अंग क्षेत्र की लोक संस्कृति के महाकुंभ 'बिहुला-विषहरी पूजा' की तैयारियां जोरों पर
भागलपुर, कार्यालय संवाददाता: अंग क्षेत्र (भागलपुर) की प्राचीन लोक गाथा, संस्कृति और अटूट आस्था के प्रतीक पर्व 'बिहुला-विषहरी पूजा' के आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में अभी से ही भक्तिमय और उत्साहपूर्ण माहौल बन गया है। आगामी विषहरी पूजा समारोह को ऐतिहासिक और भव्य रूप देने के लिए बिहुला विषहरी पूजा समिति ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में समिति की ओर से एक व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके तहत घर-घर जाकर लोगों को इस सांस्कृतिक महापर्व से जुड़ने का निमंत्रण दिया जा रहा है। अभियान के दौरान लोगों से अपील की गई है कि वे इस आगामी पावन अवसर पर अपने सभी घरों में कम से कम एक दीप जरूर जलाएं, ताकि पूरा क्षेत्र मां विषहरी और सती बिहुला की आराधना से जगमगा उठे। इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान में राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता कलाकार मनोज पंडित ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई है और बिहुला पूजा के प्रचार-प्रसार तथा सांस्कृतिक महत्ता पर विशेष जोर दिया है।
बिहुला-विषहरी पूजा: अंग प्रदेश की महान लोक गाथा
भागलपुर की माटी से जुड़ी सती बिहुला और बाला लखविंदर की यह प्रेम, निष्ठा और संघर्ष की गाथा यहाँ के जन-जीवन में रसी-बसी है:
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व: हर साल सावन के महीने में मनाए जाने वाले इस पर्व का अंग प्रदेश (भागलपुर और आसपास के जिलों) में विशेष स्थान है। माता विषहरी (मां मनसा) और चंपानगर के व्यापारी चांदो सौदागर के परिवार की कथा पर आधारित यह पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यहाँ की समृद्ध लोक कला, गीत-संगीत और सांस्कृतिक विरासत का परिचायक है।
भव्य आयोजन की तिथि: आगामी 17 अगस्त को बिहुला-विषहरी पूजा का मुख्य उत्सव धूमधाम के साथ मनाया जाएगा, जिसे लेकर समितियों और स्थानीय लोगों में अभी से भारी तैयारी और उमंग देखने को मिल रही है।
जनसंपर्क अभियान और 'हर घर दीप' जलाने का आह्वान
पूजा समिति द्वारा शुरू किए गए जनसंपर्क अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना और इस महापर्व में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करना है:
घर-घर दस्तक: समिति के सदस्य और पदाधिकारी शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। लोगों को पूजा के इतिहास, परंपरा और इसके भव्य आयोजन से जुड़ने का संदेश दिया जा रहा है।
रोशन होगा हर कोना: अभियान के दौरान एक अनूठी अपील की गई है कि पूजा के दौरान क्षेत्र का हर परिवार अपने घर के मुख्य द्वार पर एक दीप प्रज्वलित करे। यह दीप केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं होगा, बल्कि यह क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और मां विषहरी की असीम कृपा की कामना का संदेश देगा।
राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता मनोज पंडित की विशेष सहभागिता
इस जनसंपर्क अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रम में राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता लोक कलाकार मनोज पंडित की उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए हैं:
संस्कृति के संरक्षण पर जोर: कार्यक्रम के दौरान मनोज पंडित ने अंग क्षेत्र की इस महान लोक संस्कृति को जीवित रखने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बिहुला-विषहरी की गाथा सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की वह पहचान है जो हमें अपने संस्कारों से जोड़ती है।
व्यापक प्रचार-प्रसार की अपील: उन्होंने क्षेत्र के तमाम युवाओं, प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों से आगे आकर इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोक कला और लोक पर्वों का संरक्षण तभी संभव है जब समाज का हर वर्ग इसमें अपनी सक्रिय सहभागिता निभाए।
ग्रामीणों और शहरवासियों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह
समिति के इस अभियान का असर अब शहर के गली-मोहल्लों और ग्रामीण अंचलों में साफ तौर पर दिखने लगा है:
महिलाओं और युवाओं में उमंग: पूजा समितियों द्वारा की जा रही बैठकों और जनसंपर्क रैलियों में युवाओं और महिलाओं की खासी भागीदारी देखी जा रही है। जगह-जगह बैनर, पोस्टर और सांस्कृतिक बैठकों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां: आगामी 17 अगस्त को होने वाले मुख्य समारोह को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और पूजा समितियों के बीच समन्वय बैठकें भी शुरू हो चुकी हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बिहुला विषहरी पूजा समिति द्वारा शुरू किया गया यह जनसंपर्क अभियान और 'हर घर दीप' जलाने का आह्वान अंग प्रदेश की सांस्कृतिक एकता का एक सुंदर उदाहरण पेश कर रहा है। राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता मनोज पंडित जैसे प्रतिष्ठित कलाकारों का इसमें जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि हमारी लोक संस्कृति आज भी उतनी ही जीवंत और प्रभावशाली है। आगामी 17 अगस्त को आयोजित होने वाला यह महापर्व निश्चित रूप से आपसी सौहार्द, आस्था और भव्यता के नए आयाम स्थापित करेगा।