बिहार के 30 जिलों में बारिश की संभावना, कई इलाकों में वज्रपात का अलर्ट; किसानों के चेहरे खिले

पटना: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई अच्छी बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। धान की रोपाई और खरीफ फसलों के लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं मानी जा रही है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को बिहार के 30 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने पटना, भोजपुर, अरवल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, नालंदा, जहानाबाद, गया सहित कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर नहीं जाने की अपील की है। किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए राहत की बारिश

इस वर्ष मानसून की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही, जिसके कारण कई जिलों में धान की रोपाई प्रभावित हो रही थी। खेतों में पर्याप्त पानी नहीं होने से किसान चिंतित थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने खेती-किसानी को नई उम्मीद दी है।

राज्य के कई जिलों में धान की रोपाई का कार्य तेज हो गया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह अच्छी बारिश होती रही तो खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।

किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा और भूजल स्तर में भी सुधार देखने को मिलेगा।

30 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को बिहार के लगभग 30 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है।

राजधानी पटना के अलावा भोजपुर, अरवल, बक्सर, नालंदा, जहानाबाद, गया, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज और सुपौल समेत कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

कुछ क्षेत्रों में बादलों की गर्जना के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने पटना, भोजपुर, अरवल, मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में वज्रपात की आशंका जताई है। बिजली गिरने की घटनाएं मानसून के दौरान अक्सर जानलेवा साबित होती हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर पेड़ों के नीचे खड़े न हों, खुले मैदानों में जाने से बचें और सुरक्षित भवनों में शरण लें।

ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।

प्रशासन अलर्ट मोड में

संभावित खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित जिलों में आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

बिजली विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि तेज हवा और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल की जा सके।

स्वास्थ्य विभाग को भी आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

खरीफ फसलों को मिलेगा फायदा

कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बारिश धान, मक्का, अरहर, उड़द और अन्य खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। पर्याप्त नमी मिलने से बीजों का अंकुरण बेहतर होगा और पौधों की वृद्धि भी तेज होगी।

हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी, वहां जलभराव की स्थिति बनने पर फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। इसलिए किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।

शहरों में जलजमाव की आशंका

बारिश के कारण राजधानी पटना समेत कई शहरी क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या भी पैदा हो सकती है। नगर निकायों को नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यातायात पुलिस ने भी लोगों से बारिश के दौरान सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है। फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों की सलाह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून फिलहाल बिहार में सक्रिय स्थिति में है और अगले कुछ दिनों तक कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों और चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों ने कहा कि गरज-चमक के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग खुले स्थानों पर न करें, बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें तथा खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

सरकार और प्रशासन की अपील

राज्य सरकार ने नागरिकों से मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि यदि कहीं वज्रपात या अन्य प्राकृतिक आपदा की घटना होती है तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।

अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की अपील की है।

बिहार में सक्रिय हुए मानसून ने किसानों को बड़ी राहत दी है और खेती-किसानी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बननी शुरू हो गई हैं। हालांकि बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में जहां एक ओर किसान अच्छी बारिश से उत्साहित हैं, वहीं दूसरी ओर लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए पूरी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। यदि आने वाले दिनों में मानसून इसी तरह सक्रिय रहा, तो राज्य में खरीफ फसलों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।