सहरसा सिविल कोर्ट परिसर में सनसनीखेज वारदात: रिमांड के दौरान पुलिस को चकमा देकर भागा अभियुक्त नितिश कुमार, दीवार कूदकर पोखर में कूदने से हुआ घायल और फिर गिरफ्तार
सहरसा: बिहार के सहरसा जिला मुख्यालय स्थित सिविल कोर्ट परिसर से सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक और एक दुस्साहसिक घटना का मामला सामने आया है। न्याय मंडल में उस वक्त हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई जब 19 जुलाई को न्यायालय में पेशी और रिमांड (Remand) की प्रक्रिया के दौरान एक शातिर अभियुक्त पुलिस हिरासत से भागने में सफल हो गया। अभियुक्त ने बेहद शातिर तरीके से शौच जाने का बहाना बनाया और फिर सुरक्षा में तैनात चौकीदारों को चकमा देकर कोर्ट की ऊंची दीवार फांद गया। भागने की हड़बड़ी में वह पास के एक पोखर में जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेर लिया और कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा दबोच लिया। इस घटना से न्याय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना की पृष्ठभूमि और रिमांड के दौरान चकमा देने का खेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने किसी मामले में आरोपी युवक नितिश कुमार को गिरफ्तार किया था। नियमानुसार 19 जुलाई को उसे न्यायिक हिरासत के तहत रिमांड पर सहरसा न्यायालय में पेश किया जाना था।
शौच का बहाना और सुरक्षा कर्मियों की चूक: न्यायालय परिसर में पेशी से पहले या कागजी कार्रवाई के दौरान अभियुक्त नितिश कुमार ने पेट खराब होने या शौच जाने की इच्छा जताई। पुलिस अभिरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों और चौकीदारों ने मानवता और प्रक्रिया के तहत उसे शौच जाने की अनुमति दी।
अचानक उठाया गया कदम: शौच जाने के नाम पर वह सुरक्षित स्थान की तरफ गया, लेकिन उसके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। जैसे ही उसे थोड़ा मौका मिला, उसने पुलिसकर्मियों की नजरें बचाकर भागने की योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया।
कोर्ट की दीवार कूदना और पोखर में गिरकर घायल होना
अभियुक्त नितिश कुमार ने पुलिस को गच्चा देते हुए कोर्ट परिसर की चारदीवारी (Boundary Wall) की तरफ दौड़ लगा दी।
दीवार फांदकर भागने की कोशिश: उसने अपनी जान की परवाह न करते हुए अदालत परिसर की ऊंची दीवार पर छलांग लगा दी और उसे पार कर गया। लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि दीवार के दूसरी तरफ का भूभाग कैसा है।
पोखर में गिरना और चोटिल होना: दीवार कूदने के तुरंत बाद हड़बड़ी में वह नीचे स्थित एक गहरे पोखर (Pond) या पानी भरे गड्ढे में सीधे जा गिरा। पोखर में गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं और वह पानी तथा कीचड़ में बुरी तरह फंस गया, जिससे उसकी भागने की रफ्तार धीमी पड़ गई।
पुलिस बल की त्वरित घेराबंदी और दोबारा गिरफ्तारी
जैसे ही अभियुक्त के भागने की खबर सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को मिली, पूरे कोर्ट परिसर में सायरन जैसी स्थिति बन गई। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर तुरंत तलाशी अभियान चलाया गया।
घायल अवस्था में पकड़ा गया अभियुक्त: पुलिस टीम ने जब भागने वाले रास्ते का पीछा किया तो पाया कि नितिश कुमार पोखर में गिरकर घायल हो गया है और चोट के कारण भागने में असमर्थ है। पुलिस ने बिना देर किए स्थानीय लोगों और अन्य जवानों की मदद से उसे पोखर से बाहर निकाला।
अस्पताल में इलाज और कड़ी सुरक्षा: पानी और कीचड़ से लथपथ तथा चोटिल हालत में पकड़े गए अभियुक्त को पुलिस ने तुरंत हिरासत में लिया और उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा, जहां पुलिस पहरे के बीच उसका इलाज कराया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस दुस्साहसिक घटना के बाद सहरसा सिविल कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं।
लापरवाही की जांच: प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर न्यायालय परिसर जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में एक अभियुक्त शौच के बहाने इतनी दूर तक कैसे निकल गया और सुरक्षाकर्मी उसकी गतिविधियों पर नजर क्यों नहीं रख पाए।
अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नितिश कुमार के खिलाफ पूर्व के मामलों के अलावा अब पुलिस हिरासत से भागने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सुरक्षा चकमा देने के आरोप में एक नया आपराधिक मामला (FIR) दर्ज किया जा रहा है। इस घटना से पुलिस विभाग और जेल प्रशासन दोनों में हड़कंप मच गया है, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।