नगरांचल में गरमाया धर्मांतरण का मुद्दा विश्व हिंदू परिषद की बैठक में विदेशी फंडिंग और प्रलोभन पर गहरी चिंता व्यक्त
नवगछिया/भागलपुर: बिहार के नवगछिया क्षेत्र में आयोजित विश्व हिंदू परिषद (VHP) की एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान क्षेत्र में धर्म परिवर्तन की बढ़ती घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर कुछ मिशनरियों और संगठनों द्वारा धर्म विशेष के लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर उनका धर्मांतरण कराने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर विस्तार से मंथन करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने इसे सामाजिक ताने-बाने और स्थानीय संस्कृति के लिए एक बड़ी चुनौती करार दिया है।
बैठक में उठे मुख्य बिंदु और गंभीर आरोप
विश्व हिंदू परिषद की इस बैठक में धर्म परिवर्तन से जुड़े कई कानूनी और सामाजिक पहलुओं को उजागर किया गया:
प्रलोभन के जरिए धर्मांतरण: सदस्यों ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर भोले-भाले लोगों को लालच दिया जा रहा है और उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
विदेशी फंडिंग का मामला: बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि इस प्रकार की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अवैध रूप से बाहरी और विदेशी फंडिंग (Foreign Funding) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
आरक्षण के दुरुपयोग की शिकायत: वक्ताओं ने यह भी मुद्दा उठाया कि धर्म बदलने के बाद भी कुछ लोग नियमों के विपरीत सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है और इसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक दखल की मांग
वीएचपी नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस तरह की गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है:
ज्ञापन और अल्टीमेटम: संगठन की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि इन मामलों से जुड़े साक्ष्यों को एकत्रित कर जिला प्रशासन और पुलिस के बड़े अधिकारियों को सौंपा जाएगा, ताकि दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जा सके।
जागरूकता अभियान: संगठन अपने स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को ऐसे बहकावे में आने से बचाने का प्रयास करेगा।
नवगछिया में विश्व हिंदू परिषद की इस बैठक और धर्म परिवर्तन के खिलाफ उठे तीखे स्वरों ने एक बार फिर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। स्थानीय स्तर पर इन गतिविधियों की रोकथाम के लिए प्रशासन पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है, और आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर सियासी व सामाजिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।