पीरपैंती प्रखंड सभागार में किसान सलाहकारों की एक दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक संपन्न; बीएओ सुमन कुमार की अध्यक्षता में किसान उत्पादक संगठन (FPO) के गठन को लेकर हुआ विमर्श

भागलपुर/पीरपैंती, कार्यालय संवाददाता: आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने, किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और खेती को घाटे के सौदे से उबारकर एक लाभकारी व्यवसाय में बदलने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड सभागार में किसान सलाहकारों और कृषि समन्वयकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) सुमन कुमार ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा क्षेत्र में किसान उत्पादक संगठन (FPO - Farmer Producer Organization) के गठन और उसकी रूपरेखा तैयार करना रहा। बैठक के दौरान सभी किसान सलाहकारों, कृषि कर्मियों और समिति सदस्यों के साथ विस्तार से चर्चा की गई ताकि पीरपैंती के किसानों को संगठित कर उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाया जा सके।

बैठक का मुख्य उद्देश्य: किसानों को संगठित करना

पीरपैंती प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित इस बैठक में कृषि विभाग के कई प्रमुख अधिकारी और मैदानी स्तर पर काम करने वाले सभी किसान सलाहकार उपस्थित रहे:

सामूहिक खेती और व्यापारिक दृष्टिकोण: बीएओ सुमन कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में छोटे और सीमांत किसानों के लिए व्यक्तिगत रूप से खेती करना और अपनी उपज का सही बाजार मूल्य पाना बेहद कठिन हो गया है। ऐसे में 'किसान उत्पादक संगठन' (FPO) किसानों के लिए एक अचूक हथियार साबित हो सकता है।

एफपीओ की जरूरत: उन्होंने बताया कि एफपीओ के माध्यम से किसान न केवल पारंपरिक खेती से बाहर निकलकर आधुनिक तकनीकों को अपनाएंगे, बल्कि वे खाद, बीज, कीटनाशक की खरीद से लेकर अपनी फसलों की थोक बिक्री तक खुद अपने संगठन के मालिक बन सकेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

किसान सलाहकारों और समिति सदस्यों के साथ गहन विचार-विमर्श

बैठक के दौरान FPO के गठन को लेकर लंबी और तार्किक चर्चा हुई, जिसमें सभी उपस्थित सलाहकारों ने अपने-अपने सुझाव रखे:

जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान: बैठक में यह सहमति बनी कि FPO के गठन से पहले पंचायत स्तर पर किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। किसानों को समझाया जाएगा कि वे किस प्रकार इस संगठन से जुड़कर सरकारी अनुदान और योजनाओं का सीधा लाभ उठा सकते हैं।

फसलों के विविधीकरण पर जोर: पीरपैंती क्षेत्र में उत्पादित होने वाली प्रमुख फसलों, सब्जियों और फलों की जानकारी जुटाते हुए बीएओ ने कहा कि क्षेत्र विशेष की उपजाऊ मिट्टी के आधार पर किसानों को विशिष्ट फसलों के उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि FPO के जरिए उन उत्पादों को बड़े बाजारों और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स तक पहुंचाया जा सके।

बीएओ सुमन कुमार के निर्देश और कार्ययोजना

प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुमन कुमार ने बैठक में मौजूद सभी किसान सलाहकारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने आवंटित पंचायतों में सक्रियता बढ़ाएं:

लक्ष्य आधारित कार्य: बीएओ ने सभी सलाहकारों को निर्देशित किया कि वे जल्द से जल्द प्रगतिशील किसानों को चिन्हित करें और उन्हें FPO के फायदे समझाते हुए उनका पंजीकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की सुस्ती या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशिक्षण और सहभागिता: संगठन के सुचारू संचालन के लिए किसानों को समय-समय पर कृषि विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिए जाने की बात भी कही गई, ताकि वे कंपनी अधिनियम के तहत अपने संगठन का प्रबंधन कानूनी और पारदर्शी तरीके से कर सकें।

पीरपैंती में बीएओ सुमन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित किसान सलाहकारों की यह बैठक क्षेत्र के कृषि विकास की दिशा में एक मिल का पत्थर साबित हो सकती है। किसान उत्पादक संगठन (FPO) के गठन को लेकर हुआ यह विचार-विमर्श यदि धरातल पर पूरी तरह उतरता है, तो आने वाले समय में पीरपैंती के किसानों की आय में भारी वृद्धि होगी और वे बिचौलियों के चंगुल से मुक्त होकर सशक्त बन सकेंगे।