गैस रिसाव से स्कूल में मची अफरातफरी, कई छात्राएं और शिक्षिकाएं हुईं बेहोश

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी प्रखंड में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्कूल के समीप जेसीबी मशीन से चल रही खुदाई के दौरान पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की भूमिगत पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे तेज़ी से गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते आसपास का इलाका गैस की गंध से भर गया और पास स्थित स्कूल में पढ़ रही कई छात्राओं तथा शिक्षिकाओं की तबीयत बिगड़ गई। कुछ छात्राएं और शिक्षिकाएं बेहोश हो गईं, जिससे स्कूल परिसर में अफरातफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और गैस कंपनी की आपातकालीन टीम मौके पर पहुंची। समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाने से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और एक बड़े हादसे की आशंका टल गई।

जेसीबी की खुदाई के दौरान हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल के पास किसी निर्माण कार्य के लिए जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान मशीन का बकेट भूमिगत पीएनजी पाइपलाइन से टकरा गया, जिससे पाइपलाइन फट गई और तेज दबाव के साथ गैस बाहर निकलने लगी।

कुछ ही मिनटों में पूरे क्षेत्र में गैस की तीखी गंध फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत काम बंद कराया और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी।

स्कूल में मची भगदड़

गैस रिसाव की गंध स्कूल परिसर तक पहुंचते ही छात्राओं और शिक्षिकाओं को सांस लेने में परेशानी, चक्कर और घबराहट महसूस होने लगी। कई छात्राएं अचानक बेहोश हो गईं।

स्थिति बिगड़ते देख स्कूल प्रशासन ने तत्काल कक्षाएं खाली कराईं और सभी छात्रों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने मिलकर छात्राओं को बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई।

अस्पताल भेजे गए प्रभावित लोग

घटना के बाद बेहोश हुई छात्राओं और शिक्षिकाओं को एंबुलेंस तथा अन्य वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया।

डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश लोगों की तबीयत गैस की गंध और घबराहट के कारण प्रभावित हुई। समय पर उपचार मिलने से सभी की स्थिति में सुधार बताया गया।

प्रशासन और गैस कंपनी की टीम पहुंची मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और संबंधित गैस कंपनी की तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई।

तकनीकी विशेषज्ञों ने सबसे पहले प्रभावित पाइपलाइन की गैस आपूर्ति बंद की और रिसाव को नियंत्रित करने का कार्य शुरू किया। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र को अस्थायी रूप से खाली कराया गया।

सुरक्षा के लिए क्षेत्र कराया गया खाली

संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने घटनास्थल के आसपास लोगों की आवाजाही रोक दी। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर क्षेत्र को सुरक्षित घेरा और लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।

दमकल विभाग की टीम भी किसी संभावित आग या विस्फोट की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी के साथ मौके पर मौजूद रही।

समय रहते टला बड़ा हादसा

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गैस रिसाव के दौरान किसी प्रकार की चिंगारी या आग लग जाती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। समय पर गैस आपूर्ति बंद करने और क्षेत्र को खाली कराने से एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन और बचाव दल की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

निर्माण कार्यों में सावधानी की जरूरत

इस घटना ने निर्माण कार्यों के दौरान भूमिगत गैस पाइपलाइन और अन्य उपयोगिता सेवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रकार की खुदाई शुरू करने से पहले संबंधित एजेंसियों से भूमिगत पाइपलाइन, बिजली केबल और जलापूर्ति लाइनों की जानकारी लेना अनिवार्य होना चाहिए। इससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।

जांच के दिए गए निर्देश

जिला प्रशासन ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। यह पता लगाया जाएगा कि खुदाई कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और भूमिगत पाइपलाइन की जानकारी संबंधित एजेंसी को उपलब्ध थी या नहीं।

यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों या एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों में चिंता

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए। अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर वे काफी चिंतित दिखाई दिए।

स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और जिनकी तबीयत प्रभावित हुई थी, उनका इलाज कराया जा रहा है।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कहीं गैस रिसाव की आशंका हो तो लोगों को तुरंत उस स्थान से दूर चले जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की आग जलाने, बिजली के स्विच ऑन या ऑफ करने अथवा वाहन स्टार्ट करने जैसी गतिविधियों से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आग लगने का खतरा बढ़ सकता है।

साथ ही, संबंधित आपातकालीन सेवाओं और गैस कंपनी को तुरंत सूचना देना आवश्यक है ताकि समय रहते रिसाव पर नियंत्रण पाया जा सके।

प्रशासन ने किया स्थिति सामान्य होने का दावा

घटना के कुछ समय बाद गैस कंपनी की टीम ने पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कर दी और रिसाव पर नियंत्रण पा लिया। प्रशासन ने बताया कि स्थिति अब सामान्य है और क्षेत्र में किसी प्रकार का तत्काल खतरा नहीं है।

हालांकि, एहतियात के तौर पर तकनीकी टीम पाइपलाइन का विस्तृत निरीक्षण कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

भविष्य के लिए सबक

मुशहरी की यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि शहरी क्षेत्रों में भूमिगत गैस पाइपलाइन और अन्य उपयोगिता सेवाओं के आसपास निर्माण कार्य करते समय अत्यधिक सावधानी बरतना आवश्यक है। सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन, तकनीकी समन्वय और समय पर आपातकालीन प्रतिक्रिया ही इस प्रकार की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम कर सकती है।

फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और प्रभावित छात्राओं एवं शिक्षिकाओं के स्वास्थ्य पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की सलाह दी गई है।