आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की बड़ी कार्रवाई बेगूसराय और पटना स्थित ठिकानों पर छापेमारी, लाखों की नकदी, जेवरात और फ्लैट का खुलासा

पटना/बेगूसराय: बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी क्रम में ईओयू की विशेष टीमों ने बेगूसराय और पटना स्थित विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान भ्रष्टाचार के कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। शुरुआती जांच और छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपए की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं, जिससे महकमे में हड़कंप मच गया है।

छापेमारी में बरामद नकदी और कीमती आभूषण

भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई इस उच्चस्तरीय कार्रवाई में ईओयू की टीमों को भारी मात्रा में बेहिसाब नकदी और सोने-चांदी के जेवरात हाथ लगे हैं:

नकद राशि की बरामदगी: बेगूसराय और पटना स्थित आवासों की तलाशी के दौरान अधिकारियों ने लगभग 25.88 लाख रुपये की भारी-भरकम नकद राशि बरामद की है, जिसे गिनने के लिए मशीनें मंगवानी पड़ीं।

स्वर्ण आभूषण: इसके अलावा घर के विभिन्न हिस्सों और लॉकरों से करीब 51.50 लाख रुपये मूल्य के सोने और चांदी के महंगे गहने भी जब्त किए गए हैं, जिनका मिलान पारिवारिक आय के स्रोतों से किया जा रहा है।

बैंक खातों में जमा राशि: तफ्तीश के दौरान यह भी सामने आया है कि विभिन्न बैंकों में खोले गए कुल आठ अलग-अलग खातों में करीब 18.50 लाख रुपये जमा हैं, जिन्हें ईओयू द्वारा फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

नोएडा में महंगे फ्लैट और अचल संपत्तियों का सुराग

जांच का दायरा बढ़ाते हुए ईओयू को देश के अन्य हिस्सों में भी अवैध कमाई से संपत्तियां खरीदे जाने के पुख्ता सबूत मिले हैं:

नोएडा में फ्लैट: आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अनुसार, दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 142 में एक आलीशान फ्लैट का भी पता चला है।

लाखों का भुगतान: इस फ्लैट की खरीद-फरोख्त के सिलसिले में अब तक लगभग 60 लाख रुपये का भुगतान किए जाने के दस्तावेज हाथ लगे हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस फ्लैट की कुल कीमत कितनी है और इसके लिए पैसे कहाँ से आए।

ईओयू के उच्चाधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक छानबीन में मिली इन बेहिसाब संपत्तियों और निवेश के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है:

दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच: जब्त किए गए बैंक पासबुक, डिजिटल डिवाइसेज, पैन कार्ड और रजिस्ट्री के कागजातों की गहराई से फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

आय के ज्ञात स्रोतों से मिलान: आरोपी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा ज्ञात स्रोतों से अर्जित आय और इन तमाम संपत्तियों के बीच के अंतर का आकलन किया जा रहा है, जिसके बाद आय से अधिक संपत्ति का आधिकारिक मामला पूरी मजबूती के साथ कोर्ट में पेश किया जाएगा।

बेगूसराय और पटना से लेकर नोएडा तक फैली संपत्तियों के खुलासे ने यह साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य में प्रशासनिक एजेंसियां कितनी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। ईओयू की इस सख्त कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।