पटना में NEET पेपर लीक के विरोध में जोरदार प्रदर्शन, डाकबंगला चौराहे पर लाठीचार्ज; कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
पटना: कथित नीट (NEET) पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को राजधानी पटना में छात्र संगठनों का प्रदर्शन उग्र हो गया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और राष्ट्रीय युवा आंदोलन के समर्थकों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया, जिसके दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
प्रदर्शन के दौरान रामगुलाम चौक के पास कुछ प्रदर्शनकारी एक मोबाइल टावर पर चढ़ गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में राजद नेता तेज प्रताप यादव भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में तिरंगा लहराया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।
शहर के विभिन्न हिस्सों में शुरू हुआ प्रदर्शन
शनिवार सुबह से ही आइसा और अन्य छात्र संगठनों के कार्यकर्ता पटना के अलग-अलग इलाकों में जुटने लगे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर कथित नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
रामगुलाम चौक पर मोबाइल टावर पर चढ़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के दौरान सबसे नाटकीय दृश्य रामगुलाम चौक के पास देखने को मिला, जहां कुछ प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर एक मोबाइल टावर पर चढ़ गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया। इस घटना के कारण आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा।
तेज प्रताप यादव पहुंचे प्रदर्शन स्थल
प्रदर्शन के दौरान राजद नेता तेज प्रताप यादव भी मौके पर पहुंचे और आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बीच तिरंगा लहराया और उनकी मांगों का समर्थन किया।
तेज प्रताप यादव के पहुंचने के बाद प्रदर्शन स्थल पर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गईं। बाद में पुलिस ने उन्हें तथा कई अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
डाकबंगला चौराहे पर पहुंचे प्रदर्शनकारी
भारी पुलिस सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहा पहुंचने में सफल रहे। वहां उन्होंने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की, जिससे यातायात प्रभावित हो गया।
पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से हटने के लिए कहा। हालांकि, स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती चली गई।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
पुलिस के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डाकबंगला चौराहे पर लाठीचार्ज किया गया। पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे और कुछ लोगों को मौके से हिरासत में लिया गया।
इस दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते रहे।
पथराव और बैरिकेड तोड़ने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया और बड़ी-बड़ी ईंटें फेंकी। साथ ही, उन्होंने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़ने का प्रयास भी किया।
हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। घटनाक्रम किस प्रकार आगे बढ़ा, इसे लेकर अलग-अलग पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। मामले की जांच जारी है।
पटना एसएसपी ने संभाला मोर्चा
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय के. शर्मा स्वयं हेलमेट पहनकर मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंसा या उपद्रव करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान और उसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को सामान्य करने के उद्देश्य से की गई।
पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान की जा रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
साथ ही, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
पटना में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। प्रमुख चौराहों, सरकारी कार्यालयों, विश्वविद्यालयों, रेलवे स्टेशन और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
रैपिड रिस्पांस टीम और रिजर्व पुलिस बल को भी अलर्ट पर रखा गया है। ट्रैफिक पुलिस ने प्रदर्शन के बाद यातायात को सामान्य बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज
इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कथित नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा आने वाले दिनों में भी बिहार की राजनीति का प्रमुख विषय बना रहेगा।
जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने दोहराया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और पुलिस पर हमला करना कानून के दायरे में अपराध है।
फिलहाल पटना में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं। वहीं, छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।