पूर्णिया: तारकनाथ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पियाजी में संचालित राजकीय डिग्री महाविद्यालय बैसी के सुचारू संचालन को लेकर प्रशासनिक कसरत तेज; स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा मिलने की जगी उम्मीद, बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों पर टकटकी

पूर्णिया (बिहार): बिहार के पूर्णिया जिले के सीमांचल क्षेत्र से उच्च शिक्षा के प्रसार और ग्रामीण इलाकों में कॉलेज संचालन से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। पूर्णिया जिले के बैसी प्रखंड अंतर्गत तारकनाथ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पियाजी के परिसर में संचालित राजकीय डिग्री महाविद्यालय बैसी के सुचारू संचालन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। सीमांचल के इस ग्रामीण और शैक्षणिक रूप से पिछड़े माने जाने वाले इलाके में उच्च शिक्षा के प्रसार के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे इन कदमों से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय से उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों या जिला मुख्यालय जाने की मजबूरी झेल रहे स्थानीय विद्यार्थियों के लिए इस कॉलेज का पटरी पर आना किसी वरदान से कम नहीं है। हालांकि, कॉलेज के सुचारू संचालन के मार्ग में अभी भी कक्षाओं के सुचारू संचालन, पर्याप्त शिक्षकों की पदस्थापना, प्रयोगशालाओं के निर्माण और पठन-पाठन के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता जैसी कई बड़ी चुनौतियां मुंहबाए खड़ी हैं, जिन्हें दूर करने के लिए शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन युद्ध स्तर पर रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।

सीमांचल के ग्रामीण अंचल में राजकीय डिग्री महाविद्यालयों की स्थापना के उद्देश्यों, बैसी क्षेत्र की शैक्षणिक आवश्यकताओं, संसाधनों की वर्तमान स्थिति और महाविद्यालय के विकास की भावी संभावनाओं का एक विस्तृत, विश्लेषणात्मक और बिंदुवार विवरण आइए समझते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महाविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य: क्यों पड़ी बैसी में डिग्री कॉलेज की जरूरत?

पूर्णिया जिले का बैसी प्रखंड भौगोलिक और सामाजिक रूप से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, लेकिन उच्च शिक्षा के मामले में यहां के विद्यार्थियों को वर्षों से भारी संघर्ष करना पड़ता रहा है।

उच्च शिक्षा तक पहुंच का अभाव: ग्रामीण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के छात्र-छात्राएं, विशेषकर बेटियां, इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद आर्थिक तंगी या दूरी के कारण आगे की डिग्री की पढ़ाई जारी नहीं रख पाती थीं।

सरकार की लोककल्याणकारी पहल: बिहार सरकार द्वारा राज्य के प्रत्येक अनुमंडल और चयनित प्रखंडों में उच्च शिक्षा सुलभ कराने के लक्ष्य के तहत बैसी में राजकीय डिग्री महाविद्यालय की स्थापना की गई, ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को उनके अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकें।

तारकनाथ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर का उपयोग: शुरुआत में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने के लिए इस महाविद्यालय का संचालन तारकनाथ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पियाजी के भवनों और परिसरों से समन्वित रूप से किए जाने की योजना बनाई गई, ताकि संसाधनों का सही उपयोग हो सके।

वर्तमान प्रशासनिक तैयारियां और संसाधनों की मैपिंग

कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए हाल ही में प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण बैठकें और निरीक्षण किए गए हैं, जिसके तहत निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया जा रहा है:

कमरों और भवनों का आवंटन: उच्च माध्यमिक विद्यालय के साथ डिग्री कॉलेज के साझा संचालन में कक्षाओं के निर्धारण को लेकर स्पष्ट रूप से समय-सारणी (Time Table) तैयार की जा रही है, ताकि स्कूली बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों की पढ़ाई एक-दूसरे से बाधित न हो।

शिक्षकों और कर्मियों की पदस्थापना: महाविद्यालय में पठन-पाठन को पटरी पर लाने के लिए विभिन्न विषयों के प्राध्यापकों, सहायकों और कार्यालय कर्मियों की प्रतिनियुक्ति या नियमित बहाली की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।

पुस्तकालय और प्रयोगशाला का विकास: विज्ञान और कला संकाय के छात्रों के लिए प्रायोगिक कक्षाओं (Practical Classes) के वास्ते प्रयोगशाला उपकरणों और पुस्तकालय के लिए पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।

 छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया: उम्मीदों के साथ जुड़ी कुछ चिंताएं

राजकीय डिग्री महाविद्यालय बैसी के संचालन की प्रक्रिया तेज होने से स्थानीय स्तर पर खुशी की लहर है, वहीं कुछ व्यावहारिक समस्याएं भी सामने आ रही हैं।

बेटियों की उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त: स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि घर के नजदीक डिग्री कॉलेज खुल जाने से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बड़ी आसानी होगी, जिन्हें सुरक्षा और दूरी के कारण शहर भेजना संभव नहीं हो पाता था।

सत्र नियमित रहने की उम्मीद: छात्रों का मानना है कि यदि कॉलेज का संचालन पूरी क्षमता के साथ शुरू हो जाता है, तो उन्हें पूर्णिया विश्वविद्यालय या अन्य अंगीभूत महाविद्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उनके सत्र समय पर पूरे होंगे।

बुनियादी सुविधाओं की मांग: छात्रों ने मांग की है कि कॉलेज परिसर में पेयजल, शौचालय, बिजली बैकअप और खेलकूद के मैदान जैसी बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर विकसित की जाएं।

महाविद्यालय के समक्ष आने वाली प्रमुख चुनौतियां

यद्यपि राजकीय डिग्री महाविद्यालय का संचालन एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन इसके पूर्ण विकास में कई प्रशासनिक और व्यावहारिक बाधाएं भी हैं।

दो संस्थानों का एक परिसर में संचालन: एक ही कैंपस में हाई स्कूल और डिग्री कॉलेज दोनों का चलना प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिससे स्पेस और अनुशासन को लेकर सामंजस्य बिठाना जरूरी है।

परिवहन और आवागमन के साधन: ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के कारण दूर-दराज के गांवों से छात्रों के आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

Conclusion

तारकनाथ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पियाजी के परिसर में संचालित राजकीय डिग्री महाविद्यालय बैसी का सुचारू रूप से आगे बढ़ना सीमांचल क्षेत्र में शिक्षा के अंधकार को दूर करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह महाविद्यालय न केवल बैसी क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा का अवसर देगा, बल्कि इस इलाके के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी अपनी अहम भूमिका निभाएगा। आवश्यकता इस बात की है कि शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ इसके बुनियादी ढांचे को मजबूत करें, ताकि यह संस्थान जल्द से जल्द उत्कृष्टता का केंद्र बन सके और छात्रों का भविष्य उज्जवल हो सके।