बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ मानसून, दक्षिण और पूर्वी बिहार में झमाझम बारिश के आसार; भागलपुर समेत कई जिलों में अगले 24 घंटे अलर्ट
पटना: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बिहार में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राज्य के दक्षिणी, पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में आने वाले दिनों में व्यापक वर्षा की संभावना है। वहीं, पूर्वी बिहार के कई जिलों, विशेषकर भागलपुर, में अगले 24 घंटे तक आसमान में घने बादल छाए रहने और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और उससे जुड़ी मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से मानसून को नई ऊर्जा मिली है। इसका प्रभाव बिहार के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिल सकता है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह राहत की खबर मानी जा रही है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुई मौसम प्रणाली
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमीय गतिविधियों ने मानसूनी हवाओं को मजबूत किया है। इसके कारण नमी की मात्रा बढ़ रही है और बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है, तो वहां से आने वाली नम हवाएं बिहार सहित पूर्वी भारत के कई राज्यों में वर्षा की गतिविधियों को तेज कर देती हैं। इसी वजह से राज्य में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है।
दक्षिण और पश्चिमी बिहार में व्यापक बारिश की संभावना
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिणी, पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी बिहार के अनेक जिलों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है।
कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और कुछ इलाकों में तेज हवा चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।
भागलपुर सहित पूर्वी बिहार में बादलों का डेरा
भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और आसपास के क्षेत्रों में अगले 24 घंटे तक बादल छाए रहने का अनुमान है।
इन जिलों में कई स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की भी आशंका जताई गई है।
किसानों के लिए राहत की खबर
मानसून की सक्रियता कृषि क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में धान की रोपाई का कार्य जारी है और इसके लिए पर्याप्त वर्षा की आवश्यकता होती है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश होने से धान सहित खरीफ फसलों की बुआई और विकास में मदद मिलेगी। इससे किसानों की सिंचाई पर निर्भरता भी कम होगी।
तापमान में आएगी गिरावट
पिछले कुछ दिनों से कई जिलों में उमस और गर्मी से लोग परेशान थे। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी, लेकिन लगातार वर्षा होने पर तापमान अपेक्षाकृत कम रहेगा।
बिजली गिरने का भी खतरा
मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
लोगों को सलाह दी गई है कि बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ों के नीचे और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचें। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
जलभराव की समस्या बढ़ सकती है
लगातार बारिश होने पर शहरों और कस्बों के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
नगर निकायों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वर्षा का पानी जल्द निकाला जा सके और लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नदियों के जलस्तर पर रहेगी नजर
बारिश बढ़ने के साथ राज्य की प्रमुख नदियों—गंगा, कोसी, गंडक, बागमती, कमला और महानंदा—के जलस्तर में भी वृद्धि हो सकती है।
जल संसाधन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को नदी तटबंधों और संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
यात्रा के दौरान बरतें सावधानी
विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को बारिश के दौरान सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी है।
फिसलन भरी सड़कों, कम दृश्यता और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने की भी सलाह दी गई है।
प्रशासन की तैयारियां
संभावित भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड में हैं।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों, जलभराव वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी की जा रही है। आवश्यक होने पर राहत और बचाव दलों को भी सक्रिय किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
बारिश के मौसम में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को साफ पानी पीने, आसपास पानी जमा नहीं होने देने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है।
मौसम विभाग की अपील
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक बुलेटिन और चेतावनियों पर ध्यान दें।
किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे कृषि कार्यों की योजना मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार बनाएं और गरज-चमक के दौरान खेतों में काम करने से बचें।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बिहार में मानसून ने एक बार फिर गति पकड़ ली है। दक्षिणी, पश्चिमी और पूर्वी बिहार के कई जिलों में अगले 24 घंटों से लेकर आने वाले दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। यह वर्षा किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है और राज्य में चल रही खरीफ खेती को मजबूती दे सकती है।
हालांकि, बारिश के साथ आकाशीय बिजली, जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में नागरिकों से सतर्क रहने, मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।