भागलपुर के शाहकुंड और सजौर थाना क्षेत्रों में भक्तिमय माहौल 16 स्थानों पर हो रहा है मां विषहरी पूजा का भव्य आयोजन; पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
भागलपुर (विशेष संवाददाता): अंग क्षेत्र की लोक आस्था और प्राचीन परंपराओं के केंद्रबिंदु माने जाने वाले नागमाता मां विषहरी की पूजा को लेकर भागलपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के शाहकुंड और सजौर थाना क्षेत्रों के अंतर्गत कुल 16 स्थानों पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ विषहरी पूजा का आयोजन किया जा रहा है। नागपंचमी और इसके आसपास के दिनों में आयोजित होने वाली इस लोक पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी आस्था है। विधि-व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए स्थानीय थाना प्रशासन ने भी पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए हैं।
शाहकुंड थाना क्षेत्र में 12 स्थानों पर गूंज रहे मां विषहरी के जयकारे
शाहकुंड इलाके में विषहरी पूजा का पर्व बेहद धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है:
थानाध्यक्ष का बयान: शाहकुंड के थानाध्यक्ष पवन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुल 12 स्थानों पर मां विषहरी की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की जा रही है।
प्रमुख पूजा स्थल: थानाध्यक्ष ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि क्षेत्र के शिवशंकरपुर और पचरुखी समेत कुल 12 महत्वपूर्ण गांवों व ठिकानों पर भव्य पंडाल सजाए गए हैं और मेलों जैसा माहौल देखने को मिल रहा है।
श्रद्धालुओं की भीड़: इन पूजा स्थलों पर सुबह से ही महिलाओं और पुरुषों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। भक्त दूध-लावा चढ़ाकर मां विषहरी से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और सर्पदंश से रक्षा की कामना कर रहे हैं।
सजौर थाना क्षेत्र में भी चार स्थानों पर हो रहा आयोजन
शाहकुंड के साथ-साथ सजौर थाना क्षेत्र में भी नागमाता की आराधना का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है:
विभिन्न गांवों में अनुष्ठान: सजौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत भी विभिन्न चार प्रमुख स्थानों पर मां विषहरी की पूजा के लिए भव्य आयोजन किए गए हैं।
सांस्कृतिक और पारंपरिक रौनक: इन आयोजनों के दौरान पारंपरिक गीत-संगीत, झांकियों और मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अंचल की संस्कृति जीवंत हो उठी है। आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण इन पूजा स्थलों पर पहुंचकर माता का आशीर्वाद ले रहे हैं।
शांति और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम
16 अलग-अलग स्थानों पर एकसाथ बड़े पैमाने पर धार्मिक आयोजन होने के कारण पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क है:
पुलिस बलों की तैनाती: शाहकुंड के थानाध्यक्ष पवन कुमार और सजौर थाना की पुलिस द्वारा सभी पूजा पंडालों और मेल वाले क्षेत्रों का लगातार जायजा लिया जा रहा है। हुड़दंगियों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए सादे लिबास में भी पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
शांति समिति की बैठकें: आयोजकों और स्थानीय गणमान्य लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैले। यातायात नियंत्रण के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि मेलों में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
भागलपुर के शाहकुंड और सजौर थाना क्षेत्रों के 16 स्थानों पर हो रहा मां विषहरी पूजा का यह आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्था का एक जीवंत प्रतीक है। शिवशंकरपुर, पचरुखी और सजौर के विभिन्न इलाकों में गूंजते मां के जयकारे और उमड़ती भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आधुनिकता की दौड़ के बीच भी हमारी पारंपरिक मान्यताएं और विश्वास पूरी तरह अक्षुण्ण हैं। प्रशासन की चौकसी और जनता के सहयोग से यह पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो रहा है।