अकबरनगर में सावन की तीसरी सोमवारी पर उमड़ा आस्था का सैलाब अहले सुबह तीन बजे से ही शिवालयों में जुटने लगे श्रद्धालु, 'बोल बम' के जयकारों से गूंजा पूरा इलाका

भागलपुर: पवित्र श्रावण मास यानी सावन के पावन महीने की तीसरी सोमवारी के अवसर पर भागलपुर जिले के अकबरनगर क्षेत्र में शिवभक्ति की एक अद्भुत और भव्य तस्वीर देखने को मिली। सावन के इस तीसरे सोमवार को लेकर क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर देवाधिदेव महादेव की आराधना का उल्लास छाया रहा। अहले सुबह से ही शिवालयों में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा इलाका 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयकारों से गूंज उठा। विशेष रूप से महिलाओं और युवतियों में इस पावन दिन को लेकर भारी उत्साह देखा गया, जिन्होंने तड़के सुबह से ही मंदिरों का रुख करना शुरू कर दिया था।

अहले सुबह तीन बजे से ही मंदिरों में जुटने लगे थे श्रद्धालु

सावन की तीसरी सोमवारी के मौके पर अकबरनगर और उसके आसपास के इलाकों में गजब का आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला:

ब्रह्ममुहूर्त में उमड़ी भीड़: सूर्योदय से भी काफी पहले, यानी सुबह करीब तीन बजे ही शिवभक्तों, विशेषकर महिलाओं और युवतियों का मंदिरों में पहुंचना शुरू हो गया था। व्रतधारियों ने कतारबद्ध होकर अनुशासित तरीके से भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

विस्तृत क्षेत्र में दिखा उत्साह: अकबरनगर के अलावा श्रीरामपुर, पैन, बसंतपुर, खेरैहिया, भवनाथपुर और रन्नूचक-मकंदपुर सहित आसपास के तमाम ग्रामीण एवं शहरी इलाकों के शिव मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

दूध, बेलपत्र और गंगाजल से अभिषेक: भक्तों ने विधि-विधान के साथ शिवलिंग पर दूध, दही, शहद, गंगाजल, धतूरा, भांग और बेलपत्र अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल कामना की।

मंदिर समितियों द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम

तीसरी सोमवारी पर उमड़ने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर स्थानीय स्तर पर चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई थीं:

समितियों की सक्रियता: क्षेत्र के विभिन्न शिव मंदिरों में उमड़ने वाली अप्रत्याशित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय मंदिर समितियों ने विशेष इंतजाम किए थे। कतारबद्ध दर्शन के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

महिला श्रद्धालुओं के लिए सहायता: सुबह के वक्त पहुंचने वाली महिला और युवतियों की सुरक्षा तथा सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। समितियों के स्वयंसेवक और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय के साथ मुस्तैद नजर आए।

पेयजल और मार्ग व्यवस्था: मंदिर परिसरों के आसपास श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की उपलब्धता और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के वास्ते विशेष प्रबंध किए गए थे, जिससे पर्व का यह अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।

अकबरनगर क्षेत्र में सावन की तीसरी सोमवारी पर दिखा यह धार्मिक उल्लास इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण और शहरी अंचलों में सनातन संस्कृति और शिव के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी है। अहले सुबह तीन बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक का यह सिलसिला देर शाम तक अनवरत चलता रहा। मंदिर समितियों के सहयोग और प्रशासन की मुस्तैदी के बीच यह पावन पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है।