बिहपुर के मधुसूदन सर्वोदय इंटर स्तरीय विद्यालय में शिक्षिका रीता कुमारी के 16 वर्षों के सफल कार्यकाल के बाद भव्य विदाई समारोह आयोजित; नम आंखों से छात्रों और शिक्षकों ने दी विदाई

भागलपुर/बिहपुर, कार्यालय संवाददाता: किसी भी शैक्षणिक संस्थान में एक शिक्षक का लंबा कार्यकाल केवल नौकरी के वर्ष नहीं होते, बल्कि वह अनगिनत विद्यार्थियों के जीवन को गढ़ने, उन्हें संस्कारित करने और शिक्षा का दीप जलाने की एक लंबी तपस्या होती है। इसी भावनात्मक जुड़ाव और समर्पण का एक अनूठा उदाहरण भागलपुर जिले के बिहपुर स्थित ऐतिहासिक मधुसूदन सर्वोदय इंटर स्तरीय विद्यालय में देखने को मिला। विद्यालय की समर्पित और लोकप्रिय शिक्षिका रीता कुमारी के 16 वर्षों के लंबे और शानदार सेवाकाल पूरा होने पर एक अत्यंत भावुक और गरिमामयी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता विद्यालय की शिक्षिका मलीना कुमारी ने की। कार्यक्रम के दौरान जहां एक तरफ छात्रों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, वहीं दूसरी तरफ अपने प्रिय शिक्षक को विदा करते समय छात्र-छात्राओं और सहकर्मियों की आंखें नम हो गईं।

भावुक पलों के साथ सजा विदाई समारोह

मधुसूदन सर्वोदय इंटर स्तरीय विद्यालय के सभागार में आयोजित इस विदाई समारोह में विद्यालय परिवार, शिक्षक, शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे:

अध्यक्षता और दीप प्रज्वलन: समारोह की अध्यक्षता कर रही शिक्षिका मलीना कुमारी ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षिका रीता कुमारी के 16 वर्षों के सफर को याद करते हुए कहा कि एक महिला शिक्षिका के रूप में परिवार और विद्यालय दोनों मोर्चों को संभालते हुए उन्होंने जिस निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दी हैं, वह हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

शिक्षिका का सम्मान: कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार की ओर से रीता कुमारी को शॉल, अंगवस्त्र, डायरी, पेन और पुष्पहार भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

छात्रों की प्रस्तुतियां: गीतों के जरिए बयां किया गुरु के प्रति प्यार

विदाई समारोह का सबसे आकर्षण और भावुक कर देने वाला पल वह रहा जब विद्यार्थियों ने अपनी प्रिय शिक्षिका के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए:

विदाई गीत और प्रस्तुतियां: छात्र-छात्राओं ने 'तुमको हमारे प्यार पे यकीन नहीं है तो...' और विदाई से जुड़े अन्य भावुक गीत गाकर पूरे माहौल को गमगीन और संवेदनशील बना दिया। कई विद्यार्थियों की आंखें अपने गुरु को विदा करते वक्त भर आईं।

छात्रों के उद्गार: मंच पर आकर कुछ छात्र-छात्राओं ने अपनी शिक्षिका के साथ बिताए पलों को साझा किया। उन्होंने बताया कि रीता मैम केवल किताबों की शिक्षा नहीं देती थीं, बल्कि वे एक मां की तरह हर मुसीबत में बच्चों को सही राह दिखाती थीं। उनका पढ़ाने का तरीका और स्नेहिल स्वभाव हमेशा याद रहेगा।

16 वर्षों का सफर: अनुशासन, समर्पण और निष्ठा की मिसाल

शिक्षिका रीता कुमारी ने अपने 16 साल के कार्यकाल के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक प्रगति में अभूतपूर्व योगदान दिया:

छात्र-शिक्षक संबंध: रीता कुमारी ने अपने संबोधन में विद्यालय परिवार, सहकर्मियों और अपने प्रिय विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन 16 वर्षों में इस विद्यालय के बच्चों से उन्हें जो अपार प्रेम, सम्मान और अपनापन मिला है, वह उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। विद्यालय उनका दूसरा परिवार रहा है।

सहकर्मियों के संस्मरण: विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने कहा कि रीता मैम का स्वभाव बेहद मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ रहा है। उन्होंने हमेशा विद्यालय के अनुशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता को सर्वोपरि रखा। उनके जाने से विद्यालय में एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे भरना आसान नहीं होगा।

मधुसूदन सर्वोदय इंटर स्तरीय विद्यालय बिहपुर में शिक्षिका रीता कुमारी का 16 साल की सेवा के बाद विदाई समारोह इस बात का प्रमाण है कि एक अच्छा शिक्षक बच्चों और समाज के दिलों में हमेशा जीवित रहता है। नम आंखों और शुभकामनाओं के साथ दी गई यह विदाई न केवल एक शिक्षक के सफल कार्यकाल का अंत थी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए निष्ठा और समर्पण की एक मिसाल भी छोड़ गई।