बांकीपुर उपचुनाव से पहले सियासी पारा गर्म: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर बोला तीखा हमला, एनडीए को एकजुट रहने की नसीहत

पटना: बिहार की राजधानी पटना समेत पूरे प्रदेश में बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। इस बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उपचुनाव और विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान एनडीए विधायकों व जनता को संबोधित करते हुए विपक्ष पर बेहद तीखे प्रहार किए हैं। सीएम के इस आक्रामक तेवर से राज्य की राजनीति में हलचल और बढ़ गई है।

बांकीपुर उपचुनाव: एनडीए के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई

राजधानी पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए ही नाक का सवाल बन गया है। इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एक तरफ जहां क्षेत्रीय और नए राजनीतिक समीकरण इस चुनाव को बेहद दिलचस्प बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी दल किसी भी तरह की चूक के मूड में नहीं है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में एनडीए विधायक दल की बैठक के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट का नहीं है, बल्कि यह एनडीए की एकजुटता, ताकत और विकास कार्यों के प्रति जनता के भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने सभी विधायकों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे अपनी व्यस्तताओं के बीच से रोजाना कम से कम दो घंटे निकालकर बांकीपुर क्षेत्र में चुनाव प्रचार के लिए समय दें और घर-घर जाकर संपर्क साधें।

 

 

मुख्यमंत्री का विपक्ष पर तीखा प्रहार: "खजाना खाली होने का दावा पूरी तरह निराधार"

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अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे तमाम आरोपों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने विपक्ष के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन की कमी है या खजाना खाली हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा:

 

 

"विपक्ष का काम सिर्फ और सिर्फ जनता को भ्रमित करना और झूठे आरोप लगाना रह गया है। वे कहते हैं कि सरकार का खजाना खाली है, लेकिन सच्चाई यह है कि हम लगातार जनहित और विकास की योजनाओं पर पानी की तरह पैसा खर्च कर रहे हैं। क्या बुजुर्गों को हर महीने मिलने वाली पेंशन बंद हुई है? क्या महिलाओं और युवाओं के लिए चलाई जा रही योजनाएं रुक गई हैं? सरकार अपने हर दायित्व को पूरी ईमानदारी और मजबूती के साथ निभा रही है।"

 

 

सीएम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों के पदचिन्हों पर चलते हुए बिहार को प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

 

 

शिक्षा, रोजगार और विकास कार्यों का जिक्र

विपक्ष के हमलों का पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है।

डिग्री कॉलेजों की स्थापना: सीएम ने जोर देकर कहा कि आजादी के बाद पहली बार बिहार में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना की गई है ताकि छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दर-दर न भटकना पड़े।

विद्यार्थियों के लिए विशेष पहल: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को राहत देने के लिए सरकार ने विशेष तकनीक और ऐप्स का सहारा लिया है, जिससे छात्र अपनी समस्याओं का समाधान सीधे और कम समय में पा सकें।

पारदर्शी व्यवस्था: सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम जनता को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, जिसके लिए 'सहयोग शिविर' और अन्य माध्यमों को प्रभावी बनाया गया है।

प्रशासनिक कसावट और विधायकों को निर्देश

बांकीपुर उपचुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने केवल चुनावी प्रचार पर ही जोर नहीं दिया, बल्कि अपने विधायकों को भी अनुशासन और जनता के बीच रहने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सदन के कामकाज के साथ-साथ अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहना चाहिए। यदि किसी विधायक को कोई व्यक्तिगत या क्षेत्र से जुड़ी समस्या है, तो वह बिना किसी संकोच के सीधे उनसे मिल सकता है।

 

 

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव के बहाने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न केवल विपक्षी दलों के नैरेटिव को तोड़ने की कोशिश की है, बल्कि एनडीए के भीतर भी पूरा जोश भर दिया है। उपचुनाव के इस माहौल में मुख्यमंत्री का खुद मोर्चा संभालना और विपक्ष पर हमलावर होना यह साफ करता है कि एनडीए इस सीट को किसी भी कीमत पर अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहता।

आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार का यह दौर और अधिक तेज होने की संभावना है, जहां तमाम दिग्गज नेता बांकीपुर की गलियों में अपनी ताकत आजमाते हुए नजर आएंगे।