बजरंगबली मंदिर के बाद तीन दुकानों और एक घर पर धावा, पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर उठे सवाल

जगदीशपुर (भागलपुर): भागलपुर जिले के जगदीशपुर बाजार में बुधवार की रात अपराधियों ने आतंक का तांडव मचाया। एक ही रात में चोरों ने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए न केवल बजरंगबली मंदिर के दानपात्र को अपना निशाना बनाया, बल्कि बाजार की तीन दुकानों और एक रिहायशी घर का ताला तोड़कर लाखों की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। एक साथ हुई इन वारदातों से पूरे बाजार में दहशत का माहौल है और स्थानीय व्यापारियों ने इसे पुलिस की विफलता करार दिया है।

वारदात का विवरण: सिलसिलेवार चोरियां

जगदीशपुर बाजार के मुख्य चौक से सटे इलाकों में चोरों ने पूरी योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया। सबसे पहले चोरों ने बाजार के बीचों-बीच स्थित प्रसिद्ध बजरंगबली मंदिर के मुख्य द्वार का ताला तोड़ा और वहां रखी दानपेटी से नकदी चुराई।

मंदिर की चोरी से उत्साहित अपराधियों का हौसला इतना बढ़ा कि उन्होंने पास के ही व्यावसायिक क्षेत्र की ओर रुख किया।

दुकानों को बनाया निशाना: चोरों ने सिलसिलेवार तरीके से तीन दुकानों के शटर के ताले तोड़े। इन दुकानों से नकदी के साथ-साथ कीमती सामान भी गायब कर दिया गया।

आवासीय परिसर में चोरी: दुकानों के बाद चोरों ने एक स्थानीय व्यक्ति के घर को निशाना बनाया। घर के सदस्य गहरी नींद में थे, इसका फायदा उठाकर अपराधियों ने मुख्य दरवाजे का ताला काटा और अलमारी में रखे जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गए।

पीड़ितों का दर्द: 'सुरक्षित नहीं अब कोई'

एक पीड़ित दुकानदार ने बिलखते हुए बताया, "हमने दिन-रात मेहनत कर अपना छोटा सा व्यवसाय खड़ा किया था। चोरों ने न केवल नकदी चुराई, बल्कि दुकान का जरूरी सामान भी नष्ट कर दिया। अब हम अपनी रोजी-रोटी कैसे चलाएंगे?"

वहीं, घर में चोरी के शिकार हुए परिवार का कहना है कि चोरों के आने की आहट उन्हें नहीं मिली। जब सुबह उनकी नींद खुली, तब जाकर उन्हें वारदात का पता चला। घर का सामान बिखरा पड़ा था और कीमती आभूषण गायब थे।

पुलिस की गश्ती पर सवालिया निशान

जगदीशपुर बाजार के व्यापारियों में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा है। उनका कहना है कि बाजार में सुरक्षा के दावे केवल कागजों तक ही सीमित हैं।

गश्ती की कमी: स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के सन्नाटे में पुलिस की गाड़ी गश्त करती नहीं दिखती। यदि पुलिस की सक्रिय गश्त होती, तो एक रात में इतनी सारी चोरियां संभव नहीं थीं।

अपराधियों के हौसले बुलंद: दिनदहाड़े और रात के अंधेरे में होने वाली ये वारदातें यह दर्शाती हैं कि अपराधियों को कानून का कोई डर नहीं है।

पुलिस की प्रतिक्रिया: मामले की जांच शुरू

सूचना मिलते ही जगदीशपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मुआयना किया। पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स को भी बुलाया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा, "हम बाजार और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रहे हैं। जल्द ही गिरोह का पता लगा लिया जाएगा।"

पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने घरों और दुकानों में बेहतर क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे और अलार्म सिस्टम लगवाएं ताकि चोरों की पहचान आसानी से हो सके।

व्यापारियों का आक्रोश: बाजार बंद करने की चेतावनी

इस घटना के विरोध में स्थानीय व्यापारी संघ ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 48 घंटे के भीतर चोरों की गिरफ्तारी नहीं हुई और चोरी हुए सामान की बरामदगी नहीं की गई, तो पूरा जगदीशपुर बाजार अनिश्चितकालीन बंद रहेगा।

व्यापारियों ने मांग की है कि:

पुलिस पिकेट की तैनाती: मुख्य बाजार में रात के समय पुलिस की स्थायी पिकेट की तैनाती की जाए।

सघन चेकिंग: संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष दस्ता बनाया जाए।

क्षतिपूर्ति: जो दुकानदार और परिवार इस चोरी में बर्बाद हुए हैं, उन्हें उचित सहायता मिले।

प्रशासन के लिए चुनौती

जगदीशपुर बाजार में हुई ये वारदाते न केवल चोरी की घटनाएं हैं, बल्कि यह आम लोगों की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही का बड़ा इम्तिहान है। एक ही रात में मंदिर, दुकान और घर का निशाना बनना स्पष्ट करता है कि यह किसी पेशेवर गिरोह का काम है।

अब प्रशासन के लिए चुनौती केवल चोरों को पकड़ना नहीं है, बल्कि उस खोए हुए विश्वास को बहाल करना है जो स्थानीय निवासियों का पुलिस से कम हो गया है। जगदीशपुर के लोग अब उम्मीद भरी निगाहों से पुलिस की ओर देख रहे हैं। क्या पुलिस इस बड़ी चोरी का खुलासा करके अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज पाएगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल जगदीशपुर की रातें अब डर के साये में कट रही हैं।