एमआईटी का छात्र साजन कुमार 22 जुलाई से बिना सूचना रहस्यमय तरीके से गायब; पिता ने थाने में दर्ज कराई एफआईआर, थानेदार के बयान से मचा नया भूचाल
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से शिक्षा के मंदिर और प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक गंभीर व हैरान करने वाली घटना सामने आई है। शहर के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान मोतिहारी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) या मुजफ्फरपुर स्थित प्रतिष्ठित एमआईटी संस्थान का छात्र साजन कुमार बीते 22 जुलाई से अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। छात्र के अचानक गायब हो जाने से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और घर में कोहराम मचा हुआ है। बेटे का कोई सुराग न मिलने पर चिंतित पिता ने स्थानीय थाने में अपहरण या गुमशुदगी की आशंका जताते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। हालांकि, इस मामले में जब मीडिया और परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया, तो थानेदार का एक चौंकाने वाला बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि छात्र किसी आंदोलन में शामिल होने गया था। इस बयान के बाद मामले ने एक नया और राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
कैसे गायब हुआ छात्र साजन कुमार? 22 जुलाई की पूरी घटना
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित एमआईटी संस्थान में अध्ययनरत छात्र साजन कुमार सामान्य दिनों की तरह कॉलेज और अपने हॉस्टल अथवा आवास पर था। लेकिन बीते 22 जुलाई को वह अचानक बिना अपने परिवार या करीबियों को किसी भी प्रकार की सूचना दिए कहीं चला गया।
शुरुआत में परिजनों ने सोचा कि शायद वह किसी पठन-पाठन कार्य या स्थानीय कारणों से व्यस्त होगा, इसलिए संपर्क नहीं हो पा रहा है। परंतु जब काफी समय बीत जाने के बाद भी साजन का कोई अता-पता नहीं चला और उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ या संपर्क से बाहर आने लगा, तो परिजनों की चिंता बढ़ती चली गई। थक-हारकर छात्र के पिता ने मुजफ्फरपुर के संबंधित स्थानीय थाने में पहुंचकर अपने बेटे की तलाश के लिए लिखित आवेदन दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली।
थानेदार के बयान ने खड़े किए गंभीर सवाल: "आंदोलन में शामिल होने गया था छात्र"
जब इस मामले की गूंज पुलिस अधिकारियों तक पहुँची और मीडिया ने इस बाबत स्थानीय थानेदार से पूछताछ की, तो उन्होंने एक नया खुलासा करते हुए अजीबोगरीब बयान दिया। थानेदार ने मीडिया को जानकारी दी कि प्रारंभिक छानबीन में यह बात सामने आई है कि छात्र साजन कुमार किसी आंदोलन या प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गया हुआ था।
थानेदार के इस बयान के बाद छात्र के परिजनों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। परिजनों का सवाल है कि यदि छात्र किसी आंदोलन में शामिल होने भी गया था, तो क्या पुलिस को इसकी कोई पूर्व सूचना थी या क्या वह बिना बताए इतने दिनों तक अपने घर-परिवार से पूरी तरह कट सकता है? परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले की गंभीरता को कम आंकने और अपनी नाकामी छुपाने के लिए इस तरह के बयान दे रही है, जबकि एक युवा छात्र का इस तरह अचानक गायब हो जाना किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को जन्म दे रहा है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
इधर, छात्र साजन कुमार की मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है। उनका कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई-लिखाई में होनहार है और उसका राजनीति या किसी उग्र आंदोलन से कोई सीधा सरोकार नहीं रहा है। परिजनों ने आशंका जताई है कि उनके बेटे के साथ कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है या उसे किसी ने साजिश के तहत गायब किया है।
परिजनों ने जिला प्रशासन और पुलिस के वरीय अधिकारियों से गुहार लगाई है कि इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि केवल "आंदोलन में शामिल होने" जैसी बात कहकर पुलिस अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। यदि छात्र किसी आंदोलन में गया भी था, तो वह सुरक्षित कहाँ है और अब तक घर क्यों नहीं लौटा, इसका स्पष्ट जवाब पुलिस को देना चाहिए।
पुलिस की तकनीकी छानबीन जारी, सुराग पाने की कोशिश
बढ़ते दबाव और परिजनों के आक्रोश को देखते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस अब इस मामले में पूरी तरह हरकत में आ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्र के मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और उसकी अंतिम लोकेशन (Last Location) को खंगाला जा रहा है। इसके अलावा, एमआईटी परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footages) की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि 22 जुलाई को साजन किसके साथ और किस दिशा में गया था।
पुलिस ने दावा किया है कि तकनीकी सर्विलांस और सर्विलांस टीम की मदद से छात्र साजन कुमार का जल्द ही सुराग लगा लिया जाएगा और उसे सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे एमआईटी कैंपस और छात्र समुदाय में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं।