मारवाड़ी कॉलेज में इंटर्नशिप अनुभवों की साझा कार्यशाला का भव्य आयोजन; विद्यार्थियों ने कॉरपोरेट और कार्यक्षेत्र के अनुभवों को किया साझा, प्राध्यापकों ने की हौसलाअफजाई

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के प्रतिष्ठित और अग्रणी शिक्षण संस्थानों में शुमार मारवाड़ी कॉलेज (Marwari College, Bhagalpur) में उच्च शिक्षा को व्यावहारिक और कौशल-आधारित बनाने की दिशा में एक और उल्लेखनीय पहल की गई है। कॉलेज परिसर में मंगलवार को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और विभिन्न स्नातक विभागों के विद्यार्थियों के लिए ‘इंटर्नशिप अनुभव सह साझा कार्यशाला’ (Internship Experience Sharing Workshop) का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कंपनियों, संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में समर/विंटर इंटर्नशिप पूरी कर लौटे छात्र-छात्राओं ने अपने व्यावहारिक अनुभवों, कार्यशैली की चुनौतियों और सीखे गए नए कौशलों (Skills) को मंच पर विस्तार से साझा किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ और प्राध्यापकों की गरिमामयी उपस्थिति

महाविद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यशाला की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष (HOD), प्लेसमेंट सेल के समन्वयक और वरिष्ठ शिक्षक विशेष रूप से उपस्थित रहे।

व्यावहारिक शिक्षा पर जोर: कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल किताबी ज्ञान (Theoretical Knowledge) प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। जब तक विद्यार्थी कार्यक्षेत्र (Field/Corporate Sector) की वास्तविक सच्चिदानंद स्थितियों से वाकिफ नहीं होते, तब तक उनका संपूर्ण विकास संभव नहीं है।

कौशल विकास का माध्यम: उन्होंने कहा कि मारवाड़ी कॉलेज अपने विद्यार्थियों को रोजगारपरक और उद्योग-उन्मुख शिक्षा देने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है, और इंटर्नशिप इसी कड़ी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है।

विद्यार्थियों ने साझा किए अपने खट्टे-मीठे और रोमांचक अनुभव

कार्यशाला का सबसे आकर्षक चरण वह रहा जब विभिन्न क्षेत्रों में इंटर्नशिप पूरी करने वाले छात्र-छात्राओं ने एक-एक कर मंच संभाला और अपने अनुभवों को साथियों के सामने रखा:

वित्तीय और प्रबंधन क्षेत्र के अनुभव: कॉमर्स और मैनेजमेंट (BBA/BCom) की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने बताया कि उन्होंने स्थानीय वित्तीय संस्थानों, बैंकों और चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्मों में इंटर्नशिप के दौरान डिजिटल अकाउंटिंग, ऑडिटिंग और क्लाइंट हैंडलिंग के गुर सीखे। उन्होंने कहा कि किताबों में पढ़ाए जाने वाले नियम जब प्रैक्टिकल में लागू होते हैं, तो उनका वास्तविक अर्थ समझ में आता है।

आईटी और तकनीकी क्षेत्र के इंटर्न: कंप्यूटर साइंस और आईटी से जुड़े विद्यार्थियों ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा एनालिसिस और कोडिंग से जुड़ी अपनी तकनीकी चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे कॉरपोरेट डेडलाइन के दबाव में काम किया जाता है और टीम वर्क (Teamwork) किसी भी प्रोजेक्ट की सफलता के लिए कितना जरूरी है।

मीडिया और सोशल सेक्टर के अनुभव: पत्रकारिता और कला संकाय के विद्यार्थियों ने विभिन्न मीडिया घरानों और एनजीओ (NGO) में किए गए कार्यों के अनुभव साझा करते हुए बताया कि फील्ड वर्क के दौरान लोगों से संवाद स्थापित करना और समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझना उनके जीवन का सबसे बेहतरीन अनुभव रहा।

जूनियर विद्यार्थियों के लिए बनी प्रेरणा की पाठशाला

यह कार्यशाला केवल अनुभव साझा करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह प्रथम और द्वितीय वर्ष के जूनियर विद्यार्थियों के लिए एक ‘करियर गाइडेंस क्लास’ साबित हुई।

जूनियरों के मन के सवाल: सभागार में बैठे सैकड़ों जूनियर विद्यार्थियों ने अपने सीनियर्स से सवाल पूछे कि इंटर्नशिप के लिए आवेदन कैसे किया जाता है, किस प्रकार के रिज्यूमे (Resume) को कंपनियां प्राथमिकता देती हैं और इंटरव्यू के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सीनियर्स की महत्वपूर्ण टिप्स: इंटर्नशिप पूरी कर चुके विद्यार्थियों ने अपने जूनियर्स को सलाह दी कि वे पढ़ाई के साथ-साथ अपने कम्यूनिकेशन स्किल (Communication Skills), समय प्रबंधन (Time Management) और सॉफ्टवेयर टूल्स पर विशेष पकड़ मजबूत करें, क्योंकि कार्यक्षेत्र में ये चीजें सबसे ज्यादा मायने रखती हैं।

प्लेसमेंट सेल की भूमिका और भविष्य की योजनाएं

कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के अधिकारियों ने आगामी सत्र में विद्यार्थियों के लिए और अधिक कंपनियों को आमंत्रित करने की जानकारी दी।

कॉर्पोरेट-एजुकेशन लिंकेज: अधिकारियों ने बताया कि कॉलेज प्रशासन लगातार देश की नामचीन कंपनियों के संपर्क में है ताकि भागलपुर जैसे टियर-2 शहर के विद्यार्थियों को भी उच्च कोटि के इंटर्नशिप और प्लेसमेंट अवसर मिल सकें।

प्रमाण पत्र वितरण: इस सफल कार्यशाला के अंत में इंटर्नशिप सफलतापूरी करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को कॉलेज प्रशासन की ओर से सराहना प्रमाण पत्र (Appreciation Certificates) प्रदान किए गए, जिससे उनका उत्साहवर्धन हुआ।

मारवाड़ी कॉलेज में आयोजित यह इंटर्नशिप अनुभव साझा कार्यशाला इस बात का प्रमाण है कि अब उच्च शिक्षण संस्थान पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर व्यावहारिक और कौशल-विकास आधारित शिक्षा प्रणाली को अपना रहे हैं। विद्यार्थियों द्वारा साझा किए गए अनुभव और मिली सीख आने वाली पीढ़ी के लिए मील का पत्थर साबित होगी, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से पूरी तरह तैयार हो सकेंगे।