पुरानी धर्मशाला चौक स्थित संतोषी माता मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण: पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा ने लिया जायजा, कहा—पूरा होने पर और भव्य दिखेगा मंदिर

बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था के केंद्रों के जीर्णोद्धार की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। शहर के व्यस्त और प्रसिद्ध पुरानी धर्मशाला चौक के पास स्थित ऐतिहासिक संतोषी माता मंदिर के चल रहे जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण कार्य का जायजा लेने के लिए बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता सुरेश शर्मा रविवार को विशेष रूप से वहां पहुंचे। पूर्व मंत्री ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया और चल रहे कार्यों की प्रगति पर संतोष जताते हुए उसकी जमकर सराहना की। इस दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

 जीर्णोद्धार कार्य का जायजा और प्रगति की समीक्षा

रविवार को पुरानी धर्मशाला चौक स्थित संतोषी माता मंदिर पहुंचे पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा ने मंदिर के गर्भगृह, प्रांगण और बाहर चल रहे निर्माण व नक्काशी के कार्यों का जायजा लिया।

बारीकी से निरीक्षण: उन्होंने मंदिर के हर हिस्से में चल रहे आधुनिकीकरण और पारंपरिक शिल्प कला के मेल को देखा। उन्होंने मिस्त्रियों और कारीगरों से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि कार्य को किस योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

गुणवत्ता पर जोर: निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर समिति और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को निर्देश दिया कि निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए, ताकि मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित और सुंदर बना रहे।

 पूर्व मंत्री का आश्वासन: "निर्माण पूरा होने के बाद बेहद भव्य होगा मंदिर"

मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यों का मुआयना करने के बाद पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा ने मीडिया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मां संतोषी की कृपा से इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य बहुत ही सुंदर ढंग से आगे बढ़ रहा है।

भव्य स्वरूप: उन्होंने पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि जब यह जीर्णोद्धार कार्य पूरी तरह से संपन्न हो जाएगा, तब यह मंदिर अपने नए और अलौकिक स्वरूप में बेहद भ्रव्य और आकर्षक दिखाई देगा।

आस्था का केंद्र: सुरेश शर्मा ने कहा कि ऐसे धार्मिक स्थल हमारी संस्कृति और सनातन परंपरा की पहचान होते हैं। इनका संवरना पूरे शहर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं से भी इस पवित्र कार्य में हरसंभव सहयोग करने की अपील की।

 पुजारी और श्रद्धालुओं द्वारा पारंपरिक स्वागत

निरीक्षण के दौरान संतोषी माता मंदिर के मुख्य पुजारी और मंदिर समिति के सदस्यों ने पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा का पारंपरिक व आत्मीय स्वागत किया।

चुनरी ओढ़ाकर सम्मान: मंदिर के पुजारी ने मंत्रोच्चार के बीच पूर्व मंत्री को माता की पवित्र चुनरी ओढ़ाई और उन्हें माता का प्रसाद एवं तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया।

भक्तों में उत्साह: इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु भी वहां मौजूद थे। पूर्व मंत्री को अपने बीच पाकर और मंदिर के जीर्णोद्धार के प्रति उनकी सकारात्मक रुचि देखकर भक्तों में खासा उत्साह देखा गया। लोगों ने हर-हर माता संतोषी के जयकारे भी लगाए।

 धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्व

पुरानी धर्मशाला चौक जैसे घनी आबादी और व्यापारिक क्षेत्र में स्थित संतोषी माता मंदिर की महत्ता स्थानीय लोगों के लिए बहुत अधिक है।

धार्मिक जुड़ाव: शुक्रवार के दिन और विशेष पर्व-त्योहारों पर यहां सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु माता संतोषी की पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं।

सौंदर्यकरण का लाभ: मंदिर के जीर्णोद्धार से न केवल परिसर का विस्तार और मजबूती बढ़ेगी, बल्कि चौक के आसपास का सौंदर्य भी निखर कर सामने आएगा।

कार्यक्रम के अंत में पूर्व मंत्री ने मंदिर परिसर में उपस्थित सभी लोगों को आगामी आयोजनों और धार्मिक पर्वों की बधाई दी तथा क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।