विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का भव्य आगाज; मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सड़क मार्ग से सुल्तानगंज पहुंचकर किया मेले का विधिवत उद्घाटन, ठीक दोपहर 3.42 बजे हुआ उद्घाटन; अजगैवीनाथ धाम में गूंजे 'बोल बम' के जयकारे

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल सुल्तानगंज (अजगैवीनाथ धाम) में उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में शुमार श्रावणी मेले का औपचारिक और भव्य उद्घाटन संपन्न हो गया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और भव्य समारोह के बीच सुल्तानगंज पहुंचकर इस एक माह तक चलने वाले मेले का विधिवत शुभारंभ किया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री मुंगेर से सड़क मार्ग के रास्ते यात्रा करते हुए निर्धारित समय पर सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पहुंचे। प्रशासन द्वारा पहले से तय मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर ठीक 3.42 बजे श्रावणी मेले के उद्घाटन की आधिकारिक घोषणा की गई। इस दौरान पूरा मेला क्षेत्र शिवमय हो गया और दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं के 'बोल बम' व 'हर हर महादेव' के जयकारों से पूरा गंगा तट गूंज उठा।

सड़क मार्ग से सुल्तानगंज पहुंचे मुख्यमंत्री, सुरक्षा के थे अभेद्य इंतजाम

श्रावणी मेले के उद्घाटन समारोह को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी।

सड़क मार्ग से यात्रा: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुंगेर की ओर से सड़क मार्ग द्वारा सुरक्षा काफिले के साथ सुल्तानगंज पहुंचे। हालांकि, वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए स्थानीय कृष्णानंद स्टेडियम परिसर में दो हेलीपैड भी बनाए गए थे, लेकिन सड़क मार्ग से तय किए गए रूट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम और फुल ड्रेस रिहर्सल पहले ही पूरी कर ली गई थी।

स्वागत और आगमन: दोपहर करीब 2.30 बजे मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्थल पर आगमन हुआ, जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला कलेक्टर (DM) और पुलिस अधीक्षक (SSP) ने उनका भव्य स्वागत किया।

शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच हुआ उद्घाटन समारोह

नमामि गंगे घाट पर आयोजित उद्घाटन समारोह की शुरुआत पारंपरिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ हुई:

दीपक प्रज्ज्वलन और स्वागत: कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के प्रसारण के साथ हुई। इसके बाद विशिष्ट अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया गया।

शंखनाद के साथ घोषणा: पूर्वनिर्धारित मिनट-टू-मिनट शेड्यूल के अनुसार, दोपहर ठीक 2.53 बजे शंखनाद के बीच मेले के शुभारंभ की प्रक्रिया आगे बढ़ी और अंततः दोपहर 3.42 बजे मुख्यमंत्री के संबोधन के साथ श्रावणी मेले के औपचारिक उद्घाटन की घोषणा कर दी गई।

इस भव्य मंच पर बिहार सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री—विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के अलावा कई अन्य कैबिनेट मंत्री, स्थानीय सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

डिजिटल तकनीक और मोबाइल ऐप का लोकार्पण

इस वर्ष के श्रावणी मेले को आधुनिक और हाईटेक बनाने के लिए उद्घाटन समारोह के दौरान ही कई डिजिटल पहलों की शुरुआत की गई:

'एक झलक' पुस्तिका का विमोचन: मेले के इतिहास, रूट चार्ट और सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं से जुड़ी एक विशेष पुस्तिका का विमोचन किया गया।

श्रावणी मेला मोबाइल ऐप: श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन का भी उद्घाटन किया गया, जिसके जरिए कांवरियों को रूट की जानकारी, स्वास्थ्य शिविरों के ठिकाने, पुलिस सहायता और ट्रेनों के समय जैसी तमाम जानकारियां एक क्लिक पर मिल सकेंगी। इसके साथ ही एक विशेष वीडियो का प्रसारण भी किया गया, जिसमें मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं को दर्शाया गया।

13 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र और प्रशासनिक चौकसी

मेले के दौरान कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को सुचारू रखने के लिए पूरे क्षेत्र को प्रशासनिक दृष्टिकोण से 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

दंडाधिकारियों की तैनाती: कांवरिया पथ से लेकर सुल्तानगंज गंगा तट तक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए करीब 300 मजिस्ट्रेट (दंडाधिकारियों) और भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती पूरे एक महीने के लिए की गई है।

यातायात और पार्किंग प्रबंधन: मुंगेर, बांका, पटना और भागलपुर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल और ड्रॉप गेट बनाए गए हैं, ताकि सुल्तानगंज आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की ट्रैफिक समस्या का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा सड़क मार्ग से सुल्तानगंज पहुंचकर दोपहर 3.42 बजे किए गए इस उद्घाटन के साथ ही विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का सुगम और भव्य श्रीगणेश हो गया है। प्रशासन के पुख्ता इंतजाम, आधुनिक तकनीक, मोबाइल ऐप की सुविधा और सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच शुरू हुआ यह एक महीने का अनुष्ठान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों शिवभक्तों के लिए अत्यंत मंगलमय और सुविधापूर्ण साबित होने की पूरी उम्मीद है।