घटना के बाद भी एक भी गिरफ्तारी नहीं, कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति ने पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय की उठाई मांग

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और आक्रोश पैदा करने वाली खबर सामने आ रही है। जिले के रमतोमहा इलाके में प्रजापति समाज की जानी-मानी और मुखर नेता मरछिया देवी की निर्मम हत्या कर दी गई है। इस दुस्साहसिक वारदात को बीते काफी दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा अब तक एक भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न किए जाने से इलाके के लोगों और समाज के भीतर भारी गुस्सा व्याप्त है। इसी बीच, कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने शोक संतप्त पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका ढांढस बंधाया और पुलिस-प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल की मांग की है।

क्या है पूरा मामला? मरछिया देवी की हत्या की पृष्ठभूमि

यह पूरा मामला मुजफ्फरपुर जिले के रमतोमहा क्षेत्र का है, जहां मरछिया देवी समाज के उत्थान और हक की लड़ाई में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई थीं। अपनी सामाजिक सक्रियता के कारण वह क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थीं।

हत्या की घटना: अज्ञात या रंजिश पालने वाले अपराधियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत मरछिया देवी को अपना निशाना बनाया और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और प्रजापति समाज के पैरों तले जमीन खिसक गई।

पुलिस की सुस्त चाल: घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन हफ्ता बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। पुलिस की इस लचर कार्यशैली के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे अब तक कानून की पकड़ से दूर हैं।

कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति का दौरा और आक्रोश

घटना के बाद से ही विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं का पीड़ित परिवार से मिलने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति के प्रतिनिधि रमतोमहा पहुंचे।

पीड़ित परिवार से मुलाकात: समिति के सदस्यों ने मरछिया देवी के घर जाकर उनके शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें इस दुख की घड़ी में हरसंभव कानूनी और सामाजिक मदद दिलाने का भरोसा दिया।

प्रशासन पर फूटा गुस्सा: प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक महिला नेता और समाज की आवाज को दबाने के लिए इस तरह की कायराना हरकत की गई है, और पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। समिति ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो समाज सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा।

न्याय की मांग और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल

मरछिया देवी की हत्या ने एक बार फिर बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक कार्यकर्ताओं की जान पर मंडराते खतरों को उजागर कर दिया है।

स्पीडी ट्रायल की मांग: समन्वय समिति और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस पूरे हत्याकांड की जांच उच्चस्तरीय तरीके से हो और अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से स्पीडी ट्रायल चलाया जाए, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

परिवार की सुरक्षा: पीड़ित परिवार ने अपनी जान को खतरा बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं और वे परिवार के अन्य सदस्यों को भी डरा-धमका रहे हैं।

मुजफ्फरपुर के रमतोमहा में मरछिया देवी की हत्या और उसके बाद से अब तक एक भी गिरफ्तारी न होना पुलिस-प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है। जनता और सामाजिक संगठनों का बढ़ता दबाव अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। यदि पुलिस जल्द ही इस मामले का उद्भेदन कर हत्यारों को सलाखों के पीछे नहीं भेजती है, तो यह मामला तूल पकड़ सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है।