उर्दू बाजार और हनुमान पथ की बदहाल सड़कों पर चलना मुश्किल, बारिश में कीचड़ और जलजमाव ने बढ़ाई परेशानी

भागलपुर, : शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के नाम पर चल रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य ने कई इलाकों के लोगों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। बुडको की कार्यशैली को लेकर अब स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। उर्दू बाजार और तिलकामांझी स्थित हनुमान पथ में पाइपलाइन बिछाने के लिए कई महीने पहले सड़कों और गलियों की खुदाई की गई थी, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी सड़क की ढंग से मरम्मत नहीं कराई गई। परिणामस्वरूप, पहले से जर्जर सड़कें और गलियां अब और बदहाल हो गई हैं। बारिश के मौसम में हालात सबसे अधिक खराब हैं। खुदाई वाले हिस्सों में पानी भर रहा है, कीचड़ फैल रहा है और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास और सुविधा के नाम पर सड़क काटना तो आसान है, लेकिन उसे पहले की स्थिति में वापस लाना संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी होनी चाहिए। पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क को लंबे समय तक बदहाल छोड़ देना आम लोगों के साथ अन्याय है। उर्दू बाजार और हनुमान पथ के निवासी रोजाना इस समस्या का सामना कर रहे हैं।

उर्दू बाजार रोड की हालत बदतर

उर्दू बाजार रोड में पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क को कई जगहों पर काटा गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, काम के दौरान खोदे गए हिस्सों को बाद में पूरी तरह पक्का कर समतल नहीं किया गया। इससे सड़क की सतह असमान हो गई है और कई स्थानों पर गड्ढे तथा धंसे हुए हिस्से बने हुए हैं।

बारिश होते ही इन गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे राहगीरों को यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि पानी के नीचे सड़क कितनी गहरी और खराब है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहन का संतुलन बिगड़ने से दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।

इलाके के निवासियों कुमार शानु, अभिमन्यु और वेद प्रकाश ने बताया कि उर्दू बाजार रोड की हालत पहले भी बहुत अच्छी नहीं थी। पाइपलाइन कार्य के लिए जगह-जगह खुदाई के बाद सड़क और अधिक खराब हो गई। लोगों की परेशानी यह है कि कार्य पूरा होने के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। अब बारिश के दौरान कीचड़ और जलजमाव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

उर्दू बाजार रोड से बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों का आवागमन होता है। मुख्य मार्गों पर जाम लगने की स्थिति में भी कई लोग इस रास्ते का उपयोग करते हैं। इससे सड़क पर वाहनों का दबाव बना रहता है। कुछ महीने पहले की रिपोर्ट में भी बताया गया था कि हाउस कनेक्शन देने के लिए सड़क को कई स्थानों पर काटा गया था और सड़क की समय पर मरम्मत नहीं होने से इसकी स्थिति खराब होती गई। उस समय बुडको की ओर से सड़क मरम्मत कराने का आश्वासन दिया गया था।

हनुमान पथ में संकरी गली से गुजरना चुनौती

तिलकामांझी स्थित हनुमान पथ की स्थिति भी कम गंभीर नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां पहले नाला सफाई के दौरान कई स्थानों पर स्लैब तोड़े गए थे। इसके बाद पाइपलाइन बिछाने के लिए गली की सड़क खोद दी गई। लेकिन पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद मरम्मत नहीं कराई गई।

ललन कुमार, चंद्रकांत सिंह और कैलाश कुमार ने बताया कि पिछले करीब तीन महीनों से सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। यह इलाका पहले ही संकरी गली वाला है। ऐसे में खुदाई के बाद जगह-जगह मिट्टी, गिट्टी और उबड़-खाबड़ सतह के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन फंसने और लोगों के गिरकर चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।

बरसात के समय समस्या कई गुना बढ़ जाती है। कीचड़ होने के कारण लोग फिसलने से बचने के लिए बहुत संभलकर चलते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह रास्ता विशेष रूप से जोखिम भरा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब किसी गली में एक साथ नाला, पाइपलाइन और अन्य निर्माण कार्यों के लिए खुदाई की जाती है, तो काम समाप्त होने के बाद सड़क की तत्काल मरम्मत जरूरी है।

बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

बरसात के मौसम में सड़क की मरम्मत न होने का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। उर्दू बाजार और हनुमान पथ में खुदाई वाले हिस्सों में बारिश का पानी जमा हो रहा है। कई जगह सड़क की मिट्टी धंस रही है। वाहनों के गुजरने से गड्ढे और गहरे हो रहे हैं।

सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे, कामकाजी लोग और बाजार आने-जाने वाले नागरिक रोज इस परेशानी से जूझ रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक कठिनाई हो रही है। गड्ढों और कीचड़ से बचने के प्रयास में वाहन चालक कई बार फिसलने से बचते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क को केवल मिट्टी या गिट्टी से भर देना स्थायी समाधान नहीं है। सड़क को उसकी मूल स्थिति के अनुसार समतल और पक्का किया जाना चाहिए। अन्यथा कुछ ही दिनों में सड़क फिर से टूट जाती है और लोगों की परेशानी शुरू हो जाती है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

भागलपुर में पाइपलाइन कार्य के बाद सड़कों की मरम्मत में देरी को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। शहर के कई इलाकों में पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई के बाद लंबे समय तक मरम्मत नहीं होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। जनवरी में भी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि कई मोहल्लों की सड़कें पाइपलाइन कार्य के बाद बदहाल हुईं और संबंधित एजेंसी को सड़क को पूर्ववत स्थिति में बहाल करना चाहिए।

जून में मानसून से पहले भी उर्दू बाजार और हनुमान पथ समेत कई इलाकों में पाइपलाइन कार्य के लिए खुदाई की जानकारी सामने आई थी। उस समय ही स्थानीय लोगों ने आशंका जताई थी कि बारिश से पहले सड़कें खोदकर छोड़ देने पर कीचड़ और आवागमन की समस्या बढ़ सकती है।

लोगों का सवाल—काम पूरा हुआ तो सड़क क्यों नहीं बनी?

स्थानीय लोगों का सबसे बड़ा सवाल है कि जब पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, तो सड़क की मरम्मत अब तक क्यों नहीं हुई। लोगों का कहना है कि सड़क काटने से पहले संबंधित एजेंसी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पाइपलाइन कार्य पूरा होते ही क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की जाएगी।

निवासियों के अनुसार, विकास योजनाओं का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है, परेशानी नहीं। यदि जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई जा रही है तो यह निश्चित रूप से जरूरी कार्य है, लेकिन इसके कारण लोगों को महीनों तक टूटी सड़क और कीचड़ में चलने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

एजेंसी को दिए गए सख्त निर्देश : परियोजना उपनिदेशक

इस संबंध में बुडको के परियोजना उपनिदेशक मो. सद्दाम ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने वाली एजेंसी को काम पूरा होने के बाद सड़कों की मरम्मत के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर एजेंसी द्वारा मरम्मत का काम नहीं किया गया है, तो मामले की जांच कर संबंधित एजेंसी से जवाब मांगा जाएगा।

अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अधिकारियों के निर्देश के बाद उर्दू बाजार और हनुमान पथ की सड़कों की जल्द मरम्मत होगी। लोगों की मांग है कि केवल अस्थायी भराई के बजाय सड़क को पूरी तरह समतल और पक्का बनाया जाए, ताकि बारिश के मौसम में बार-बार वही समस्या पैदा न हो।

स्थायी समाधान की जरूरत

शहरवासियों का कहना है कि जलापूर्ति और पाइपलाइन परियोजनाओं के साथ सड़क पुनर्स्थापन की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। किसी भी इलाके में खुदाई शुरू करने से पहले एजेंसी को यह तय करना चाहिए कि काम पूरा होने के कितने दिनों के भीतर सड़क को पूर्ववत स्थिति में बहाल किया जाएगा।

उर्दू बाजार और हनुमान पथ की मौजूदा स्थिति यह बताती है कि केवल निर्माण कार्य शुरू करना पर्याप्त नहीं है। किसी भी योजना की सफलता तभी मानी जाएगी, जब काम पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों की सड़क, नाला और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी पहले की तरह सुरक्षित और सुचारू हों।

फिलहाल, दोनों इलाकों के लोग सड़क मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़क को महीनों तक बदहाल छोड़ देना स्वीकार्य नहीं है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय लोग संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं।