नीट यूजी परीक्षा में चमकीं दोगड़ा गाँव की सना फातमा: आल इंडिया रैंक 22120 प्राप्त कर रचा इतिहास, सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया

 

देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) के परिणामों में बिहार के ग्रामीण इलाकों के मेधावी छात्र-छात्राओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इसी कड़ी में दोगड़ा गाँव की रहने वाली प्रतिभावान छात्रा सना फातमा ने इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन के बल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 22120 हासिल किया है। उनकी इस कामयाबी से पूरे इलाके में जश्न का माहौल है और परिवार के साथ-साथ गाँव का नाम भी रोशन हुआ है।

मुख्य बिंदु: स्कोर, रैंक और प्रतिशतता (Score, Rank & Percentile)

सना फातमा ने नीट-यूजी परीक्षा में अपनी मेहनत के दम पर बेहतरीन स्कोर और रैंक प्राप्त किया है, जो मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

आल इंडिया रैंक (AIR): सना फातमा ने अखिल भारतीय स्तर पर 22120वां रैंक प्राप्त किया है, जो उनकी उच्च बौद्धिक क्षमता और तैयारी की उत्कृष्टता को दर्शाता है।

ओबीसी श्रेणी रैंक (OBC Rank): अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के अंतर्गत उनका ऑल इंडिया रैंक 10568 रहा है, जिससे उन्हें काउंसलिंग प्रक्रिया में काफी लाभ मिलने की उम्मीद है।

शानदार परसेंटाइल: उन्होंने परीक्षा में 98.87 परसेंटाइल हासिल किया है, जो यह साबित करता है कि उन्होंने देश भर के लाखों परीक्षार्थियों के बीच कड़े मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को

अपनी इस बड़ी सफलता के बाद सना फातमा ने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और परिवार के मार्गदर्शन को दिया है।

माता-पिता का अटूट समर्थन: सना का मानना है कि विपरीत परिस्थितियों में भी उनके माता-पिता ने उनकी पढ़ाई में कभी कोई रुकावट नहीं आने दी। हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अथक परिश्रम और नियमित अध्ययन: अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए सना ने बताया कि उन्होंने बिना किसी शॉर्टकट के रोजाना नियमित रूप से घंटों पढ़ाई की और अपने कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान दिया।

शिक्षकों का मार्गदर्शन: उन्होंने अपने स्कूल के शिक्षकों और कोचिंग के मार्गदर्शकों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सही समय पर सही रणनीति के साथ उनकी तैयारी में अहम भूमिका निभाई।

दोगड़ा गाँव में जश्न और प्रेरणा का माहौल

सना फातमा की इस सफलता से उनके पैतृक गाँव दोगड़ा और आसपास के पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।

गाँव में बधाई देने वालों का तांता: जैसे ही नीट-यूजी में सना के शानदार रैंक की खबर गाँव पहुँची, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और शुभचिंतकों का उनके घर आना-जाना शुरू हो गया। लोगों ने उन्हें मिठाई खिलाकर और माला पहनाकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

ग्रामीण इलाकों की बेटियों के लिए प्रेरणा: सना की यह सफलता उन तमाम ग्रामीण इलाकों की छात्र-छात्राओं के लिए एक मिसाल बन गई है जो संसाधनों की कमी के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का जज्बा रखते हैं।

भविष्य की डॉक्टर: सना फातमा का सपना एक कुशल चिकित्सक (Doctor) बनकर समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है, जिसके लिए उन्होंने अपनी इस सफलता को पहला बड़ा कदम बताया है।

 

दोगड़ा गाँव की बेटी सना फातमा ने नीट-यूजी परीक्षा में 22120वीं रैंक और 98.87 परसेंटाइल हासिल कर यह साबित कर दिया है कि लगन और पक्के इरादे से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। माता-पिता के आशीर्वाद और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, वह न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए गौरव की बात है। हम उनके उज्ज्वल भविष्य और एक सफल डॉक्टर बनने की कामना करते हैं।