जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा और सुविधाओं को किया जा रहा चाक-चौबंद, उमड़ेंगे लाखों श्रद्धालु

सहरसा/सिमरीबख्तियारपुर: बिहार के सुप्रसिद्ध और आस्था के महान केंद्र सहरसा जिले के सिमरीबख्तियारपुर अनुमंडल स्थित ऐतिहासिक बाबा मटेश्वर धाम में आगामी पावन श्रावणी मेला-2026 को लेकर प्रशासनिक हलकों और स्थानीय स्तर पर सरगर्मी काफी तेज हो गई है। सावन के पवित्र महीने में बाबा मटेश्वर के दरबार में जलाभिषेक करने के लिए न केवल सहरसा बल्कि देश-विदेश और बिहार के कोने-कोने से लाखों की संख्या में कांवरिए और श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की इस अपार भीड़ को नियंत्रित करने, उन्हें सुगम जलाभिषेक का अवसर देने और विधि-व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर उच्चस्तरीय समन्वय स्थापित करना शुरू कर दिया है।

मेले के सफल और सुरक्षित आयोजन को लेकर प्रशासन की ओर से युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बाबा मटेश्वर धाम की महत्ता और श्रावणी मेला-2026 का स्वरूप

बाबा मटेश्वर धाम का मंदिर उत्तर बिहार के सबसे प्राचीन और पवित्र शिव मंदिरों में शुमार किया जाता है। सावन के पूरे महीने भर यहां मेला लगा रहता है, जिसमें बोल बम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठता है।

लाखों श्रद्धालुओं का आगमन: हर साल सावन मास के प्रत्येक सोमवार और सामान्य दिनों में भी लाखों की संख्या में शिव भक्त यहां पहुंचते हैं और बाबा मटेश्वर को जल अर्पित करते हैं। वर्ष 2026 के श्रावणी मेले को लेकर इस बार भक्तों की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन अभी से ही अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है।

जिला प्रशासन के साथ मजबूत समन्वय: सिमरीबख्तियारपुर स्थानीय प्रशासन ने सहरसा जिला मुख्यालय के साथ सीधा समन्वय स्थापित किया है ताकि बड़े स्तर पर होने वाले इस राजकीय स्तर के आयोजन के लिए बजट, पुलिस बल, मजिस्ट्रेट की तैनाती और आधारभूत संरचनाओं का विकास समय रहते पूरा किया जा सके।

सुरक्षा व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर

लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखना जिला और स्थानीय प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। इसे ध्यान में रखते हुए श्रावणी मेला-2026 के दौरान सुरक्षा के कड़े और अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रहे हैं।

पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती: मंदिर परिसर, गर्भ गृह के आसपास, प्रवेश व निकास द्वारों तथा पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों (Magistrates) की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। असामाजिक तत्वों और उचक्कों पर पैनी नजर रखने के लिए सादे लिबास में भी पुलिस बलों को तैनात किया जाएगा।

सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम: मंदिर परिसर और पूरे मेला क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा। इसके लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष (Control Room) बनाया जाएगा जहां से चौबीसों घंटे हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

यातायात और वाहन पार्किंग प्रबंधन: श्रावणी मेले के दौरान भारी भीड़ के कारण सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और उनके लिए वैकल्पिक मार्ग (Diversion) तय करने की योजना बनाई गई है। साथ ही, श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए मंदिर से कुछ दूरी पर सुरक्षित और खुले पार्किंग जोन चिन्हित किए जा रहे हैं।

श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं: पेयजल, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष जोर

प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति इस बात को लेकर पूरी तरह गंभीर है कि सावन के महीने में उमड़ने वाली भीड़ को बुनियादी सुविधाएं सुगमता से मिल सकें।

पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था: भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम को देखते हुए कांवरियों के आने-जाने वाले मुख्य मार्गों पर तथा मंदिर परिसर के आसपास शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के लिए चापाकल, वाटर टैंक और प्याऊ स्थापित किए जा रहे हैं।

चिकित्सा शिविर और एम्बुलेंस: श्रद्धालुओं की सेहत और आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्थाई चिकित्सा शिविर (Medical Camp) और जीवन रक्षक दवाओं से लैस एम्बुलेंस की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके।

स्वच्छता और साफ-सफाई: बाबा मटेश्वर धाम आने वाले भक्तों की आस्था को ध्यान में रखते हुए पूरे मेला परिसर में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की जा रही है। जगह-जगह कचरा पात्र (Dustbins) लगाए जाएंगे और सफाई कर्मियों की विशेष टीम को तैनात किया जाएगा ताकि परिसर में हर समय स्वच्छता बनी रहे।

प्रशासनिक प्रतिबद्धता और जनप्रतिनिधियों की भूमिका

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बाबा मटेश्वर धाम का श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का प्रतीक है। इसे लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंडा समाज और स्वयंसेवी संगठनों के साथ भी लगातार बैठकें की जा रही हैं ताकि सभी के सहयोग से मेले को शांतिपूर्ण, अनुशासित और भव्य तरीके से संपन्न कराया जा सके।

श्रावणी मेला-2026 के सफल संचालन को लेकर प्रशासन की यह अग्रिम तैयारियां इस बात का प्रमाण हैं कि इस बार बाबा मटेश्वर धाम आने वाले हर एक शिव भक्त की यात्रा सुरक्षित, मंगलमय और सुगम होगी।