कांटी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कंटेनर में कूलरों के भीतर छिपाकर लाई जा रही 2670 लीटर विदेशी शराब जब्त
मुजफ्फरपुर: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर जिले की कांटी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पानापुर करियात और कांटी थाना क्षेत्र में की गई दो अलग-अलग कार्रवाई में पुलिस ने कुल 2670 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। शराब तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। उन्होंने एक कंटेनर में रखे 110 कूलरों के भीतर शराब के कार्टन छिपाकर उसकी तस्करी करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उनकी योजना विफल हो गई।
पुलिस ने बरामद शराब को जब्त कर लिया है और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर तस्करों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है ताकि शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि शराब की बड़ी खेप कंटेनर के जरिए जिले में लाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान एक कंटेनर को रोका गया। प्रारंभिक जांच में कंटेनर में केवल कूलर लदे हुए दिखाई दिए, लेकिन पुलिस को संदेह होने पर गहन तलाशी ली गई।
कूलरों के भीतर छिपा रखा था शराब का जखीरा
तलाशी के दौरान पुलिस ने पाया कि कंटेनर में रखे 110 कूलरों के भीतर बड़ी मात्रा में विदेशी शराब के कार्टन छिपाए गए थे। तस्करों ने इस तरह पैकिंग की थी कि सामान्य जांच में शराब दिखाई न दे।
पुलिस ने सभी कूलरों को खोलकर जांच की, जिसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई।
कुल 2670 लीटर विदेशी शराब बरामद
दो अलग-अलग कार्रवाई में पुलिस ने कुल 2670 लीटर विदेशी शराब जब्त की। बरामद शराब की बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी यह संकेत देती है कि इसके पीछे संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
दो स्थानों पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पानापुर करियात और कांटी थाना क्षेत्र में की गई। दोनों स्थानों पर पुलिस ने अलग-अलग अभियान चलाकर शराब की खेप बरामद की।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
तस्करों की तलाश जारी
मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस कंटेनर के मालिक, चालक, परिवहन से जुड़े लोगों और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
शराबबंदी कानून के बावजूद सक्रिय तस्कर
बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद राज्य में समय-समय पर शराब तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं।
तस्कर पुलिस से बचने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपनाते हैं। कभी फलों और सब्जियों के नीचे शराब छिपाई जाती है, तो कभी मशीनों, फर्नीचर, ट्रकों, टैंकरों या अन्य सामान के बीच शराब की खेप छिपाकर ले जाने की कोशिश की जाती है।
पुलिस की रणनीति हुई सफल
इस मामले में पुलिस की सतर्कता और गहन जांच के कारण तस्करों की चालाकी नाकाम हो गई।
अधिकारियों का कहना है कि यदि केवल सतही जांच की जाती तो कंटेनर में रखे कूलरों के भीतर छिपाई गई शराब का पता लगाना मुश्किल हो सकता था।
संगठित नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि—
- शराब किस राज्य से लाई गई थी।
- इसका अंतिम गंतव्य क्या था।
- इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
- क्या पहले भी इसी तरीके से तस्करी की गई थी।
डिजिटल रिकॉर्ड, परिवहन दस्तावेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध वाहन, अवैध शराब की बिक्री या तस्करी की सूचना मिले तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
अधिकारियों ने कहा कि आम जनता के सहयोग से अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
शराबबंदी कानून का उद्देश्य
राज्य सरकार का कहना है कि शराबबंदी का उद्देश्य सामाजिक सुधार, घरेलू हिंसा में कमी और नशे से होने वाले अपराधों पर नियंत्रण करना है। इसी कारण पुलिस और उत्पाद विभाग लगातार संयुक्त अभियान चलाकर शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।
मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना और पानापुर करियात क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2670 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। तस्करों ने 110 कूलरों के भीतर शराब के कार्टन छिपाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए पूरी खेप जब्त कर ली। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे तस्करी नेटवर्क की पहचान तथा फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।