कहलगांव थाना क्षेत्र में आपसी और घरेलू कलह ने लिया खूनी रूप; दो अलग-अलग गांवों में हुई मारपीट की घटनाओं में कंचन देवी और गीता देवी गंभीर रूप से घायल, अनुमंडल अस्पताल में इलाज जारी

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के कहलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत दो अलग-अलग गांवों में मामूली विवादों ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पहले मामले में जहां लक्ष्मीपुर बभनिया गांव में आपसी रंजिश और कहासुनी ने उग्र रूप धारण किया, वहीं दूसरी घटना जगन्नाथपुर गांव की है जहाँ पारिवारिक कलह और घरेलू विवाद के चलते बात मारपीट तक पहुंच गई। इन दोनों अलग-अलग हिंसक वारदातों में कंचन देवी और गीता देवी नामक दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर हरकत में आई और दोनों घायलों को तुरंत उपचार के लिए कहलगांव अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

घटना नंबर 1: लक्ष्मीपुर बभनिया गांव में आपसी विवाद बना खूनी संघर्ष

कहलगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लक्ष्मीपुर बभनिया गांव से सामने आई पहली घटना आपसी मनमुटाव और तनातनी का परिणाम है:

मामूली बात पर बढ़ा विवाद: स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला कंचन देवी का किसी बात को लेकर पड़ोसियों या अन्य लोगों के साथ आपसी विवाद चल रहा था। मंगलवार को यह विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि विरोधी पक्ष के लोगों ने उग्र होकर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया।

कंचन देवी गंभीर रूप से घायल: इस अचानक हुए हिंसक हमले में बीच-बचाव करने उतरीं कंचन देवी को गंभीर चोटें आईं। उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर प्रहार किया गया, जिससे वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ीं। परिजनों और आसपास के लोगों की मदद से उन्हें तुरंत आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना नंबर 2: जगन्नाथपुर गांव में घरेलू कलह ने पार की सीमाएं

दूसरी घटना कहलगांव के ही जगन्नाथपुर गांव से सामने आई है, जहां घर के भीतर का कलेश सड़कों पर आ गया:

पारिवारिक विवाद का खौफनाक अंजाम: जगन्नाथपुर गांव में घर के भीतर किसी घरेलू मुद्दे को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हुई थी। देखते ही देखते बात इतनी बिगड़ गई कि गुस्से में आपा खो बैठे लोगों ने हिंसा का रास्ता चुन लिया।

गीता देवी हुईं जख्मी: इस घरेलू हिंसा के दौरान बीच-बचाव कर रही गीता देवी पर भी हमला बोल दिया गया, जिससे वे बुरी तरह जख्मी हो गईं। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे अन्य परिजनों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया और घायल महिला को उपचार के लिए कहलगांव अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में चल रहा इलाज, पुलिस कर रही मामलों की जांच

एक ही दिन और एक ही थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों से मारपीट की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है:

चिकित्सकों की देखरेख में घायल महिलाएं: कहलगांव अनुमंडल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि दोनों घायल महिलाओं (कंचन देवी और गीता देवी) की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है, लेकिन उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।

पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलने पर कहलगांव थाना की पुलिस ने दोनों मामलों का संज्ञान ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों या उनके परिजनों के लिखित बयान दर्ज किए जा रहे हैं। बयान के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कहलगांव थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर बभनिया और जगन्नाथपुर गांवों में हुई ये घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि आज के समाज में छोटी-छोटी बातों या घरेलू अनबन पर लोग किस तरह सहनशीलता खोते जा रहे हैं और हिंसा पर उतर आते हैं। इन दोनों मारपीट की घटनाओं में कंचन देवी और गीता देवी का घायल होना सामाजिक स्तर पर चिंता का विषय है। पुलिस और स्थानीय स्तर पर सूझबूझ दिखाते हुए ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई की जानी बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।