श्रावणी मेले में शिवभक्त कांवरियों की सेवा के लिए उमड़ा पूरा शहर
भागलपुर, विशेष संवाददाता: देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ धाम और गोनू धाम की कठिन और पवित्र यात्रा पर निकले शिवभक्तों के स्वागत और उनकी सुविधाओं के लिए रेशमी नगरी भागलपुर पूरी तरह से शिवमय हो चुकी है। श्रावण मास के इस पावन अवसर पर उत्तरवाहिनी गंगा तट सुल्तानगंज से लेकर भागलपुर शहर और विभिन्न कांवरिया मार्गों पर जिला प्रशासन तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा व्यापक स्तर पर सेवा शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों में कांवरियों की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखा जा रहा है, जिससे उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा और अधिक सुगम और आनंददायक बन रही है।
उत्तरवाहिनी गंगा तट से लेकर मुख्य मार्गों तक उमड़ा सेवा भाव
श्रावण मेले के दौरान भागलपुर पहुंचने वाले लाखों कांवरियों के लिए इस बार प्रशासन और समाजसेवियों ने मिलकर ऐसी व्यवस्था की है जो अद्भुत मिसाल पेश कर रही है:
भोजन और फलाहार की अनूठी व्यवस्था: कांवरिए जब गंगा घाटों पर पवित्र डुबकी लगाने के बाद जल भरकर अपनी यात्रा शुरू करते हैं, तो रास्ते भर उन्हें ऊर्जावान बनाए रखने के लिए विभिन्न सेवा शिविरों में शुद्ध शाकाहारी भोजन, चाय, दूध, और फलाहार (फल, जूस, सूखे मेवे) की मुफ्त व्यवस्था की गई है।
चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं: लगातार नंगे पैर चलने के कारण कांवरियों के पैरों में छाले पड़ जाना या थकान से अस्वस्थ होना आम बात है। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकांश शिविरों में डॉक्टरों की टीम, फर्स्ट-एइम किट और दर्द निवारक दवाओं के साथ मालिश करने वाले सेवादार भी तैनात किए गए हैं।
जिला प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था
भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा कांवरियों की सुरक्षा, सुगमता और स्वच्छता को लेकर इस वर्ष विशेष तैयारियां की गई हैं:
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है।
पेयजल और प्रकाश की व्यवस्था: कांवरिया पथ पर दूर-दूर तक अस्थायी शौचालयों, यूरिनल्स, और शुद्ध पेयजल के लिए वाटर टैंकरों की व्यवस्था की गई है। रात के समय कांवरियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए पूरे मार्ग पर हाई-मास्ट और एलईडी लाइट्स लगाई गई हैं।
सामाजिक और धार्मिक संगठनों की बढ़-चढ़कर भागीदारी
प्रशासन के साथ-साथ भागलपुर के स्थानीय युवा, व्यापारी वर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठन बढ़-चढ़कर कांवर सेवा में जुटे हुए हैं:
निशुल्क विश्राम गृह और टेंट सिटी: कई संस्थाओं द्वारा बड़े-बड़े टेंट लगाए गए हैं जहां कांवरिए रात के वक्त आराम कर सकते हैं या बारिश के मौसम में सुरक्षित रह सकते हैं।
जूता-चप्पल घर और खोया-पाया केंद्र: कांवरियों की सुविधा के लिए उनके सामान को सुरक्षित रखने और बिछड़े हुए लोगों को अपनों से मिलाने के लिए अलग से सहायता काउंटर बनाए गए हैं, जो चौबीस घंटे सक्रिय हैं।
कांवरियों में उत्साह और प्रशासन के प्रति आभार
देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्तों ने भागलपुर के लोगों और प्रशासन की मेहमाननवाज़ी की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। कांवरियों का कहना है कि रास्ते भर मिलने वाली इस आत्मीय सेवा और समर्पण से उनकी थकान छूमंतर हो जाती है और बाबा के प्रति उनकी आस्था और अधिक प्रगाढ़ हो जाती है।
भागलपुर में श्रावणी मेले के दौरान की गई ये व्यापक व्यवस्थाएं यह साबित करती हैं कि जब प्रशासन और जनता मिलकर किसी धार्मिक और सामाजिक आयोजन की कमान संभालते हैं, तो वह ऐतिहासिक बन जाता है। सेवा शिविरों में मिल रहा अपनापन और प्रशासनिक सतर्कता इस कांवर यात्रा को हर शिवभक्त के लिए जीवनभर का एक सुखद और अविस्मरणीय अनुभव बना रही है।