कारी कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से बलिया घाट का चचरी पुल डूबा, आवागमन बाधित; ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले में लगातार हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण कारी कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर में वृद्धि का असर अब नदी किनारे बसे गांवों में साफ दिखाई देने लगा है। रूपौली प्रखंड के बलिया घाट स्थित चचरी (बांस और लकड़ी से निर्मित अस्थायी) पुल पर नदी का पानी चढ़ जाने से स्थानीय लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इस स्थिति ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह पुल कई गांवों को मुख्य सड़क और बाजार से जोड़ने का प्रमुख साधन है।
स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी भी नदी के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है।
लगातार बढ़ रहा है कारी कोसी नदी का जलस्तर
पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण कारी कोसी नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से भी बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है और यदि यही स्थिति बनी रही तो आसपास के कई गांव भी प्रभावित हो सकते हैं। नदी किनारे रहने वाले परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है।
चचरी पुल पर चढ़ा पानी
रूपौली प्रखंड के बलिया घाट पर बना चचरी पुल ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा माना जाता है। यह अस्थायी पुल नदी के दोनों किनारों को जोड़ता है और प्रतिदिन हजारों लोग इसी रास्ते से बाजार, स्कूल, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचते हैं।
जलस्तर बढ़ने के कारण पुल पूरी तरह पानी में डूबने लगा है। तेज बहाव के चलते पुल से आवाजाही करना बेहद जोखिम भरा हो गया है। सुरक्षा की दृष्टि से कई लोगों ने इस मार्ग का उपयोग बंद कर दिया है।
ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
चचरी पुल पर पानी चढ़ने के बाद आसपास के गांवों के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों को स्कूल और कॉलेज जाने में परेशानी हो रही है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कतें आ रही हैं। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जबकि दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल बंद होने से उन्हें कई किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त खपत हो रही है।
प्रशासन की निगरानी जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखना शुरू कर दिया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है।
आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर
जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने भी स्थिति की समीक्षा की है। अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी के पास नहीं जाने की सलाह देने को कहा है।
नावों, राहत सामग्री और आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
किसानों की बढ़ी चिंता
कारी कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। यदि नदी का पानी खेतों में फैलता है तो धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने इस वर्ष अच्छी फसल की उम्मीद के साथ खेती की है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर जोर
प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बच्चों और बुजुर्गों को नदी के किनारे जाने से रोकें।
तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की सलाह भी दी गई है। लोगों से कहा गया है कि केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
स्थायी पुल की मांग फिर हुई तेज
हर वर्ष बरसात के मौसम में चचरी पुल के डूबने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने एक बार फिर सरकार से बलिया घाट पर स्थायी पुल निर्माण की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि यदि पक्का पुल बन जाए तो हर वर्ष आने वाली इस समस्या से स्थायी समाधान मिल सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। यदि बारिश जारी रहती है तो कारी कोसी नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड में कारी कोसी नदी का बढ़ता जलस्तर स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है। बलिया घाट स्थित चचरी पुल पर पानी चढ़ जाने से आवागमन प्रभावित हो गया है और हजारों लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है। वहीं, ग्रामीणों ने सुरक्षा उपायों के साथ-साथ इस क्षेत्र में स्थायी पुल निर्माण की मांग भी तेज कर दी है, ताकि भविष्य में हर मानसून के दौरान होने वाली इस परेशानी से स्थायी राहत मिल सके।