कारगिल विजय दिवस पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का देशभक्तिपूर्ण आयोजन; भव्य श्रद्धांजलि सभा के बाद निकाला गया कैंडल मार्च, वीर शहीदों के शौर्य और पराक्रम को किया गया नमन

भागलपुर, विशेष संवाददाता: भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और पराक्रम के प्रतीक ऐतिहासिक 'कारगिल विजय दिवस' (Kargil Vijay Diwas) के अवसर पर सम्पूर्ण देश के साथ-साथ सिल्क सिटी भागलपुर में भी देशभक्ति का ज्वार देखने को मिला। छात्र शक्ति और राष्ट्रवाद के पर्याय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) भागलपुर महानगर इकाई के तत्वावधान में देश की रक्षा में अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले अमर शहीदों की स्मृति में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भागलपुर विश्वविद्यालय परिसर और शहर के विभिन्न महाविद्यालयों से आए सैकड़ों छात्र-छात्राओं, युवाओं और परिषद के कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में शिरकत की। हाथों में तिरंगा झंडा और जलती हुई मोमबत्तियां थामे युवाओं ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के गगनभेदी नारों के साथ पूरे शहर के मुख्य मार्गों पर मार्च निकाला, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।

कारगिल विजय दिवस और युवाओं में उसकी प्रेरणा

प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को मनाए जाने वाले कारगिल विजय दिवस का भारतीय इतिहास में एक स्वर्णिम स्थान है। वर्ष 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों को भारतीय सेना ने कारगिल की दुर्गम और बर्फीली पहाड़ियों से खदेड़कर टाइगर हिल पर तिरंगा फहराया था। इस युद्ध में भारत के सैकड़ों वीर सपूतों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी।

अभाविप की पहल: युवाओं के बीच देशप्रेम की भावना को प्रज्ज्वलित रखने और नई पीढ़ी को देश के वीर जवानों के बलिदान से परिचित कराने के उद्देश्य से अभाविप भागलपुर द्वारा इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

शहीदों को नमन: कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और कारगिल युद्ध के अमर शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित वक्ताओं ने एक-एक कर उन सभी वीर जवानों के पराक्रम को याद किया जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए थे।

कैंडल मार्च और राष्ट्रभक्ति का सैलाब

श्रद्धांजलि सभा के उपरांत अभाविप के कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने एक भव्य कैंडल मार्च निकाला।

मार्च का मार्ग: यह कैंडल मार्च शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और चौराहों से होते हुए गुज़रा, जहां स्थानीय नागरिकों ने भी छतों और सड़कों से इस मार्च का स्वागत किया।

हाथों में मोमबत्तियां और जुबान पर नारे: युवाओं के हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां इस बात का प्रतीक थीं कि अंधेरे और विपरीत परिस्थितियों में भी शहीदों की शहादत का उजाला देश का मार्गदर्शन करता रहेगा। 'जब तक सूरज चांद रहेगा, शहीदों का नाम रहेगा' और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा भागलपुर गूंज उठा।

परिषद के नेताओं के संबोधन: राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा पर जोर

कैंडल मार्च के समापन के पश्चात आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अभाविप के वरिष्ठ पदाधिकारियों और छात्र नेताओं ने देश की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, राष्ट्रीय एकता और युवाओं के दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की।

राष्ट्र सर्वोपरि की भावना: वक्ताओं ने कहा कि कारगिल का युद्ध सिर्फ दो देशों की सेनाओं के बीच संघर्ष नहीं था, बल्कि यह भारत के शौर्य, अनुशासन और 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना का सबसे बड़ा प्रमाण था। आज के युवाओं को सोशल मीडिया और क्षणिक आकर्षण से ऊपर उठकर देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के प्रति जागरूक होना पड़ेगा।

सैनिकों के परिवारों के प्रति सम्मान: नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि देश के वीर जवानों और उनके आश्रितों का सम्मान करना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। जब सीमाएं सुरक्षित होंगी तभी देश का विकास और लोकतंत्र मजबूत होगा।

छात्र शक्ति का आह्वान: अभाविप के कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे समाज में राष्ट्रविरोधी ताकतों का वैचारिक रूप से मुकाबला करेंगे और हमेशा राष्ट्र निर्माण के कार्यों में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

भागलपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा कारगिल विजय दिवस पर आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि युवा शक्ति द्वारा देश के प्रति समर्पण की एक सशक्त अभिव्यक्ति थी। इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भागलपुर के युवा अपने देश के वीर सपूतों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकते। मोमबत्तियों की जगमगाहट और देशभक्ति के नारों के बीच अमर शहीदों को दी गई यह श्रद्धांजलि इतिहास के पन्नों में और अधिक प्रगाढ़ रूप से अंकित हो गई है, जो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।