विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का भव्य शुभारंभ; नमामि गंगे घाट पर आयोजित अलौकिक गंगा महाआरती से गूंजा पावन तट, डीएम अलंकृता पाण्डे और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने की विधिवत पूजा-अर्चना

भागलपुर, विशेष संवाददाता: आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक विरासत के सबसे बड़े समागम कहे जाने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का इस वर्ष अत्यंत भव्य और दिव्य माहौल में आधिकारिक शुभारंभ हो चुका है। मेले के उद्घाटन के साथ ही सुल्तानगंज और आसपास के गंगा तटों पर शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। इसी कड़ी में मेला क्षेत्र के मुख्य आकर्षण केंद्र नमामि गंगे घाट पर संध्या के वक्त एक बेहद मनमोहक और भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत इस महाआरती में भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पाण्डे और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने सपरिवार पहुंचकर मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना की और राज्य एवं देश की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।

वाराणसी की तर्ज पर सजा नमामि गंगे घाट, दिखा अद्भुत नजारा

श्रावणी मेला के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित इस गंगा महाआरती ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट की भव्यता की याद दिला दी:

दीयों की रोशनी से जगमगाया घाट: नमामि गंगे घाट को इस विशेष अवसर पर फूलों, विद्युत झालरों और हजारों दीपों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। संध्या बेला में जब एक साथ सैकड़ों दीप प्रज्वलित किए गए, तो गंगा की पावन धारा पर उनका प्रतिबिंब एक अलौकिक और चित्ताकर्षक दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।

वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद: घाट पर वाराणसी से आए और स्थानीय विशेष आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार, डमरुओं की गूंज और शंखनाद के साथ महाआरती का विधिवत आरंभ किया गया। लयबद्ध तरीके से घूमती विशाल पीतल की महाआरती की दीप शिखाओं ने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा वातावरण 'हर-हर गंगे' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंज उठा।

जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डे और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव की सहभागिता

मेले के सुगम और सुरक्षित संचालन की कमान खुद संभाल रहे जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने इस धार्मिक अनुष्ठान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया:

गंगा पूजन और संकल्प: जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डे और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने निर्धारित वेदी पर बैठकर विधि-विधान से मां गंगा का पूजन किया। उन्होंने दुग्धाभिषेक और पुष्प अर्पित कर देश-विदेश से आने वाले लाखों कांवरियों की यात्रा मंगलमय होने की प्रार्थना की।

प्रशासनिक सतर्कता और संदेश: पूजन के उपरांत अधिकारियों ने घाट पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया। डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन हर पल मुस्तैद रहकर कांवरियों की सेवा के लिए तत्पर है।

श्रावणी मेले को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह

श्रावणी मेला के इस उद्घाटन और भव्य महाआरती के साक्षी बनने के लिए बिहार ही नहीं, बल्कि झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य कोनों से भारी संख्या में श्रद्धालु और कांवरिए पहुंचे थे:

कांवरियों का सैदलाब: उत्तरवाहिनी गंगा तट से जल भरकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर प्रस्थान करने वाले शिवभक्तों के चेहरे पर गजब का उत्साह देखा गया। नमामि गंगे घाट पर आयोजित इस महाआरती ने उनकी यात्रा के पहले चरण को और अधिक आध्यात्मिक और ऊर्जावान बना दिया।

सुरक्षा और सुविधाओं के कड़े इंतजाम: मेला क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीमों को भी मुस्तैद रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

श्रावणी मेला के पावन अवसर पर नमामि गंगे घाट पर आयोजित यह भव्य गंगा महाआरती और जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डे तथा एसएसपी प्रमोद कुमार यादव द्वारा किया गया गंगा पूजन इस बात का प्रतीक है कि प्रशासन धार्मिक आस्था के सम्मान के साथ-साथ सुरक्षा के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वाराणसी की तर्ज पर हुई इस महाआरती ने इस बार के श्रावणी मेले का आगाज ऐतिहासिक बना दिया है, जो आने वाले हफ्तों तक आने वाले श्रद्धालुओं के दिलों में अमिट छाप छोड़ेगा।