मुशहरी के बुधनगरा राधा गांव में बड़ा हादसाटूटे हुए सर्विस वायर को जोड़ने के दौरान करंट लगने से 35 वर्षीय मजदूर सुरेश राम की दर्दनाक मौत घटना से पहले दोपहर तीन बजे अचानक गुल हुई थी बिजली, परिजनों में कोहराम और ग्रामीणों में आक्रोश

मुजफ्फरपुर (बिहार): बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी प्रखंड से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। मुशहरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बुधनगरा राधा गांव में लापरवाही और अनियोजित बिजली आपूर्ति के चलते एक गरीब परिवार का चिराग बुझ गया। गांव के ही रहने वाले 35 वर्षीय दैनिक मजदूर सुरेश राम की बिजली के करंट की चपेट में आने से अकाल मौत हो गई। यह दुर्घटना शाम करीब चार बजे उस वक्त घटी जब सुरेश अपने घर के पास लटक रहे या टूटे हुए सर्विस वायर को खुद से जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। हैरानी और लापरवाही की बात यह है कि घटना से ठीक एक घंटा पहले, यानी दोपहर तीन बजे के आसपास इलाके की बिजली अचानक गुल हो गई थी, और जब उन्होंने तार जोड़ने का काम शुरू किया तो बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली वापस आ गई, जिससे यह fatal mishap हो गया। इस अचानक हुई मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया है और ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है।

घटना का विवरण: कैसे हुई यह खौफनाक दुर्घटना?

प्राप्त विवरण के अनुसार, मृतक सुरेश राम एक मेहनतकश मजदूर थे जो रोजमर्रा की दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे।

दोपहर तीन बजे बिजली का कटना: घटना वाले दिन दोपहर करीब तीन बजे बुधनगरा राधा गांव की विद्युत आपूर्ति अचानक बाधित हो गई थी, यानी बिजली कट गई थी। ग्रामीण इलाकों में इस तरह के अघोषित पावर कट आम बात हैं।

टूटे हुए सर्विस वायर को ठीक करने की कोशिश: बिजली कटी होने के कारण सुरेश राम ने सोचा कि लाइन बंद है और स्थिति सुरक्षित है। उनके घर तक आने वाला सर्विस वायर कहीं से टूट गया था या ढीला होकर लटक रहा था, जिससे उनके घर की बिजली ठप थी। बिना लाइनमैन का इंतजार किए, उन्होंने खुद ही उस टूटे हुए सर्विस वायर को आपस में जोड़ने या ठीक करने का प्रयास शुरू कर दिया।

अचानक बिजली बहाल होना और करंट का झटका: अभी सुरेश तार को जोड़ ही रहे थे कि शाम चार बजे के आसपास अचानक बिजली की आपूर्ति बहाल (Restore) कर दी गई। बिजली विभाग की ओर से इस बात की कोई सूचना या समय सारणी नहीं थी। अचानक आए हाई-वोटेज करंट की चपेट में सुरेश बुरी तरह आ गए। इससे पहले कि वह संभल पाते या कोई उनकी मदद के लिए दौड़ता, करंट के तेज झटके ने उन्हें जकड़ लिया और वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े।

परिवार में मचा कोहराम और अस्पताल ले जाने की कोशिश

जैसे ही सुरेश राम करंट की चपेट में आए, आसपास मौजूद परिजनों और पड़ोसियों की चीख-पुकार मच गई।

चीख-पुकार और अफरा-तफरी: करंट लगने की आवाज सुनकर और परिजनों को रोते-बिलखते देख आसपास के लोग तुरंत मौके की ओर दौड़े। किसी तरह लकड़ी या सूखी डंडियों की मदद से बिजली के तार को अलग किया गया और सुरेश को छुड़ाया गया, तब तक उनकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।

अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत: गंभीर रूप से झुलसे सुरेश राम को तुरंत आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि करंट का झटका इतना तेज था कि शरीर के भीतरूनी अंग बुरी तरह प्रभावित हो गए थे, जिससे उनकी मौके पर ही या अस्पताल पहुंचने से पहले ही सांसें थम चुकी थीं।

गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ और ग्रामीणों का रोष

सुरेश राम की इस अचानक और दर्दनाक मौत से उनके परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है जिससे उबरना उनके लिए असंभव सा प्रतीत हो रहा है।

परिवार का एकमात्र सहारा छिना: मृतक सुरेश अपने पीछे रोती बिलखती पत्नी, मासूम बच्चों और बूढ़े माता-पिता को छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। घर के कमाऊ सदस्य के चले जाने से अब उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गांव की हर आँख इस घटना से नम नजर आई।

बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर फूटा गुस्सा: घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली। लोगों का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी शेड्यूल के बिजली का आना-जाना लगा रहता है और मेंटेनेंस के नाम पर बड़ी लापरवाही बरती जाती है। यदि बिजली कटने के बाद बिना सोचे-समझे दोबारा सप्लाई चालू न की जाती, तो शायद एक गरीब मजदूर की जान बच सकती थी।

पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक पहल

घटना की सूचना मिलते ही मुशहरी थाना की पुलिस तुरंत मौके पर बुधनगरा राधा गांव पहुंची और स्थिति को संभाला।

शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना: पुलिस ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और भीड़ को शांत किया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मृतक सुरेश राम के शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल भेज दिया।

मुआवजे की मांग: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित गरीब परिवार को तुरंत सरकारी मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि बच्चों के पालन-पोषण और भरण-पोषण में कुछ मदद मिल सके।

मुशहरी के बुधनगरा राधा गांव में घटी यह घटना यह साबित करती है कि बिजली की जरा सी लापरवाही और अघोषित कटौती किस तरह किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। 35 वर्षीय मजदूर सुरेश राम का टूटे हुए सर्विस वायर को जोड़ते वक्त करंट की चपेट में आकर दम तोड़ देना पूरे समाज को झकझोर देने वाला हादसा है। यह दुर्घटना न केवल एक परिवार को उजाड़ गई, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति और सुरक्षा मानकों की पोल भी खोलती है। आवश्यकता इस बात की है कि बिजली विभाग अपनी व्यवस्था दुरुस्त करे और ग्रामीण जागरूक रहें ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।