छात्र आंदोलन के समर्थन में शहर के होटल में हुई अहम बैठक; गिरफ्तार छात्रों की बेर्दग रिहाई और दर्ज मुकदमे वापस लेने की उठी पुरजोर मांग, एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का हुआ बड़ा ऐलान
भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर में छात्र हितों, उनके अधिकारों और विभिन्न मुद्दों को लेकर सुलग रही सुगबुगाहट अब संगठित रूप लेती जा रही है। हाल ही में हुए एक छात्र आंदोलन के समर्थन में शहर के एक प्रतिष्ठित होटल के सभागार में विभिन्न छात्र संगठनों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्रबिंदु आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए निर्दोष छात्रों की बिना शर्त रिहाई सुनिश्चित करना और उनके ऊपर दर्ज किए गए तमाम फर्जी मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेना था। घंटों चली इस मंथन बैठक के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए जल्द ही शहर में एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
होटल परिसर में हुई बैठक, छात्रों के समर्थन में जुटे बुद्धिजीवी
शहर के एक होटल में आयोजित इस बैठक में विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि, युवा नेता और शहर के कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे:
सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल: बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना छात्रों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन प्रशासन द्वारा दमनकारी नीति अपनाते हुए छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
गिरफ्तारी की कड़ी निंदा: वक्ताओं ने एक स्वर में हालिया आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा की गई अंधाधुंध गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों को गिरफ्तार किया गया है या जिन्हें जेल भेजा गया है, उनका भविष्य बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है, जिसे छात्र समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
प्रमुख मांगें: रिहाई और मुकदमे वापसी की पुरजोर हुंकार
बैठक के दौरान मुख्य रूप से दो प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और प्रस्ताव पारित किए गए:
गिरफ्तार छात्रों की तत्काल रिहाई: बैठक में यह मांग की गई कि आंदोलन के दौरान पुलिस की हिरासत में लिए गए या जेल भेजे गए सभी छात्र-युवाओं को बिना किसी शर्त के तत्काल रिहाई दी जाए।
दर्ज मुकदमों की वापसी: प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों पर जो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें पूरी तरह से वापस लिया जाए। वक्ताओं का तर्क था कि छात्रों पर लाद गए मुकदमे पूरी तरह से राजनीतिक और प्रशासनिक बदले की भावना से प्रेरित हैं, जिन्हें तुरंत खारिज किया जाना चाहिए।
एक दिवसीय धरना के आयोजन का बड़ा निर्णय
प्रशासनिक तंत्र को चेतावनी देने और अपनी मांगों को मनवाने के लिए बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति तय की गई:
धरना प्रदर्शन की रूपरेखा: विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि गिरफ्तार छात्रों के समर्थन में और मुकदमे वापसी की मांग को लेकर बहुत जल्द जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
गोलबंद होने की अपील: छात्र नेताओं ने जिले के तमाम कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और हॉस्टल के विद्यार्थियों से अपील की है कि वे इस एक दिवसीय धरने में भारी संख्या में पहुंचकर इस न्याय की लड़ाई को मजबूती प्रदान करें। बैठक के माध्यम से जिला प्रशासन को भी यह अल्टीमेटम दिया गया है कि यदि समय रहते छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
भागलपुर के एक होटल में आयोजित छात्र आंदोलन के समर्थन की यह बैठक शहर की राजनीतिक और सामाजिक फिजा में गर्माहट ले आई है। गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर जिस तरह से युवा और बुद्धिजीवी एकजुट हो रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में प्रशासन पर दबाव बढ़ने वाला है। आगामी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन इस आंदोलन की अगली और निर्णायक कड़ी साबित होगा, जिसपर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।