पीएम सूर्यघर योजना में बड़ा बदलाव, अब 2 लाख रुपये तक के लोन के लिए नहीं होगी CIBIL स्कोर की अनिवार्यता; लाखों परिवारों को मिलेगा फायदा
पटना। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगवाने की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। योजना के तहत सोलर पैनल लगाने के लिए बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया को और आसान बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2 लाख रुपये तक के ऋण के लिए न्यूनतम CIBIL स्कोर की अनिवार्यता को हटाया जा सकता है। इससे ऐसे परिवारों को भी सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाने के लिए बैंक ऋण मिलने का रास्ता आसान होगा, जिनका क्रेडिट इतिहास बहुत कम है या जिनका CIBIL स्कोर उपलब्ध नहीं है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह सुविधा पूरी तरह नई नहीं है। भारतीय स्टेट बैंक की PM Surya Ghar Loan व्यवस्था में 2 लाख रुपये तक के ऋण के लिए न्यूनतम CIBIL स्कोर की शर्त पहले से नहीं है। वहीं, कुछ अन्य बैंकों की मौजूदा योजनाओं में अलग-अलग क्रेडिट स्कोर मानदंड लागू हैं। इसलिए व्यापक स्तर पर सभी बैंकों के लिए एक समान व्यवस्था लागू होने से पहले संबंधित आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार करना होगा।
बिना CIBIL स्कोर वाले लोगों के लिए खुल सकता है रास्ता
बैंक से कर्ज लेने में CIBIL स्कोर एक महत्वपूर्ण मानदंड माना जाता है। जिन लोगों ने पहले कोई ऋण नहीं लिया है, उनके पास पर्याप्त क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती। ऐसे लोगों को कई बार बैंक से ऋण लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
PM Surya Ghar योजना में इसी समस्या को दूर करने की कोशिश की जा रही है। यदि 2 लाख रुपये तक के ऋण के लिए न्यूनतम CIBIL स्कोर की बाध्यता व्यापक रूप से समाप्त होती है, तो पहली बार बैंकिंग ऋण लेने वाले परिवारों के लिए भी रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाना आसान हो सकता है।
इसका सबसे बड़ा फायदा मध्यम आय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने भी योजना के तहत रूफटॉप सोलर को अधिक सुलभ बनाने के लिए कम ब्याज दर और बिना जमानत वाले ऋण जैसी सुविधाओं पर जोर दिया है।
2 लाख रुपये तक का कर्ज क्यों महत्वपूर्ण है?
PM Surya Ghar योजना के तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए बैंकिंग चैनल से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। 2 लाख रुपये तक का ऋण छोटे और मध्यम आकार के रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले परिवारों के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
सरकार की मॉडल लोन व्यवस्था के तहत 2 लाख रुपये तक का ऋण बिना किसी संपार्श्विक यानी collateral के उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके अलावा ऋण की अवधि लंबी रखी गई है, जिससे लाभार्थी EMI के माध्यम से धीरे-धीरे भुगतान कर सकते हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यही है कि सोलर पैनल लगाने की शुरुआती लागत परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक बाधा न बने।
कम ब्याज दर पर मिल रहा है ऋण
केंद्र सरकार की ओर से 28 जुलाई 2026 को जारी जानकारी के मुताबिक PM Surya Ghar योजना के तहत राष्ट्रीयकृत बैंकों से concessional interest rate पर collateral-free loan की सुविधा उपलब्ध है। मौजूदा व्यवस्था में ब्याज दर repo rate plus 50 basis points बताई गई है, जो उस समय 5.75 प्रतिशत सालाना थी। ऋण की अवधि 10 साल तक हो सकती है। (
कम ब्याज दर का सीधा फायदा EMI पर पड़ता है। सोलर सिस्टम लगाने वाला परिवार बिजली बिल में होने वाली बचत का इस्तेमाल ऋण की किस्त चुकाने में कर सकता है। ऋण की अवधि पूरी होने के बाद सोलर सिस्टम से होने वाली बिजली बचत परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक लाभ का माध्यम बन सकती है।
SBI में पहले से लागू है बिना न्यूनतम CIBIL की सुविधा
इस पूरे बदलाव को समझने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की मौजूदा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। SBI की PM Surya Ghar Loan योजना में 2 लाख रुपये तक के ऋण के लिए किसी न्यूनतम CIBIL स्कोर की आवश्यकता नहीं बताई गई है। वहीं 2 लाख रुपये से अधिक और 6 लाख रुपये तक के ऋण के लिए न्यूनतम CIBIL स्कोर 650 या उससे अधिक रखा गया है।
इसका मतलब है कि बिना क्रेडिट हिस्ट्री या कम CIBIL स्कोर वाले व्यक्ति भी पात्रता की अन्य शर्तें पूरी करने पर 2 लाख रुपये तक के सोलर लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
दूसरी ओर, सभी बैंकों में अभी एक जैसी शर्तें नहीं हैं। उदाहरण के लिए कुछ बैंक अपने सोलर लोन उत्पादों में न्यूनतम CIBIL स्कोर की शर्त रखते हैं। इसलिए किसी लाभार्थी को आवेदन करने से पहले संबंधित बैंक की ताजा पात्रता शर्तों की जानकारी लेनी चाहिए।
योजना का लक्ष्य करोड़ों घरों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाना
PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana को केंद्र सरकार ने देश के एक करोड़ घरों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया है। योजना का कुल वित्तीय परिव्यय 75,021 करोड़ रुपये रखा गया है और इसे वित्त वर्ष 2026-27 तक लागू किया जाना है।
केंद्र सरकार के अनुसार 22 जुलाई 2026 तक देश में 39,72,447 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके थे, जिनसे 48,02,717 परिवार लाभान्वित हुए। इनमें से बड़ी संख्या में परिवारों के बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। सरकार के अनुसार 18.93 लाख से अधिक परिवारों ने कुछ महीनों में शून्य बिजली बिल की सूचना भी दी है।
इस आंकड़े से साफ है कि योजना का विस्तार तेजी से हो रहा है और ऋण प्रक्रिया को सरल बनाना इसके विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बिहार में भी योजना को मिल रहा है बढ़ावा
बिहार में भी PM Surya Ghar योजना के तहत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में बड़ी संख्या में परिवारों ने इस योजना के तहत सोलर सिस्टम अपनाया है। जुलाई 2026 में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार बिहार ने योजना के तहत अपना लक्ष्य पार करते हुए 4 लाख से अधिक उपभोक्ताओं तक रूफटॉप सोलर पहुंचाया था।
ऐसे में यदि सोलर लोन लेने की प्रक्रिया और आसान होती है तो बिहार के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसका असर देखने को मिल सकता है। खासकर ऐसे परिवार, जिनके पास सोलर सिस्टम लगाने के लिए एकमुश्त रकम नहीं है, वे बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी की मदद से सिस्टम लगाने की ओर बढ़ सकते हैं।
सब्सिडी भी बनेगी बड़ी मदद
PM Surya Ghar योजना में केंद्र सरकार की ओर से रूफटॉप सोलर सिस्टम की क्षमता के आधार पर वित्तीय सहायता भी दी जाती है। वर्तमान व्यवस्था के तहत 1 किलोवाट क्षमता के लिए 30,000 रुपये, 2 किलोवाट के लिए 60,000 रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के लिए अधिकतम 78,000 रुपये तक केंद्रीय वित्तीय सहायता उपलब्ध है।
सबसिडी और बैंक ऋण का संयोजन परिवारों के लिए सोलर सिस्टम की शुरुआती लागत को काफी कम कर सकता है। इससे बिजली बिल में लंबे समय तक बचत के साथ-साथ घरों को स्वच्छ ऊर्जा के स्रोत से जोड़ने में मदद मिलेगी।
सिर्फ CIBIL ही नहीं, दूसरी शर्तें भी रहेंगी महत्वपूर्ण
CIBIL स्कोर की शर्त में राहत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि हर व्यक्ति को स्वतः 2 लाख रुपये का ऋण मिल जाएगा। बैंक आवेदनकर्ता की अन्य पात्रताओं की जांच कर सकते हैं।
रूफटॉप पर सोलर सिस्टम लगाने का अधिकार, बिजली कनेक्शन, तकनीकी व्यवहार्यता, आवश्यक दस्तावेज, बैंक की आंतरिक प्रक्रिया और ऋण चुकाने की क्षमता जैसे पहलुओं की जांच की जा सकती है।
SBI की मौजूदा योजना में भी ऋण राशि और अन्य पात्रता के अनुसार अलग-अलग शर्तें हैं। इसी तरह दूसरे बैंक अपने-अपने ऋण उत्पादों के मुताबिक नियम लागू कर सकते हैं।
बिजली बिल में कमी के साथ बढ़ेगी ऊर्जा आत्मनिर्भरता
PM Surya Ghar योजना का उद्देश्य केवल घरों में सोलर पैनल लगाना नहीं है। इसका व्यापक लक्ष्य घरेलू स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना और पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करना है।
यदि अधिक परिवार अपनी छत पर बिजली का उत्पादन करने लगते हैं तो लंबे समय में बिजली खर्च में कमी आ सकती है। साथ ही देश में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ेगी।
सोलर सिस्टम की लागत को ऋण और सब्सिडी से आसान बनाने के साथ CIBIL जैसी बाधाओं को कम करना योजना की पहुंच को और बढ़ा सकता है।
जल्द जारी हो सकते हैं विस्तृत दिशा-निर्देश
बिना न्यूनतम CIBIL स्कोर के 2 लाख रुपये तक के ऋण को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी होने के बाद यह साफ होगा कि नई व्यवस्था किन बैंकों और किन श्रेणियों के आवेदकों पर लागू होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि बैंकों को आवेदन की जांच के लिए कौन-कौन से वैकल्पिक मानदंड अपनाने होंगे।
फिलहाल आधिकारिक स्तर पर यह स्पष्ट है कि सरकार PM Surya Ghar योजना के तहत रूफटॉप सोलर को अधिक किफायती बनाने के लिए collateral-free और concessional-rate financing को बढ़ावा दे रही है।
आम परिवारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
यदि 2 लाख रुपये तक के सोलर लोन में न्यूनतम CIBIL स्कोर की बाध्यता व्यापक रूप से समाप्त होती है, तो इससे सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को हो सकता है जिन्होंने पहले बैंक से ऋण नहीं लिया है। ऐसे परिवारों के पास अक्सर पर्याप्त क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती, जिसके कारण पारंपरिक ऋण प्रक्रिया में कठिनाई आती है।
PM Surya Ghar योजना के तहत सोलर पैनल लगाने के बाद बिजली बिल में होने वाली बचत से EMI का भुगतान करने का रास्ता भी बन सकता है। इस तरह परिवार एक तरफ स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करेगा और दूसरी तरफ लंबे समय में बिजली खर्च को कम कर सकेगा।
हालांकि, लाभार्थियों को किसी भी बैंक ऋण के लिए आवेदन करने से पहले ताजा आधिकारिक नियमों और बैंक की पात्रता शर्तों की जांच करनी चाहिए। केवल CIBIL स्कोर न होने से ऋण की मंजूरी स्वतः सुनिश्चित नहीं होती।
कुल मिलाकर, PM Surya Ghar योजना में ऋण प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदम रूफटॉप सोलर के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। कम ब्याज दर, collateral-free financing, सरकारी सब्सिडी और संभावित रूप से आसान क्रेडिट मानदंड मिलकर देश के अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। बिहार जैसे राज्यों में, जहां योजना के तहत पहले ही बड़ी संख्या में परिवार सोलर अपना चुके हैं, इसका असर और व्यापक होने की संभावना है।