पीरपैंती प्रखंड को एक साल के लंबे इंतजार के बाद मिला नया सीडीपीओ; सरोज हांसदा ने संभाली कमान, निवर्तमान अधिकारी निखत प्रवीण के बाद 11 जुलाई 2026 को किया योगदान

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के सुदूर और महत्वपूर्ण पीरपैंती प्रखंड क्षेत्र में बाल विकास परियोजना कार्यालय (ICDS) के कामकाज को गति देने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। लगभग एक वर्ष के लंबे अंतराल और प्रशासनिक रिक्तता के बाद आखिरकार पीरपैंती को नया बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) मिल गया है। निवर्तमान सीडीपीओ निखत प्रवीण के स्थानांतरण के पश्चात रिक्त पड़े इस महत्वपूर्ण पद पर सरोज हांसदा ने आधिकारिक तौर पर अपनी ज्वाइनिंग दे दी है। नए सीडीपीओ के रूप में सरोज हांसदा ने 11 जुलाई 2026 को अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने प्रखंड क्षेत्र की सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं (Lady Supervisors) और कार्यालय कर्मियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एक साल से रिक्त था पद, प्रभावित हो रहा था प्रशासनिक कार्य

पीरपैंती जैसे बड़े और घनी आबादी वाले प्रखंड में सीडीपीओ का पद पिछले करीब एक साल से खाली चल रहा था, जिसके कारण विभागीय कार्यों पर असर पड़ रहा था:

प्रभार के जिम्मे था कार्यालय: निवर्तमान सीडीपीओ निखत प्रवीण के कार्यकाल के बाद से यह पद या तो रिक्त था या फिर अन्य अधिकारियों को प्रभार के रूप में इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। नियमित और पूर्णकालिक अधिकारी के न होने के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों की मॉनिटरिंग, पोषाहार वितरण और महिलाओं व बच्चों से जुड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं की फाइलें धीमी गति से आगे बढ़ रही थीं।

स्थानीय लोगों और कर्मियों में थी उम्मीद: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आंगनबाड़ी सेविकाओं-सहायिकाओं द्वारा लगातार यह मांग उठाई जा रही थी कि प्रखंड में जल्द से जल्द नियमित सीडीपीओ की पदस्थापना की जाए ताकि जमीनी स्तर की योजनाओं में पारदर्शिता और तेजी आ सके। सरोज हांसदा की नियुक्ति से इस इंतजार का अंत हो गया है।

11 जुलाई 2026 को हुआ औपचारिक योगदान

निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत सरोज हांसदा ने 11 जुलाई 2026 को पीरपैंती बाल विकास परियोजना कार्यालय पहुंचकर अपना योगदान सुनिश्चित किया:

गर्मजोशी से हुआ स्वागत: कार्यालय पहुंचने पर महिला पर्यवेक्षिकाओं और कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर नए सीडीपीओ का स्वागत किया। कार्यभार संभालने के साथ ही उन्होंने सबसे पहले कार्यालय की फाइलों और पिछले कार्यों की समीक्षा की।

महिला पर्यवेक्षिकाओं के साथ पहली बैठक: पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद सरोज हांसदा ने प्रखंड की सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन नियमों के तहत और पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए।

विकास योजनाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर रहेगा विशेष जोर

बैठक के दौरान नए सीडीपीओ सरोज हांसदा ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार की हर महत्वकांक्षी योजना का लाभ सीधे तौर पर धरातल पर पहुंचना चाहिए:

पोषाहार वितरण में पारदर्शिता: गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों को मिलने वाले पोषाहार वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पर्यवेक्षिकाओं को नियमित रूप से क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

कुपोषण मुक्ति और टीकाकरण: क्षेत्र में बच्चों के टीकाकरण और कुपोषण की स्थिति पर पैनी नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही गई। आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों और वहां मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की रिपोर्ट भी जल्द से जल्द सौंपने को कहा गया है।

कार्यालयीन कार्य समयबद्ध हों: आम जनता और सेविकाओं को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए उन्होंने सभी कर्मियों को अपने कार्य समय पर और ईमानदारी से पूरा करने की हिदायत दी।

प्रखंड में खुशी की लहर, उम्मीदों का नया दौर

सरोज हांसदा के योगदान से पीरपैंती के प्रशासनिक हलकों और बाल विकास परियोजना से जुड़े कर्मियों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है:

कर्मचारियों और सेविकाओं की प्रतिक्रिया: आंगनबाड़ी संघ और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने नए सीडीपीओ के योगदान का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में पीरपैंती प्रखंड में महिला और बाल विकास की योजनाओं को एक नई गति मिलेगी।

पारदर्शी प्रशासन का भरोसा: स्थानीय लोगों का मानना है कि एक वर्ष के लंबे अंतराल के बाद पूर्णकालिक अधिकारी के आने से विभागीय सुस्ती दूर होगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।

पीरपैंती प्रखंड को एक साल के इंतजार के बाद मिला नया सीडीपीओ प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाने की दिशा में एक अहम कदम है। सरोज हांसदा द्वारा 11 जुलाई 2026 को कार्यभार संभालते ही जिस प्रकार महिला पर्यवेक्षिकाओं के साथ सक्रियता दिखाई है, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में पीरपैंती में महिला एवं बाल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में कसावट देखने को मिलेगी। जनता और विभागीय कर्मियों की निगाहें अब नए अधिकारी के नेतृत्व में होने वाले सकारात्मक बदलावों पर टिकी हैं।