बिहपुर कस्तूरबा गांधी विद्यालय में एसपी वैभव शर्मा का प्रेरक संवाद छात्राओं को शिक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास का पाठ पढ़ाया, उज्ज्वल भविष्य के लिए भरी हुंकार

भागलपुर : पुलिस महकमे के अधिकारी अक्सर कानून व्यवस्था और अपराधियों की धरपकड़ जैसे सख्त दायित्वों के लिए जाने जाते हैं, परंतु जब एक संवेदनशील अधिकारी खाकी के रौब से परे हटकर नौनिहालों के भविष्य को संवारने की मुहिम में जुट जाए, तो समाज में एक सकारात्मक बदलाव की बयार बहने लगती है। कुछ ऐसा ही प्रेरणादायी नजारा भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में देखने को मिला, जहां नवगछिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वैभव शर्मा ने औचक निरीक्षण के दौरान छात्राओं के बीच पहुंचकर एक अनूठा संवाद स्थापित किया। एसपी ने न केवल विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि छात्राओं से खुलकर बातचीत करते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व, जीवन में अनुशासन, निडरता और आत्मबल का ऐसा पाठ पढ़ाया, जिसने वहां मौजूद हर एक छात्रा के चेहरों पर चमक ला दी।

छात्राओं के बीच पहुंचे एसपी: आत्मीयता और उत्साह का माहौल

जैसे ही नवगछिया एसपी वैभव शर्मा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के परिसर में पहुंचे, वहां की बालिकाओं और शिक्षिकाओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया:

खुले माहौल में संवाद: एसपी ने किसी औपचारिक और सख्त प्रशासनिक बैठक की बजाय छात्राओं के साथ सीधे संवाद की पहल की। वे सीधे हॉस्टल और कक्षाओं में पहुंचे और बच्चियों के बीच बैठकर उनसे उनकी पढ़ाई, रहन-सहन और भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली।

बेझिझक सवाल पूछने की छूट: एसपी ने छात्राओं से कहा कि वे पुलिस को केवल कानून के रखवाले के रूप में नहीं, बल्कि अपने एक बड़े अभिभावक और शुभचिंतक के रूप में देखें। उन्होंने बच्चियों को बिना किसी झिझक के अपनी बातें और समस्याएं साझा करने के लिए प्रेरित किया।

एसपी वैभव शर्मा द्वारा दिया गया जीवन का सबसे बड़ा पाठ

कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में मुख्य रूप से ग्रामीण और वंचित परिवेश से आने वाली बेटियां शिक्षा ग्रहण करती हैं, जिनके लिए ऐसा मार्गदर्शन वरदान साबित होता है:

शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी: एसपी वैभव शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा एक ऐसा सशक्त माध्यम है जो जीवन की हर बाधा को पार करने की ताकत देता है। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि वे अपनी पूरी ऊर्जा और ध्यान केवल और केवल पढ़ाई पर केंद्रित करें, क्योंकि शिक्षा ही उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाएगी।

आत्मविश्वास और निडरता का संदेश: पुलिस अधीक्षक ने बेटियों को यह सिखाया कि जीवन में किसी भी परिस्थिति से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति ही हर मुश्किल वक्त का मुकाबला करने का सबसे बड़ा हथियार है।

अनुशासन और समय का महत्व: अनुशासन को जीवन की सफलता की रीढ़ बताते हुए एसपी ने कहा कि बिना नियमबद्ध और अनुशासित दिनचर्या के बड़े लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने बच्चियों को समय के सदुपयोग और नियमित रूप से पढ़ाई करने की नसीहत दी।

छात्राओं में दिखा गजब का उत्साह और प्रतिक्रिया

एक आईपीएस अधिकारी को अपने बीच पाकर और उनसे इस तरह का स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन पाकर कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं का उत्साह देखने लायक था:

सपनों को पंख: संवाद के दौरान कई छात्राओं ने एसपी के सामने डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस सेवा में जाकर देश की सेवा करने की अपनी इच्छा जाहिर की। एसपी ने उनकी इन महत्वाकांक्षाओं की खुलकर सराहना की और उन्हें भरोसा दिलाया कि यदि वे कठिन परिश्रम करेंगी, तो उनकी हर मंजिल आसान हो जाएगी।

सुरक्षा और भरोसे का अहसास: इस मुलाकात ने छात्राओं के मन में पुलिस के प्रति एक नया विश्वास पैदा किया। उन्होंने महसूस किया कि समाज और कानून के रखवाले उनकी सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

बिहपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में नवगछिया एसपी वैभव शर्मा द्वारा बच्चियों के साथ किया गया यह संवाद महज एक सामान्य दौरा नहीं था, बल्कि यह समाज की बेटियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बेहद सराहनीय और दूरगामी कदम था। जब प्रशासनिक पदों पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी इस तरह जमीनी स्तर पर पहुंचकर भावी पीढ़ी का मार्गदर्शन करते हैं, तो इससे न केवल बेटियों का हौसला बुलंद होता है, बल्कि एक मजबूत, शिक्षित और सुरक्षित समाज के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त होता है।