बिहार बंद के दौरान बिना अनुमति मार्च निकालने पर बिरौल में FIR दर्ज, वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

दरभंगा/बिरौल: नीट (NEET) परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आयोजित बिहार बंद के दौरान दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में बिना प्रशासनिक अनुमति जुलूस निकालने और सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक भगत सिंह चौक पर एकत्र हुए और मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और घटनास्थल पर उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। दोषियों की पहचान होने के बाद उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार बंद के दौरान जुटी छात्रों की भीड़

जानकारी के अनुसार, नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा बिहार बंद का आह्वान किया गया था। इसी क्रम में बिरौल थाना क्षेत्र के भगत सिंह चौक पर बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक एकत्र हुए।

प्रदर्शनकारियों ने कथित प्रश्नपत्र लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद जुलूस निकालते हुए मुख्य सड़क पर प्रदर्शन किया गया।

सड़क जाम होने से यातायात हुआ बाधित

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मुख्य सड़क पर बैठकर आवागमन रोक दिया। इससे क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, मरीज, छात्र-छात्राएं और अन्य यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क जाम के कारण कई आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हुईं।

बिना अनुमति जुलूस निकालने का आरोप

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन और जुलूस के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। इसी आधार पर संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्रशासन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन किसी भी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है।

वीडियो और सीसीटीवी फुटेज से होगी पहचान

पुलिस की जांच टीम घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। इसके अलावा स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों की पहचान होगी, उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा और आवश्यक होने पर उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने स्थिति को किया नियंत्रित

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बिरौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया और यातायात को सामान्य किया गया।

स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर प्रशासन का जोर

जिला प्रशासन ने कहा कि बिहार बंद के दौरान पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी और लगातार निगरानी रखी जा रही थी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था भंग करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों को कड़ी सजा देने तथा भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि छात्रों का विश्वास कायम रहे।

सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर

पुलिस प्रशासन ने बताया कि घटना से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री की भी निगरानी की जा रही है।

यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा भ्रामक सूचना फैलाने, अफवाह फैलाने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास सामने आता है, तो उसके विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

साथ ही लोगों से कहा गया है कि यदि उनके पास घटना से संबंधित कोई महत्वपूर्ण वीडियो या जानकारी हो, तो वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराएं ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आयोजित बिहार बंद के दौरान बिना अनुमति जुलूस निकालने और भगत सिंह चौक पर सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून और प्रशासनिक नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है।