सुल्तानगंज में श्रावणी मेले के भव्य उद्घाटन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बड़े ऐलान; क्षेत्र में इंटरनेशनल एयरपोर्ट, विक्रमशिला और 'अंग टाउनशिप' समेत विकास की कई बड़ी सौगातों की घोषणा
भागलपुर, विशेष संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध और ऐतिहासिक श्रावणी मेले के विधिवत शुभारंभ के अवसर पर भागलपुर जिले के सुल्तानगंज पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उत्तरवाहिनी गंगा तट पर पूजा-अर्चना के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने न केवल देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि भागलपुर और आंग्ल क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए कई ऐतिहासिक एवं दूरगामी घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री ने सुल्तानगंज को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का ऐलान किया, जिससे स्थानीय लोगों और कारोबारियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
सुल्तानगंज में अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट का निर्माण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में सबसे बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि धार्मिक पर्यटन और वैश्विक स्तर पर श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सुल्तानगंज में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा (International Airport) विकसित किया जाएगा।
इस एयरपोर्ट के बन जाने से देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और अन्य देशों से आने वाले शिवभक्तों और पर्यटकों को सुल्तानगंज और बाबा बैद्यनाथ धाम तक पहुंचने में बेहद आसानी होगी।
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में यह बिहार सरकार का एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिससे इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल जाएगी।
नाथनगर में 'विक्रमशिला टाउनशिप' और मुंगेर-बरियारपुर में 'अंग टाउनशिप' का विकास
क्षेत्र में औद्योगिकीकरण, शहरीकरण और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री ने आधुनिक टाउनशिप्स बसाने की घोषणा की:
विक्रमशिला टाउनशिप: ऐतिहासिक धरोहर विक्रमशिला के समीप नाथनगर क्षेत्र में एक आधुनिक 'विक्रमशिला टाउनशिप' विकसित की जाएगी, जो शिक्षा, संस्कृति और आधुनिक आवास की सुविधाओं से लैस होगी।
अंग टाउनशिप: इसके साथ ही बरियारपुर-मुंगेर क्षेत्र में 'अंग टाउनशिप' के निर्माण का ऐलान किया गया है, जिससे अंग क्षेत्र के इस हिस्से में व्यावसायिक गतिविधियों और टाउनशिप डेवलपमेंट को रफ्तार मिलेगी। इसके अलावा गोराडीह और असरगंज में नए औद्योगिक कॉरिडोर स्थापित करने की भी योजना है।
कनेक्टिविटी और परिवहन को नई रफ्तार: मरीन ड्राइव, रोप-वे और पुल निर्माण
श्रावणी मेले के दौरान लगने वाले जाम और यातायात की समस्याओं से निजात दिलाने तथा स्थायी विकास के लिए कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का ऐलान किया गया:
अगुवानी-सुल्तानगंज गंगा पुल: बहुप्रतीक्षित अगुवानी-सुल्तानगंज गंगा पुल के निर्माण कार्य को लेकर सीएम ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना 31 दिसंबर 2027 से पहले हर हाल में पूरी कर ली जाएगी।
83 किमी लंबा गंगा पथ (मरीन ड्राइव): मुंगेर से भागलपुर तक लगभग 83 किलोमीटर लंबे गंगा पथ (मरीन ड्राइव) का विकास किया जाएगा, जिससे आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा।
अजगैबीनाथ से अगुवानी घाट तक रोप-वे: तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आकर्षण तथा सुगम आवाजाही के लिए अजगैबीनाथ धाम से अगुवानी घाट के बीच अत्याधुनिक रोप-वे का निर्माण कराया जाएगा।
फोरलेन सड़क और रेललाइन: सुल्तानगंज से देवघर तक फोरलेन सड़क के निर्माण को बरसात के बाद तेज गति दी जाएगी, साथ ही सुल्तानगंज-देवघर नई रेललाइन की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
अजगैबीनाथ धाम का होगा कायाकल्प, डॉल्फिन टूरिज्म को बढ़ावा
सुल्तानगंज के पौराणिक महत्व को और अधिक बढ़ाने के लिए गंगा के दोनों किनारों को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करने की योजना है:
नमामि गंगे घाट और अजगैबीनाथ धाम के पास घाटों का सुंदरीकरण किया जाएगा।
क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ डॉल्फिन टूरिज्म (Dolphin Tourism) को बढ़ावा देने और भव्य गंगा पार्क के निर्माण की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है।
श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं के लिए अभूतपूर्व इंतजाम
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि देश के कोने-कोने से आने वाले कांवरियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो:
भागलपुर, बांका और मुंगेर जिलों में कुल 2850 बेड की आधुनिक टेंट सिटी का निर्माण कराया गया है, जिसमें बिजली, पानी, शौचालय और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं।
इस बार कांवरियों के नंगे पांव चलने पर होने वाली तकलीफ को कम करने के लिए कांवरिया पथ पर विशेष मैट (चटाई) बिछाई गई है। साथ ही पहली बार 'जीविका दीदी की रसोई' के माध्यम से सात्विक भोजन और नमामि गंगे घाट पर लेजर व ड्रोन शो का आयोजन किया जा रहा है।
सुल्तानगंज में श्रावणी मेले के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किए गए ये बड़े ऐलान भागलपुर और पूरे अंग क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, आधुनिक टाउनशिप, मरीन ड्राइव और रोप-वे जैसी परियोजनाओं से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। सरकार के इन संकल्पों से यह साफ है कि आने वाले समय में भागलपुर आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से देश के नक्शे पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरकर सामने आएगा।