिकित्सा सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं चौबीसों घंटे सक्रिय

यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत राहत देने के लिए रेलवे स्टेशनों और पूरे कांवरिया मार्ग पर मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं:

सभी प्रमुख स्टेशनों एवं चिकित्सा शिविरों में डॉक्टरों और पारा मेडिकल स्टाफ की तैनाती चौबीसों घंटे के लिए की गई है।

बुजुर्ग, बीमार तथा दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से व्हीलचेयर सहायता और एंबुलेंस की त्वरित सेवा उपलब्ध कराई गई है, ताकि हर यात्री की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।

यातायात नियंत्रण और रूट डायवर्जन

सुल्तानगंज और भागलपुर क्षेत्र में सुगम सड़क यातायात के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक और रूट डायवर्जन से पैदल चलने वाले कांवरियों को किसी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों के आपसी तालमेल से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर शिवभक्त बिना किसी कठिनाई के अपनी पवित्र यात्रा पूरी कर सके।