बिहार में मॉनसून ने बदला रुख, 19 जुलाई को 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट; दक्षिण बिहार में मूसलाधार वर्षा के आसार
पटना: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 जुलाई के लिए राज्य के पटना, गया, बेगूसराय सहित 13 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, विशेष रूप से दक्षिण बिहार में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली और मजबूत मानसूनी हवाओं के कारण राज्य में वर्षा की गतिविधियां तेज हो रही हैं। इसका असर अगले कुछ दिनों तक देखने को मिल सकता है।
मानसून ने पकड़ी रफ्तार
पिछले कुछ दिनों से बिहार के कई हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ गया था, जिससे तापमान और उमस दोनों बढ़ गए थे। किसानों के साथ-साथ आम लोग भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे।
अब मौसम विभाग का कहना है कि मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है और इसके प्रभाव से राज्य के कई जिलों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
13 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 19 जुलाई को पटना, गया, बेगूसराय समेत 13 जिलों के लिए भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
हालांकि, विभिन्न जिलों के लिए विस्तृत मौसम बुलेटिन के अनुसार वर्षा की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है। लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।
दक्षिण बिहार में अधिक प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार दक्षिण बिहार में मानसून अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।
इस क्षेत्र में पिछले कुछ समय से अपेक्षित वर्षा नहीं हो रही थी, जिससे खेती और जल संसाधनों पर असर पड़ रहा था। अब होने वाली बारिश किसानों के लिए काफी लाभदायक मानी जा रही है।
किसानों को मिलेगी राहत
धान की रोपनी का कार्य राज्य के कई हिस्सों में जारी है।
पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा था। मौसम विभाग का मानना है कि यदि अनुमान के अनुसार अच्छी बारिश होती है तो खेती को बड़ा लाभ मिलेगा और जल संकट की स्थिति में भी सुधार आएगा।
निचले इलाकों में जलजमाव की आशंका
भारी वर्षा के कारण शहरों और कस्बों के निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
नगर निकायों और जिला प्रशासन को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।
वज्रपात और तेज हवाओं की भी संभावना
मौसम विभाग ने वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा चलने की भी संभावना जताई है।
लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
नदी क्षेत्रों में बढ़ सकती है सतर्कता
लगातार बारिश होने पर गंगा, सोन, पुनपुन, फल्गु और अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है।
जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन को नदी तटों तथा तटबंधों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
यात्रियों के लिए सलाह
भारी बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने की संभावना रहती है।
वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
रेल और सड़क परिवहन पर भी मौसम का असर पड़ सकता है, इसलिए यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित विभागों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की सलाह
बारिश के मौसम में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से स्वच्छ पानी पीने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
संभावित भारी वर्षा को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल तैनात करने की तैयारी की गई है।
मौसम विभाग की अपील
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा बुलेटिन और आधिकारिक चेतावनियों पर लगातार नजर रखें।
किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे कृषि कार्य मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार ही करें और खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचें।
जलवायु परिवर्तन का भी दिख रहा असर
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में मानसून के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल रहा है।
कहीं लंबे समय तक सूखे जैसी स्थिति बनती है तो कहीं कम समय में अत्यधिक वर्षा हो जाती है। ऐसे में मौसम संबंधी पूर्वानुमानों का पालन करना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
बिहार में मानसून के फिर से सक्रिय होने के साथ 19 जुलाई को पटना, गया, बेगूसराय सहित 13 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से दक्षिण बिहार के लोगों और किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है।
हालांकि, भारी वर्षा के साथ जलजमाव, वज्रपात और तेज हवाओं जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के आधिकारिक निर्देशों का पालन करें, सतर्क रहें और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करें।