एनएच 80 पर अधूरा सड़क निर्माण बना दुर्घटनाओं का पर्याय, प्रशासन की चुप्पी पर भड़के लोग

पीरपैंती (भागलपुर): भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच 80 पर शेरमारी बाजार का इलाका इन दिनों विकास के नाम पर 'विनाश' की दास्तां बयां कर रहा है। कभी भागलपुर और साहिबगंज को जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। सड़क निर्माण कंपनी की घोर लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के कारण शेरमारी में सड़क का निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से अधर में लटका हुआ है। स्थानीय लोग इस खस्ताहाल सड़क के कारण हर दिन जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।

निर्माण कंपनी की लापरवाही: आधी-अधूरी ढलाई, खुला निमंत्रण

शेरमारी में एनएच 80 के निर्माण कार्य की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। निर्माण कंपनी ने सड़क की ढलाई (Concrete Work) के नाम पर केवल खानापूर्ति की है।

दक्षिण दिशा का हाल: सड़क के दक्षिण हिस्से में ढलाई का कार्य बीच में ही छोड़ दिया गया है। वहां न तो फिनिशिंग का काम हुआ है और न ही सड़क के किनारे की ढलाई पूरी की गई है, जिससे वाहनों का संतुलन बिगड़ना आम बात हो गई है।

उत्तर दिशा का संकट: सड़क के उत्तरी हिस्से में बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। कंपनी ने यहां न तो मिट्टी भराव का काम किया और न ही जल निकासी (Drainage) की कोई व्यवस्था की। नतीजा यह है कि थोड़ी सी बारिश होते ही इन गड्ढों में तालाब जैसा जलजमाव हो जाता है। कीचड़ और गड्ढों के कारण अक्सर दुपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

समाचार के प्रकाशन के बाद भी स्थिति जस की तस

स्थानीय मीडिया और अखबारों में जब इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, तो उम्मीद जगी थी कि प्रशासन की नींद खुलेगी। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि खबरें छपने के बाद भी निर्माण कंपनी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है। न तो अधिकारियों ने मौके का दौरा किया और न ही अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए कोई ठोस निर्देश जारी किए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल काम में ढिलाई नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।

आम जनता का दर्द: 'रोज की मुसीबत'

शेरमारी के स्थानीय व्यापारी और स्कूल जाने वाले छात्र इस सड़क के सबसे बड़े भुक्तभोगी हैं।

व्यापार पर असर: दुकानदारों का कहना है कि सड़क पर उड़ती धूल और कीचड़ के कारण ग्राहक दुकान तक आने से कतराते हैं। बाजार का व्यापार चौपट हो चुका है।

स्कूल के बच्चे: सड़क किनारे स्थित स्कूलों में जाने वाले बच्चों को हर दिन जान हथेली पर रखकर इन गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है।

दुर्घटनाओं का डर: स्थानीय निवासी बताते हैं कि हर दिन कम से कम दो-चार लोग इन गड्ढों में गिरकर घायल होते हैं। रात के समय अंधेरा होने के कारण यह सड़क 'मौत का जाल' बन जाती है।

प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे सवाल

पीरपैंती की जनता अब आक्रोशित है। लोगों का सवाल है कि क्या एनएचएआई (NHAI) और निर्माण कंपनी पर किसी का नियंत्रण नहीं है? बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होना इस बात का संकेत है कि सिस्टम में कहीं न कहीं मिलीभगत है।

एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, "हम टैक्स देते हैं, हम सुगम सड़क की उम्मीद रखते हैं। लेकिन पीरपैंती के शेरमारी में हमें सिर्फ धूल, कीचड़ और गड्ढे मिले हैं। यदि निर्माण कंपनी को काम करने में दिलचस्पी नहीं है, तो उसे तत्काल ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया जा रहा?"

क्या कहती है कंपनी और विभाग?

इस मामले पर निर्माण कंपनी के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का आधिकारिक बयान अब तक सामने नहीं आया है। वहीं, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामला एनएच विभाग के अंतर्गत आता है और वे केवल 'फॉलो-अप' कर सकते हैं। यह आपसी तालमेल की कमी ही है, जिसकी सजा आज आम जनता भुगत रही है।

आगामी रणनीति: 'सड़क नहीं तो वोट नहीं'

शेरमारी के निवासियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ग्रामीणों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि यदि आने वाले कुछ दिनों के भीतर सड़क निर्माण का कार्य फिर से शुरू नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि वे सड़क निर्माण में हो रही कोताही को लेकर वरीय अधिकारियों और जिला प्रशासन के पास सामूहिक रूप से अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।

सुधार की दरकार

शेरमारी में एनएच 80 की यह बदहाली केवल एक सड़क का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सुशासन और कार्यक्षमता की परीक्षा भी है। अधूरे ढलाई के काम को पूरा करना और जलजमाव की समस्या का समाधान करना अब अनिवार्य हो गया है। प्रशासन को चाहिए कि वह निर्माण कंपनी पर सख्त जुर्माना लगाए और समय-सीमा तय कर कार्य पूर्ण कराए।

जब तक गड्ढे नहीं भरे जाएंगे और सड़क का निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा नहीं होगा, तब तक शेरमारी के निवासियों के लिए हर दिन एक नई चुनौती बना रहेगा। उम्मीद है कि इस बार प्रशासन की ओर से ठोस कदम उठाए जाएंगे और पीरपैंती की जनता को जल्द ही एक सुरक्षित और बेहतर सड़क नसीब होगी।