डीएम की अध्यक्षता में हुई बिहार राज्य फसल सहायता योजना की उच्चस्तरीय समीक्षा; किसानों को समय पर लाभ दिलाने के कड़े निर्देश

भागलपुर: कृषि और किसानों के कल्याण को सर्वोपरि रखते हुए बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में 'बिहार राज्य फसल सहायता योजना' की प्रगति की एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों के आवेदनों के सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाना और यह सुनिश्चित करना था कि वास्तविक और पात्र किसानों को समयबद्ध तरीके से इस योजना का लाभ मिल सके।

फसल सहायता योजना: किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच

प्राकृतिक आपदाओं, ओलावृष्टि, अत्यधिक वर्षा या सूखा जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण फसलों को होने वाले नुकसान से किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए बिहार सरकार द्वारा 'बिहार राज्य फसल सहायता योजना' चलाई जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को उनकी फसल के नुकसान के आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

भागलपुर जिले में इस योजना के तहत प्राप्त हुए आवेदनों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे कागजी कार्रवाई में ढिलाई बिल्कुल न बरतें। उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाने के निर्देश

बैठक के दौरान डीएम ने पिछले सत्रों के लंबित आवेदनों और वर्तमान आवेदनों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने पंचायत स्तर पर गठित जांच समितियों और सहकारिता विभाग के कार्यों की सुस्ती पर नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि:

त्वरित सत्यापन: कृषि समन्वयकों और राजस्व कर्मचारियों की टीम बनाकर युद्ध स्तर पर किसानों के खेतों और उनके आवेदनों का सत्यापन कराया जाए।

पारदर्शिता: सत्यापन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि किसी भी अयोग्य व्यक्ति को इसका लाभ न मिल सके और कोई भी वास्तविक पात्र किसान इस योजना से वंचित न रहे।

त्रुटियों में सुधार: जिन किसानों के आवेदन पत्रों में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि या दस्तावेज की कमी पाई गई है, उन्हें सूचित कर समय रहते सुधार कराया जाए।

किसानों को जागरूक करने पर जोर

जिलाधिकारी ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करें। कई बार जानकारी के अभाव में छोटे और सीमांत किसान योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर या मुनादी कराकर किसानों को योजना के नियमों, अंतिम तिथियों और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जागरूक किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन प्रखंडों से आवेदन कम संख्या में प्राप्त हुए हैं, वहाँ विशेष कैंप लगाकर किसानों को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाए।

अधिकारियों को चेतावनी: लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

समीक्षा के अंत में डीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने को कहा ताकि लक्ष्य को समय सीमा के भीतर हासिल किया जा सके।

अन्नदाताओं के चेहरे पर आएगी मुस्कान

बिहार राज्य फसल सहायता योजना की इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट हो गया है कि जिला प्रशासन भागलपुर के किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। यदि प्रशासनिक स्तर पर दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन हुआ, तो आने वाले समय में जिले के हजारों किसानों को समय पर मुआवजा और सहायता राशि मिल सकेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे कृषि कार्यों के लिए और अधिक प्रोत्साहित होंगे।