पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम में जाने से पहले पंचायत सचिव मो. अब्दुल्लाह का निधन, प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर

दरभंगा: दरभंगा जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। रविवार सुबह पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर से निकलते समय सनहपुर पंचायत के सचिव मो. अब्दुल्लाह का अचानक निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।

मो. अब्दुल्लाह सनहपुर और निस्ता पंचायत के पंचायत सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वे बहादुरपुर प्रखंड के तारालाही गांव के निवासी थे। उनके निधन से पंचायत प्रशासन को बड़ी क्षति पहुंची है।

विकास दिवस कार्यक्रम में शामिल होने की थी तैयारी

जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम आयोजित होना था। मो. अब्दुल्लाह भी निर्धारित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अपने घर से निकल रहे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया।

प्रशासनिक महकमे में शोक

पंचायत सचिव के निधन की सूचना मिलते ही प्रखंड और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया। पंचायत प्रतिनिधियों, सहकर्मियों और कर्मचारियों ने इसे प्रशासनिक सेवा के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

कई अधिकारियों ने उनके सरल स्वभाव, ईमानदारी और कार्य के प्रति समर्पण को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

दो पंचायतों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे

मो. अब्दुल्लाह सनहपुर और निस्ता पंचायत के पंचायत सचिव के रूप में कार्यरत थे। दोनों पंचायतों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, सरकारी योजनाओं के संचालन और प्रशासनिक कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

ग्रामीणों ने बताया कि वे हमेशा आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध रहते थे और अपने कार्यों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाते थे।

विकास कार्यों में निभाई सक्रिय भूमिका

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंचायत स्तर पर कई सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई। आवास योजना, स्वच्छता अभियान, मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य विकास कार्यों की निगरानी में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता था।

सहकर्मियों ने बताया कि वे समयबद्ध तरीके से सरकारी कार्यों को पूरा करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते थे।

सहकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि

मो. अब्दुल्लाह के निधन के बाद पंचायत कार्यालयों और संबंधित विभागों में शोक व्यक्त किया गया। उनके सहकर्मियों ने उन्हें एक कर्मठ, विनम्र और जिम्मेदार अधिकारी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

कई पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने हमेशा जनता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया।

ग्रामीणों में शोक

सनहपुर, निस्ता और आसपास के गांवों के लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि वे सभी के बीच सहज और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे।

लोगों ने कहा कि पंचायत के विकास कार्यों और जनहित के मामलों में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

विकास दिवस कार्यक्रम पर भी पड़ा असर

पंचायत सचिव के अचानक निधन के कारण पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम का माहौल भी शोकपूर्ण हो गया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

कई स्थानों पर कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि के साथ की गई।

ईमानदार और समर्पित अधिकारी के रूप में पहचान

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मो. अब्दुल्लाह अपनी ईमानदारी, समयपालन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। वे ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति हमेशा गंभीर रहते थे।

उनके निधन से पंचायत प्रशासन ने एक अनुभवी और समर्पित अधिकारी को खो दिया है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मो. अब्दुल्लाह के असामयिक निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि स्थानीय लोग लगातार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने भी शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।

अंतिम विदाई की तैयारी

निधन की सूचना मिलते ही रिश्तेदार, मित्र, सहकर्मी और स्थानीय लोग उनके आवास पर पहुंचने लगे। अंतिम संस्कार की तैयारियां परिवार और स्थानीय लोगों की उपस्थिति में शुरू की गईं।

लोगों ने उनके जीवन और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

दरभंगा के सनहपुर और निस्ता पंचायत के पंचायत सचिव मो. अब्दुल्लाह का रविवार सुबह पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर से निकलते समय अचानक निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से प्रशासनिक महकमे, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में गहरा शोक है। एक कर्मठ, ईमानदार और समर्पित अधिकारी के रूप में उनकी पहचान लंबे समय तक लोगों के बीच बनी रहेगी, जबकि उनके निधन को पंचायत प्रशासन के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।