कई जिलों में अतिभारी बारिश की चेतावनी, बेगूसराय, गया, जमुई और नवादा में रेड अलर्ट; पटना समेत 19 जिलों में भारी बारिश का अनुमान
पटना: बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को बेगूसराय, गया, जमुई और नवादा में अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं पटना समेत 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलजमाव, यातायात बाधित होने और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना है।
बिहार में सक्रिय हुआ मानसून
मानसून की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रहने के बाद अब पूरे बिहार में अच्छी बारिश होने लगी है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के विभिन्न जिलों में लगातार वर्षा दर्ज की जा रही है, जिससे मानसून की कमी काफी हद तक पूरी हो गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं और सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
चार जिलों में अतिभारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी के अनुसार बेगूसराय, गया, जमुई और नवादा में कई स्थानों पर अतिभारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में कम समय में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
इन जिलों के लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
पटना समेत 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने पटना सहित 19 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश के कारण निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं—
निचले इलाकों में जलजमाव।
सड़कों पर यातायात बाधित होना।
नालों के ओवरफ्लो होने की संभावना।
कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित होना।
दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ना।
जिला प्रशासन को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के लिए राहत की बारिश
लगातार हो रही बारिश से किसानों में खुशी का माहौल है। धान की रोपाई के लिए यह वर्षा बेहद लाभदायक मानी जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, तालाब और जलाशय भरेंगे तथा सिंचाई के लिए भूजल पर निर्भरता कम होगी।
हालांकि उन्होंने किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने की भी सलाह दी है ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे।
नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
लगातार बारिश के कारण बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है।
बाढ़ संभावित जिलों में जिला प्रशासन को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें भी अलर्ट मोड में हैं और तटबंधों की नियमित निगरानी की जा रही है।
जलजमाव की बढ़ सकती है समस्या
भारी बारिश के कारण कई शहरी क्षेत्रों और निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
नगर निकायों को नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और आवश्यकतानुसार पंपिंग सेट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से अपील की गई है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें, क्योंकि खुले मैनहोल और बिजली के तार दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
वज्रपात और आंधी की भी संभावना
भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि—
आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।
बिजली चमकने के समय खुले मैदान में न रहें।
घर के भीतर सुरक्षित स्थान पर रहें।
खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
प्रशासन अलर्ट मोड में
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए व्यापक तैयारी कर ली है।
आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, बिजली, नगर निकाय और पुलिस विभाग के अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।
यातायात हो सकता है प्रभावित
भारी बारिश के कारण कई जिलों में सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
जलभराव और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी गई है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों से मौसम की जानकारी लेकर ही घर से निकलने की अपील की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से बचने की सलाह दी है।
लोगों से कहा गया है कि वे साफ पानी का उपयोग करें, दूषित भोजन से बचें, घर और आसपास साफ-सफाई रखें तथा पानी जमा न होने दें ताकि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा कम हो सके।
गर्मी और उमस से राहत
लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक मानसून सक्रिय रहेगा, तब तक तापमान सामान्य से कम बना रह सकता है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर ध्यान न दें।
बाढ़ संभावित और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
बिहार में सक्रिय मानसून ने जहां किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, वहीं भारी बारिश, जलजमाव, वज्रपात और संभावित बाढ़ जैसी चुनौतियां भी सामने हैं।
बेगूसराय, गया, जमुई और नवादा में अतिभारी बारिश तथा पटना समेत 19 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लोगों से भी अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की सलाह का पालन करें और आवश्यक सावधानी बरतें।