सिल्क सिटी की सफाई व्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार; नगर निगम बनाने जा रहा है दो अत्याधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन, 9 करोड़ की लागत से भूतनाथ मंदिर मार्ग और बागबाड़ी परिसर में होगा निर्माण
भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार के ऐतिहासिक और तेजी से विकसित हो रहे सिल्क सिटी भागलपुर में स्वच्छता के मोर्चे पर एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाया जाने वाला है। शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत, सुगम और हाई-टेक बनाने के लिए भागलपुर नगर निगम प्रशासन ने कमर कस ली है। शहर से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक और व्यवस्थित निष्पादन के लिए नगर निगम दो नए अत्याधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन (Garbage Transfer Stations) का निर्माण करने जा रहा है। इन दोनों अत्याधुनिक स्टेशनों की कुल क्षमता 50 टीपीडी (TPD - टन प्रति दिन) होगी, जिन पर कुल मिलाकर लगभग 9 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी। निगम की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पहला ट्रांसफर स्टेशन भूतनाथ मंदिर मार्ग के पास और दूसरा स्टेशन बागबाड़ी परिसर में स्थापित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से न केवल शहर की सड़कों पर कचरे के बिखराव से निजात मिलेगी, बल्कि भागलपुर को एक स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने के सपने को भी पंख लगेंगे।
क्या है कचरा ट्रांसफर स्टेशन (GTS) और इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी?
वर्तमान समय में भागलपुर जैसे घनी आबादी वाले शहर में प्रतिदिन सैकड़ों टन कचरा निकलता है। घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले इस कचरे को सही समय पर और सुरक्षित तरीके से डंपिंग साइट तक पहुंचाना नगर निगम के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। पारंपरिक व्यवस्था में कचरे को सीधे ट्रैक्टरों या खुले ट्रकों के जरिए ढोया जाता है, जिससे कई बार रास्ते में कचरा बिखर जाता है और भीषण दुर्गंध से आसपास के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन: कचरा ट्रांसफर स्टेशन एक ऐसा आधुनिक केंद्र होता है जहां शहर के विभिन्न वार्डों से छोटे वाहनों (ऑटो टिपर या रिक्शा) द्वारा कचरा लाकर एकत्रित किया जाता है। इसके बाद यहां लगे अत्याधुनिक मशीनों और कॉम्पैक्टरों के जरिए कचरे को संकुचित (कंप्रेस) करके बड़े बंद वाहनों में लोड किया जाता है और फिर उसे मुख्य डंपिंग ग्राउंड भेजा जाता है।
समय और ईंधन की बचत: इन स्टेशनों के बनने से कचरा उठाने वाले वाहनों को बार-बार दूर स्थित डंपिंग ग्राउंड तक नहीं जाना पड़ेगा, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि नगर निगम के संसाधनों का भी सदुपयोग हो सकेगा।
किन दो प्रमुख स्थानों पर होगी स्थापना और क्या है योजना?
नगर निगम ने भौगोलिक स्थिति और कचरे के घनत्व को ध्यान में रखते हुए इन दोनों अत्याधुनिक स्टेशनों के लिए बेहद रणनीतिक स्थानों का चयन किया है:
पहला स्टेशन - भूतनाथ मंदिर मार्ग: शहर के एक व्यस्त और महत्वपूर्ण हिस्से को कवर करने के लिए भूतनाथ मंदिर मार्ग के समीप इस प्लांट की स्थापना की जा रही है। यहां आसपास के कई घनी आबादी वाले मोहल्लों से निकलने वाले कचरे का त्वरित संकलन और प्रबंधन किया जाएगा।
दूसरा स्टेशन - बागबाड़ी परिसर: दूसरा अत्याधुनिक ट्रांसफर स्टेशन बागबाड़ी परिसर में बनाया जाएगा। इस क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों और रिहायशी इलाकों का दबाव अधिक होने के कारण यहां कचरे की मात्रा ज्यादा होती है, जिसे देखते हुए यह प्लांट इस पूरे जोन के लिए वरदान साबित होगा।
50 टीपीडी क्षमता और 9 करोड़ की लागत का विवरण
नगर निगम के इस हाई-टेक प्रोजेक्ट की वित्तीय और तकनीकी रूपरेखा पूरी तरह तैयार कर ली गई है:
क्षमता (50 TPD): प्रत्येक स्टेशन की कचरा निस्तारण और प्रबंधन क्षमता को उच्च स्तर का रखा गया है, ताकि भविष्य की बढ़ती आबादी और कचरे के दबाव को आसानी से संभाला जा सके।
लागत और संसाधन: इस परियोजना पर कुल लगभग 9 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस बजट से न केवल सिविल वर्क (भवन निर्माण) किया जाएगा, बल्कि वहां आधुनिक हाइड्रोलिक मशीनें, कॉम्पैक्टर, वेंटिलेशन सिस्टम और गंध नियंत्रण (Odour Control) की विशेष तकनीकें भी स्थापित की जाएंगी ताकि आसपास के लोगों को बदबू या प्रदूषण की समस्या का सामना न करना पड़े।
शहरवासियों और पर्यावरण के लिए इसके दूरगामी लाभ
इस परियोजना के पूर्ण होने से भागलपुर की स्वच्छता व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा:
खुले में कचरा फेंकने से मुक्ति: अब शहर के चौक-चौराहों या खाली प्लॉटों पर कचरे के अवैध ढेर नजर नहीं आएंगे। वार्डों से कचरा सीधे इन ट्रांसफर स्टेशनों तक पहुंचेगा।
बीमारियों से बचाव और स्वच्छ वातावरण: कचरे के खुले में सड़ने से फैलने वाली मक्खियों, मच्छरों और खतरनाक बीमारियों से शहर के लोगों को राहत मिलेगी। स्वच्छ और सुंदर वातावरण से नागरिकों के स्वास्थ्य स्तर में भी सुधार होगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग में सुधार: इन अत्याधुनिक व्यवस्थाओं के जुड़ने से केंद्र सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले 'स्वच्छ सर्वेक्षण' में भागलपुर की रैंकिंग में एक बड़ी छलांग लगने की पूरी उम्मीद है।
भागलपुर नगर निगम द्वारा 9 करोड़ की लागत से भूतनाथ मंदिर मार्ग और बागबाड़ी परिसर में स्थापित किए जाने वाले दो नए अत्याधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन सिल्क सिटी के विकास में एक मील का पत्थर साबित होंगे। 50 टीपीडी की क्षमता वाले ये स्टेशन यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य का भागलपुर केवल ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस एक स्वच्छ, हरित और सुंदर शहर बने। प्रशासनिक इच्छाशक्ति और इस तरह के ठोस कदमों से निश्चित रूप से भागलपुर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने लगी हैं।