एसएम कॉलेज में तीन दिवसीय 'मुक्का मार' महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का भव्य आयोजन; छात्राओं ने सीखीं निःशस्त्र सुरक्षा और आक्रामकता की तकनीकें

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर में महिलाओं और युवतियों को शारीरिक रूप से सशक्त, मानसिक रूप से सुदृढ़ और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से एक अनूठी और बेहद महत्वपूर्ण पहल की गई है। रोटरी क्लब ऑफ विक्रमशिला और रोटरी क्लब ऑफ विक्रमशिला पिंक के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय सुंदरवती महिला महाविद्यालय (SM College) के सभागार में तीन दिवसीय 'मुक्का मार' महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया। इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य कॉलेज की छात्राओं और युवा युवतियों को निःशस्त्र आत्मरक्षा (Unarmed Self-Defense) के गुर सिखाना, उनमें आत्मविश्वास जगाना और खतरे की स्थिति में त्वरित व सही निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना है।

उद्घाटन समारोह और दीप प्रज्ज्वलन

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर और राष्ट्रगान के साथ किया गया। इस अवसर पर कॉलेज की सांस्कृतिक परिषद की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने उपस्थित सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का मन मोह लिया।

उद्घाटन सत्र में भागलपुर की महापौर डॉ. बसुंधरा लाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में बालिकाओं को निर्भीक, स्वावलंबी और साहसी बनने का संदेश देते हुए आयोजकों की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

एसएम कॉलेज की प्राचार्या प्रो. डॉ. निशा झा ने अध्यक्षता करते हुए छात्राओं का आह्वान किया कि वे केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे व्यावहारिक और जीवन-ोपयोगी प्रशिक्षण शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें ताकि वे समाज में पूरी शान और सुरक्षा के साथ आगे बढ़ सकें।

रेड ब्रिगेड की प्रशिक्षक टीम द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण

शिविर के पहले दिन ही देश भर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कार्यरत प्रसिद्ध संगठन 'रेड ब्रिगेड' की संस्थापक और मुख्य प्रशिक्षक ऊषा विश्वकर्मा के नेतृत्व में विशेषज्ञ प्रशिक्षक टीम ने छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देना शुरू किया।

निःशस्त्र आत्मरक्षा की तकनीकें: प्रशिक्षण सत्र के दौरान छात्राओं को यह सिखाया गया कि यदि कोई असामाजिक तत्व या हमलावर अचानक उन पर हमला कर दे, तो वे बिना किसी हथियार के अपनी रोजमर्रा की वस्तुओं (जैसे पेन, दुपट्टा, बैग आदि) या अपने शरीर के अंगों (कोहनी, घुटने और मुक्कों) का इस्तेमाल कर किस प्रकार अपनी रक्षा कर सकती हैं।

'मुक्का मार' अभियान का मूल मंत्र: मुख्य प्रशिक्षक ऊषा विश्वकर्मा ने बताया कि 'मुक्का मार' केवल एक शारीरिक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह डर के खिलाफ मानसिक रूप से खड़े होने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को यह समझना होगा कि उनका शरीर कमजोर नहीं है; जरूरत है तो केवल अपने भीतर छिपी हुई शक्ति को पहचानने और उसे सही समय पर इस्तेमाल करने की।

सतर्कता, आत्मसम्मान और 'सिक्स सेंस' का महत्व

शिविर के दौरान आयोजित सत्रों में केवल शारीरिक कलाओं तक ही सीमित नहीं रहा गया, बल्कि मानसिक सजगता और कानूनी अधिकारों पर भी विशेष जोर दिया गया:

सिक्स सेंस का सही उपयोग: प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वर्षा सिन्हा ने छात्राओं के स्वास्थ्य, आत्मसम्मान और शारीरिक सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं में एक प्राकृतिक 'सिक्स सेंस' (अंतःप्रेरणा) होती है। किसी भी खतरे या गलत नीयत को भांपने के लिए इस छठी इंद्री का समय पर सही उपयोग करना बहुत जरूरी है।

कानूनी अधिकारों की जानकारी: शिविर में आमंत्रित अधिवक्ता मीनाक्षी कुमारी ने छात्राओं को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संकट की घड़ी में भारतीय कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए किन-किन प्रावधानों और धाराओं के तहत तुरंत मदद मुहैया कराता है।

प्रोजेक्ट की महत्ता और सहभागिता

इस पूरे आयोजन की रूपरेखा तैयार करने वाली प्रोजेक्ट चेयर एवं डिस्ट्रिक्ट चेयर 'मुक्का मार' चन्दना चौधरी ने कहा कि आज के परिदृश्य में महिलाओं और बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा का ज्ञान किसी बुनियादी शिक्षा से कम महत्वपूर्ण नहीं है। यह प्रशिक्षण उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है ताकि वे किसी भी विषम परिस्थिति में घबराने के बजाय उसका डटकर मुकाबला कर सकें।

शिविर को सफल बनाने में रोटरी क्लब के अध्यक्ष सुधा पांडेय, अमित आनंद, बिजॉय आनंद, नीरज कुमार, किरण गोस्वामी, बबीता साह, अंजना प्रकाश, रेणु सिंह, सिमरन सिंह सहित कई गणमान्य लोगों की सक्रिय भूमिका रही। सैकड़ों की संख्या में मौजूद छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ सभी पैंतरों का अभ्यास किया और संकल्प लिया कि वे न केवल खुद सुरक्षित रहेंगी, बल्कि अन्य युवतियों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगी।

भागलपुर के एसएम कॉलेज में आयोजित यह तीन दिवसीय 'मुक्का मार' महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस तरह के आयोजन समाज में एक सकारात्मक संदेश देते हैं कि अब बेटियांलाचार या अबला नहीं हैं, बल्कि वे अपनी सुरक्षा स्वयं करने में पूरी तरह सक्षम और आत्मनिर्भर बन रही हैं।