भगवानपुर नंदपुरी के मां जगदम्बा मंदिर में भव्य स्वागत समारोह: बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य सायन कुणाल का हुआ अभिनंदन, सदस्यों ने ली सनातन धर्म सेवा की शपथ
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के भगवानपुर नंदपुरी स्थित ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र मां जगदम्बा मंदिर परिसर में एक अत्यंत गरिमामयी और उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर मां जगदम्बा पुत्र सेवा दल की ओर से बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के प्रतिष्ठित सदस्य सायन कुणाल का भव्य स्वागत किया गया। मंदिर परिसर में पहुंचे सायन कुणाल का संगठन के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं और पारंपरिक तरीके से जोरदार अभिनंदन किया। इस आयोजन के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल और जयकारों से गूंज उठा।
मां जगदम्बा मंदिर में स्वागत समारोह और धार्मिक अनुष्ठान
कार्यक्रम की शुरुआत भगवानपुर नंदपुरी स्थित मां जगदम्बा के दरबार में विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना और आरती से हुई।
दर्शन और आशीर्वाद: बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य सायन कुणाल ने मंदिर पहुंचकर मां जगदम्बा की प्रतिमा के समक्ष माथा टेका और राज्य एवं समाज की सुख-शांति, प्रगति तथा कल्याण के लिए प्रार्थना की।
भव्य अभिनंदन: मंदिर के मुख्य प्रांगण में 'मां जगदम्बा पुत्र सेवा दल' के युवाओं और वरिष्ठ सदस्यों ने अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सायन कुणाल का स्वागत किया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने उनके धार्मिक और सामाजिक योगदान की जमकर सराहना की।
सायन कुणाल का संबोधन: धार्मिक न्यासों और मंदिरों के विकास पर जोर
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सायन कुणाल ने मां जगदम्बा पुत्र सेवा दल के कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
धार्मिक स्थलों का संरक्षण: उन्होंने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को संजोकर रखना हम सबका नैतिक दायित्व है। बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद राज्य के सभी प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों के संरक्षण, उनके प्रबंधन और विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहा है।
युवाओं की भूमिका: उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी यदि धर्म, संस्कृति और सामाजिक सेवा के कार्यों से जुड़ेगी, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की गति और तेज होगी। उन्होंने मंदिर के सौंदर्यीकरण और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाने का भी भरोसा दिया।
संकल्प समारोह: समाज और सनातन धर्म की निरंतर सेवा का प्रण
स्वागत समारोह के दौरान सबसे मुख्य आकर्षण 'मां जगदम्बा पुत्र सेवा दल' के सदस्यों द्वारा लिया गया सामूहिक संकल्प रहा। संगठन के सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एक स्वर में यह शपथ ली कि वे जीवनपर्यंत समाज के उत्थान, दीन-दुखियों की सहायता और सनातन धर्म की सेवा के लिए पूरी तन्मयता से कार्य करते रहेंगे।
सकारात्मक बदलाव की पहल: सेवा दल के सदस्यों ने कहा कि वे भगवानपुर नंदपुरी क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता और जनहित के कार्यों को बढ़ावा देंगे।
एकता का संदेश: इस संकल्प के माध्यम से युवाओं ने यह संदेश दिया कि एकजुट होकर ही समाज में फैली कुरीतियों को दूर किया जा सकता है और अपनी प्राचीन संस्कृति को सुरक्षित रखा जा सकता है।
क्षेत्र में हर्ष का माहौल और भविष्य की रूपरेखा
इस आयोजन के सफल संपन्न होने से भगवानपुर नंदपुरी और आसपास के इलाकों के सनातन प्रेमियों और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा गया।
सांस्कृतिक धरोहरों का विकास: स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था और अधिक प्रगाढ़ होती है तथा प्रशासनिक स्तर पर भी सहयोग मिलने से मंदिरों का कायाकल्प तेजी से होता है।
कार्यक्रम का समापन: अंत में मां जगदम्बा की महाआरती के साथ प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान सेवा दल के तमाम प्रमुख सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाया।