मुंगेर में निर्वाचन आयोग की अनूठी पहल: स्कूली विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन; मतदान प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और ईवीएम (EVM) के प्रयोग से रूबरू हुए भावी मतदाता

लोकतंत्र की मजबूती और आने वाली पीढ़ी को मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार बिहार के ऐतिहासिक मुंगेर जिले में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत मुंगेर में एक दिवसीय मतदाता जागरूकता कार्यक्रम (Voter Awareness Programme) का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रमुख विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा और भावी मतदाताओं को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, मतदान प्रक्रिया (Voting Process), निर्वाचन आयोग (Election Commission) की कार्यप्रणाली और सबसे अहम इलेक्ट्रॉलनिक वोटिंग मशीन (EVM) तथा वीवीपैट (VVPAT) के उपयोग की बारीकियों से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।

किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर प्रायोगिक रूप से लोकतंत्र के इस महापर्व को समझने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। आइए निर्वाचन आयोग के इस महत्वपूर्ण अभियान, कार्यक्रम की रूपरेखा, छात्रों को सिखाई गई बातों और लोकतंत्र के प्रति उनके बढ़ते रुझान का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।

पृष्ठभूमि: क्यों जरूरी है युवा मतदाताओं में जागरूकता?

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, जहाँ हर पांच साल पर होने वाले चुनाव देश की दिशा और दशा तय करते हैं। निर्वाचन आयोग लगातार यह प्रयास करता रहा है कि देश का युवा वर्ग राजनीति और चुनाव प्रक्रिया को केवल एक दर्शक के रूप में न देखे, बल्कि इसमें सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे।

भावी मतदाताओं को तैयार करना: जो छात्र आज स्कूल में पढ़ रहे हैं, वे आने वाले कुछ ही वर्षों में देश के रजिस्टर्ड वोटर बन जाएंगे। उन्हें मतदान के महत्व, उसके अधिकार और कर्तव्य से समय रहते अवगत कराना ही इस जागरूकता कार्यक्रम की मूल परिकल्पना है।

भ्रम और अफवाहों को दूर करना: अक्सर ईवीएम (EVM) और चुनाव प्रक्रिया को लेकर समाज में तरह-तरह के भ्रम फैलाए जाते हैं। निर्वाचन आयोग ने यह बीड़ा उठाया है कि यदि नई पीढ़ी को शुरुआत से ही पारदर्शी चुनाव प्रणाली और मशीनों की कार्यप्रणाली की सही जानकारी दे दी जाए, तो वे भविष्य में एक जागरूक और सशक्त नागरिक बनेंगे।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण: मतदान प्रक्रिया और ईवीएम का लाइव प्रदर्शन

मुंगेर में आयोजित इस एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष सत्रों के माध्यम से चुनाव आयोग के कामकाज से जोड़ा गया।

मतदान प्रक्रिया की स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी: कार्यक्रम में उपस्थित चुनाव विशेषज्ञों और मास्टर ट्रेनरों ने बच्चों को बहुत ही सरल भाषा में समझाया कि वोटर लिस्ट में नाम कैसे जुड़ता है, मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद मतदाता की पहचान कैसे होती है, उसकी उंगली पर अमिट स्याही क्यों लगाई जाती है और बैलेट यूनिट (Ballot Unit) व कंट्रोल यूनिट (Control Unit) कैसे काम करती है।

ईवीएम और वीवीपैट (VVPAT) का व्यावहारिक अनुभव: कार्यक्रम का सबसे रोमांचक हिस्सा वह था जब छात्रों को खुद अपने हाथों से ईवीएम और वीवीपैट मशीन का उपयोग करके देखने का मौका मिला। उन्हें बताया गया कि जब वे किसी उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह के आगे का बटन दबाते हैं, तो वीवीपैट की पर्ची पर यह कैसे सत्यापित होता है कि उनका वोट सही जगह गया है या नहीं। बच्चों ने इस लाइव डेमोस्ट्रेशन में भारी उत्सुकता दिखाई।

क्विज प्रतियोगिता और संवाद सत्र

छात्रों को इस कार्यक्रम से बौद्धिक रूप से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।

बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते विद्यार्थी: निर्वाचन आयोग के कार्यों और भारतीय संविधान से जुड़े सवालों पर एक त्वरित क्विज प्रतियोगिता (Quiz Competition) कराई गई, जिसमें विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।

संवाद और जिज्ञासाएं: छात्रों ने अधिकारियों से सवाल पूछे कि चुनाव आयोग कैसे आदर्श आचार संहिता लागू करता है और चुनाव के दौरान निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित की जाती है। अधिकारियों ने भी बड़े सरल तरीके से बच्चों की सभी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षकों की प्रतिक्रिया

इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख स्कूलों के शिक्षकों और प्रबंधकों ने निर्वाचन आयोग की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

व्याहारिक शिक्षा की जरूरत: शिक्षकों का कहना था किताबी किताबों में नागरिक शास्त्र (Civics) के पन्नों पर लोकतंत्र और चुनाव के बारे में पढ़ना एक बात है, लेकिन जब बच्चे खुद ईवीएम मशीन को छूकर उसकी प्रक्रिया को समझते हैं, तो उनके दिमाग में इसकी स्थायी और सही छवि बन जाती है।

संकल्प लिया बच्चों ने: कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एक स्वर में लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी सहभागिता निभाने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी मतदान के प्रति जागरूक करने की शपथ ली।

मुंगेर में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आयोजित यह एक दिवसीय मतदाता जागरूकता कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य के मजबूत लोकतंत्र की नींव रखने जैसा था। जब देश के नौनिहाल और युवा स्कूलों से ही मतदान के अधिकार, उसकी पवित्रता और ईवीएम की कार्यप्रणाली को समझ जाएंगे, तो वे भविष्य में एक परिपक्व और सजग मतदाता बनेंगे। निर्वाचन आयोग का यह प्रयास यह साबित करता है कि लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखने के लिए जन-जागरण अभियान कितने महत्वपूर्ण हैं।