पूमरे के सोनपुर मंडल में पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत: 18 सितंबर को डीआरएम कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित होगी भव्य पेंशन अदालत, पेंशन से जुड़ी शिकायतों का होगा ऑन-द-स्पॉट निष्पादन
पूर्व मध्य रेल (ECR) के सोनपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। रेल कर्मियों के जीवनकाल के बाद उनके आर्थिक संबल और सामाजिक सुरक्षा का मुख्य जरिया उनकी पेंशन होती है। कई बार विभिन्न प्रशासनिक या तकनीकी कारणों से पेंशन, ग्रेच्युटी, कम्युटेशन या अन्य रिटायर्मेंट लाभों से जुड़ी शिकायतें लंबित रह जाती हैं। इन सभी समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान निकालने के लिए पूर्व मध्य रेल के सोनपुर मंडल द्वारा एक विशेष पहल की जा रही है। सोनपुर मंडल के डीआरएम कार्यालय के सभाकक्ष में आगामी 18 सितंबर को एक विशेष 'पेंशन अदालत' (Pension Adalat) का आयोजन किया जाएगा। इस उच्चस्तरीय पेंशन अदालत का मुख्य उद्देश्य पूर्व रेल कर्मियों की पेंशन संबंधी तमाम शिकायतों का मौके पर ही निष्पादन (On-the-spot Settlement) करना है।
पेंशन अदालत के आयोजन का मुख्य उद्देश्य और स्वरूप
सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को अपने बकाये और पेंशन से जुड़े मामलों के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए रेलवे प्रशासन लगातार प्रयासरत रहता है। सोनपुर मंडल द्वारा आयोजित होने वाली इस पेंशन अदालत की रूपरेखा कुछ इस प्रकार तय की गई है:
लंबित मामलों का त्वरित समाधान: ऐसे कई मामले होते हैं जिनमें पीपीपी (PPO), एरियर, फैमिली पेंशन, लीव एनकैशमेंट या फिक्सेशन से जुड़ी त्रुटियां लंबे समय से फंसी रहती हैं। इस अदालत के माध्यम से उन सभी पुराने और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा।
पारदर्शी और सुगम प्रक्रिया: पेंशनभोगियों को अपनी शिकायत दर्ज कराने और संबंधित अधिकारियों से सीधे संवाद करने का एक मंच मिलेगा। यहाँ रेलवे के कार्मिक विभाग (Personnel Department) और लेखा विभाग (Accounts Department) के वरिष्ठ अधिकारी एक साथ बैठकर मामलों की समीक्षा करेंगे।
उत्पीड़न और अनावश्यक देरी से मुक्ति: बुजुर्ग और वरिष्ठ नागरिकों (सेवानिवृत्त कर्मचारियों) को दफ्तरों की लंबी प्रक्रियाओं से राहत दिलाने के लिए इस एकल खिड़की (Single Window) व्यवस्था जैसी अदालत को काफी प्रभावी माना जा रहा है।
किन-किन मामलों की होगी सुनवाई?
सोनपुर मंडल के डीआरएम कार्यालय के सभाकक्ष में लगने वाली इस पेंशन अदालत में मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रकार की शिकायतों और प्रकरणों पर विचार किया जाएगा:
मूल पेंशन और संशोधन से जुड़े मामले: यदि किसी पेंशनभोगी की पेंशन के निर्धारण (Pension Fixation) में कोई त्रुटि रह गई है या सातवें वेतन आयोग या अन्य दिशा-निर्देशों के तहत मिलने वाले लाभ नहीं मिले हैं।
पारिवारिक पेंशन (Family Pension): रेल कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों या जीवनसाथी को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन से जुड़ी अड़चनें।
ग्रेच्युटी और कम्युटेशन: रिटायरमेंट के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी राशि या कम्युटेशन के भुगतान में देरी या कटौती से संबंधित शिकायतें।
बकाया राशि (Arrears): विभिन्न प्रकार के एरियर भुगतान से वंचित रहे पूर्व कर्मियों के आवेदन।
रेलवे प्रशासन की अपील और आवश्यक दिशा-निर्देश
सोनपुर मंडल प्रशासन ने सभी संबंधित पेंशनभोगियों और उनके परिजनों से अपील की है कि यदि उनकी पेंशन से जुड़ी कोई भी शिकायत या समस्या लंबित है, तो वे निर्धारित समय से पहले अपना आवेदन संबंधित विभाग में जमा कर दें, ताकि 18 सितंबर को आयोजित होने वाली इस पेंशन अदालत में उन मामलों को सूचीबद्व करके उनका त्वरित निष्पादन किया जा सके।
कार्यालय की तैयारी: डीआरएम कार्यालय के सभाकक्ष को इसके लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है। बुजुर्ग पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल और सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे।
रेलवे का प्रतिबद्ध रुख: पूर्व मध्य रेल हमेशा से अपने सेवारत और सेवानिवृत्त दोनों प्रकार के कर्मचारियों के कल्याण के प्रति कटिबद्ध रहा है। इस प्रकार की पेंशन अदालतें कर्मचारियों के प्रति रेलवे के संवेदनशील और जवाबदेह दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। 18 सितंबर को आयोजित होने वाली यह अदालत सोनपुर मंडल के सैकड़ों पूर्व रेल कर्मियों के लिए वरदान साबित होगी, जिससे उन्हें अपनी पेंशन से जुड़ी तमाम चिंताओं से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सकेगी।